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ये हैं इंदौर के बजरंगी भाईजान, मूक-बधिर बच्चों के लिए बने 'फरिस्ता', अमिताभ बच्चन ने भी की तारीफ

जनसेवा की भावना के चलते एक दम्पति ने आज लाखों लोगों की जिंदगी में बदलाव लाकर सेवा के क्षेत्र में अपना लोहा मनवाया है. ए ...अधिक पढ़ें

    अंकित परमार/इंदौर. मध्य प्रदेश के इंदौर में एक ऐसी दम्पति है, जिसकी तुलना फिल्म बजरंगी भाईजान के नायक से की जा रही है. मूक-बधिर बच्चों के लिए इस दम्पति द्वारा कई कार्य किए जा रहे हैं. इंदौर की पुरोहित पुरोहित दम्पति ने इन लोगों का हाथ थाम कर समाज की मुख्यधारा में उन्हें शामिल किया. इंदौर में पुरोहित दम्पति मूक बधिर बच्चों की मदद के लिए आनंद सर्विस सोसाइटी नाम की एक संस्था चलाते हैं. इस संस्था की स्थापना 1997 में हुई. जिसका नाम ज्ञानेंद्र पुरोहित ने अपने भाई के नाम पर रखा.

    पुरोहित के भाई आनंद भी मूक-बधिर थे और ट्रेन में यात्रा के दौरान किसी ने उन्हें धक्का दे दिया. इस दर्दनाक हादसे में उनकी मौत हो गई थी. पुरोहित को इस बात से गहरा धक्का लगा और उनको इसका का मलाल था कि लोग उनके भाई को अक्सर चिढ़ाते थे. उन्होंने निश्चय किया कि अब वे भाई की याद में और उनकी तरह हजारों मूक-बधिर भाई-बहनों की मदद करेंगे. उन्होंने साइनिंग लेंग्वेज (सांकेतिक भाषा) सीखी और देश-विदेश के मूक-बधिरों पर अध्ययन किया. इस दौरान कई सवालों से उनका सामना हुआ, नए-नए विचार आए और उन्होंने मूक-बधिरों के जीवन की कठिनाइयों को दूर करने के बीड़ा उठाया और इस दिशा में कई कार्य किए जो माइल स्टोन बन गए.

    भयानक हादसे के शिकार हैं कुछ बच्चे
    मोनिका पुरोहित ने बताया, “कुछ बच्चों के साथ भयानक हादसे भी हुए हैं और वह यह जानकर हैरानी होती है कि ये बच्चे अपनी जिंदगी में इतने बुरे दौर से गुजर चुके हैं. लेकिन सच तो कड़वा होता है.” दोनों पति-पत्नी पूरी संवेदनशीलता के साथ इन बच्चों को इस मानसिक उथल-पुथल से बाहर निकलने और उन्हें न्याय दिलाने में मदद करते हैं. उनकी तरकीबें अनोखी हैं और वो अधिकारियों को भी इस मामले में संवेदनशीलता के साथ समझाते हैं कि वो बच्चा क्या कहने की कोशिश कर रहा है.

    लॉकडाउन में बने देशभर के मुख बधिरों की आवाज़
    ज्ञानेंद्र पुरोहित ने कहा, “जब लॉकडाउन की घोषणा हुई तो हमने महसूस किया कि हमारे देश के 70 लाख लोग मूक-बधिर हैं. हमें इस बात की चिंता थी कि यह सूचना उन तक कैसे पहुंचेगी. हमने तुरंत एक यूट्यूब चैनल बनाया और सांकेतिक भाषा के वीडियोज़ के जरिए लॉकडाउन के बारे में जानकारी देने की कोशिश की ताकि यह देश के सभी लोगों तक पहुंच सके.” लॉकडाउन के दौरान आनंद सर्विस सोसाइटी की ओर से भी सहायता की गई. ज्ञानेंद्र बताते हैं, “इन वीडियोज़ को देखने के बाद हमें गुरुग्राम के एक मूक-बधिर व्यक्ति से एक वीडियो कॉल आया. उन्होंने तीन दिनों से खाना नहीं खाया था और कोविड-19 की स्थिति के कारण उन्हें बाहर नहीं निकलने दिया गया था.

    ज्ञानेन्द्र का कहना है कि हम उन तक पहुंचे और उन्हें राशन उपलब्ध कराया.” मोनिका पुरोहित ने भी जरूरतमंदों की मदद करने के बारे में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा, “हमें काफी संघर्ष के बाद सफलता मिली, लेकिन हम इस पर डटे रहे और इससे हमें अनेक लोगों तक पहुंचने में मदद मिली. हमारी संस्था के बच्चे जिन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी कर ली है, अब सरकारी नौकरियों में हैं, और वे उन लोगों के लिए प्रशिक्षक बन गए हैं जो सुन और बोल नहीं सकते”

    जब केबीसी में अमिताभ ने बुलाया
    पुरोहित दम्पति को केबीसी सीज़न 12 में कर्मवीर एपिसोड में बुलाकर अमिताभ बच्चन ने उनको सम्मानित भी किया था. ज्ञानेंद्र पुरोहित बताते हैं कि वहाँ से मिली रकम को भी उन्होंने इन्ही बच्चों की सेवा में लगाई है.

    Tags: Indore news, Madhya pradesh news

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