हनीट्रैप मामले की जांच CBI को सौंपी जाए या नहीं हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित
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हनीट्रैप मामले की जांच CBI को सौंपी जाए या नहीं हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित
हाईकोर्ट की इंदौर पीठ में एक साथ 6 याचिकाओं पर सुनवाई हो रही थी

हनीट्रैप (honey trap) मामले में कुल 6 याचिका दायर की गई थीं.इनमें से चार जनहित याचिका हैं. दो याचिकाओं में से एक आरोपी श्वेता पति विजय जैन की और दूसरी आयकर विभाग (income tax) की तरफ दायर की गई है.

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इंदौर.मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के हाई प्रोफाइल हनीट्रैप (honey trap) मामले में दायर सभी याचिकाओं पर इंदौर हाइकोर्ट में मंगलवार को सुनवाई पूरी हो गई. फिलहाल, कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. इन सभी याचिकाओं में हनीट्रैप केस की निष्पक्ष जांच और सीबीआई को सौंपने की मांग की गयी है. फिलहाल इस मामले की जांच एसआईटी कर रही है.

CBI जांच की मांग
चार जनहित याचिकाओं की बात की जाए तो सबसे पहली जनहित याचिका दिग्विजय सिंह भंडारी ने लगाई थी.इस के जरिए मांग की गयी है कि इस मामले के शिकायत कर्ता निगम इंजीनियर हरभजन सिंह को भी आरोपी बनाया जाए. वहीं,हनीट्रैप मामले में गठित एसआईटी भी आरोपी पक्ष को बचाना चाहती है.लिहाजा पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जाए.

याचिकाओं का सार
दूसरी याचिका शिरीष मिश्रा की है. इसमें भी हनीट्रैप मामले की निष्पक्ष जांच के लिए कहा गया है. अन्य याचिकाकर्ता धर्मेंद्र चेलावत ने भी इसी तरह की मांग की है. चौथी याचिका आरोपी बरखा सोनी की और से लगाई गई है. इस याचिका में बरखा सोनी की गिरफ्तारी को गलत बताया गया है.



आयकर विभाग ने मांगा ब्यौरा
इन चार याचिका के अलावा दो अन्य रिट पिटीशन की भी सुनवाई की गई. इसमें से एक पिटीशन आरोपी श्वेता पति विजय जैन की ओर से दायर की गई है.उसने मांग की कि जो भी इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस पुलिस ने जुटाए उसकी जानकारी आरोपी पक्ष को भी दी जाए. आयकर विभाग ने अपनी याचिका में एसआईटी ने जो भी साबुत हासिल किए हैं,उन्हें आयकर विभाग के साथ साझा करने की मांग की है. हनीट्रैप मामले में बड़ी संख्या में अवैध तौर पर रुपयों को लेन देन भी हुआ है. आयकर विभाग इस संबंध में आरोपियों से पूछताछ भी कर चुका है.

SIT को फटकार
हनीट्रैप मामले में सुनवाई के दौरान अब तक हाइकोर्ट बार बार एसआईटी को फटकार लगा चुका है.हाइकोर्ट के आदेश पर ही एसआईटी ने गोपनीय रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल कर दी है.इसके अलावा सीबीआई भी हाईकोर्ट के आदेश पर पूरे मामले की जांच के लिए सहमति जता चुकी है. अब हाइकोर्ट के फैसले के बाद ही पता चलेगा कि जांच सीबीआई को सौंपी जाए या नहीं.

याचिकाकर्ता के वकील सीनियर एडवोकेट मनोहर दलाल के मुताबिक़ सभी याचिकाओं पर आज सुनवाई पूर्ण हो चुकी है.संभवत: अगले सप्ताह न्यायालय फैसला सुना देगी. न्यायालय के आदेश पर ही तय होगा कि हनीट्रैप की जांच किसको सौंपी जाएगी.
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