हनी ट्रैप मामलाः आरोपी श्वेता और जेलर की मुलाकात की वायरल तस्वीरों से खलबली, भोपाल से जांच को पहुंचे DIG
Indore News in Hindi

हनी ट्रैप मामलाः आरोपी श्वेता और जेलर की मुलाकात की वायरल तस्वीरों से खलबली, भोपाल से जांच को पहुंचे DIG
हनी ट्रैप मामले की आरोपी श्वेता और जेलर के मुलाकात की तस्वीरें हुईं वायरल.

Honey Trap Case: इंदौर जिला जेल (Indore Jail) में हनी ट्रैप मामले की आरोपी कैदी और जेलर के मुलाकात की तस्वीरें वायरल होने के बाद महिला वार्ड से शैंपू, सौंदर्य प्रसाधन और मूंगफली बरामद. डीआईजी जेल (DIG Jail) ने कहा- पूरे मामले की होगी जांच.

  • Share this:
इंदौर. मध्य प्रदेश के चर्चित हनी ट्रैप मामले (Honey Trap Case) में जेल में बंद महिला आरोपी श्वेता और जेलर के बीच मुलाकात की वायरल तस्वीरों (Viral Photos) ने सुस्त पड़े इस मामले को फिर सुर्खियों में ला दिया है. सोशल मीडिया (Socail Media) पर इन तस्वीरों के वायरल होने के बाद जेल डीआईजी (DIG Jail) आज सुबह जांच-पड़ताल के लिए जिला जेल पहुंचे. डीआईजी के आने के बाद जेल में अलसुबह महिला वार्ड समेत संवेदनशील हिस्सों में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया. महिला वार्ड में शैंपू, सौंदर्य सामग्री और मूंगफली के दाने मिले. बताया गया कि महिला बंदी को जेल डॉक्टर के कहने पर सौंदर्य साम्रगी मुहैया कराई गई थी.

दरअसल, सोशल मीडिया पर वायरल हुई हनीट्रैप मामलों की तस्वीरें चर्चा का विषय बनी हुई हैं. आशंका है कि जेल के ही किसी कर्मचारी ने ये तस्वीरें वायरल की थीं. जेल मेनुअल के मुताबिक जेलर को जेल के सभी बंदियों से प्रतिदिन मिलकर उनके हाल-चाल लेना होता है. इसके तहत महिला वार्ड में भी यही प्रक्रिया अपनाई जाती है, लेकिन इस वार्ड में बिना महिला प्रहरी के प्रवेश निषेध होता है. वायरल तस्वीरों में जेलर कुलश्रेष्ठ महिला बंदी श्वेता जैन से बात करते नजर आ रहे हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पास में ही एक महिला प्रहरी भी मौजूद थी, लेकिन साजिश के तहत फोटो ऐसे वायरल किए गए जिसमें सिर्फ जेलर और महिला कैदी ही नजर आ रहे हैं.

बहरहाल, सोशल मीडया पर तस्वीरों के वायरल होने के बाद हड़कंप मचा तो फौरन जेल डीजी ने मामले की जांच करने के लिए भोपाल से जेल डीआईजी संजय पांडेय को इंदौर भेजा. बुधवार शाम वह जेल पहुंचे और पड़ताल शुरू की. डीआईजी ने सभी कर्मचारी और अधिकारियों से अलग-लग चर्चा कर तथ्य जुटाए. गुरुवार सुबह 5 बजे जेल के अंदर महिला वार्ड और संवेदनशील हिस्सों में तलाशी अभियान चला तो महिला वार्ड से सौंदर्य सामग्री और अन्य सामान बरामद हुए. जांच के बाद पता चला कि यह जेल डॉक्टर के कहने पर ही ये सामान हनी ट्रैप के आरोपी कैदी को दिए गए थे.



इसके साथ ही अब डीआईजी यह जांच भी कर रहे है कि आखिर जेल के अंदर की तस्वीरें कैसे वायरल हुईं. इसके पीछे जेल अधिकारियों के बीच आपसी फूट को वजह माना जा रहा है. यह भी कहा जा रहा है कि जेलर की कुर्सी पर काबिज होने के लिए ऐसी साजिश रची गई. बहरहाल, डीआईजी संजय पांडेय ने इस मामले में कहा कि शुरुआती जांच पड़ताल के दौरान पता चला है कि ये तस्वीरें कुछ दिन पुरानी हैं, जिन्हें अब साजिशन वायरल किया गया है. इधर, बताया यह भी जा रहा है कि इस पूरे खेल में विभाग के ही किसी बाहरी शख्स का हाथ है, जिसका खुलास  जांच के बाद ही हो सकेगा.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज