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हनी ट्रैप की शिकायत करने वाला अधिकारी निलंबित, कई स्थानों से जुड़े मामले के तार
Indore News in Hindi

Arun Kumar Trivedi | News18 Madhya Pradesh
Updated: September 23, 2019, 9:05 PM IST
हनी ट्रैप की शिकायत करने वाला अधिकारी निलंबित, कई स्थानों से जुड़े मामले के तार
इंदौर नगर निगम अफसर निलंबित

इंदौर. मध्य प्रदेश(madhya pradesh) के बहुचर्चित हनी ट्रैप केस (honey trap)में फंसे इंदौर नगर निगम के इंजीनियर हरभजन सिंह (harbhajan singh) को निलंबित कर दिया गया है.

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इंदौर. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के बहुचर्चित हनी ट्रैप केस (honey trap) में फंसे इंदौर नगर निगम के इंजीनियर हरभजन सिंह (harbhajan singh) को निलंबित कर दिया गया है. हरभजन सिंह ही इस केस में फरियादी और अब तक एकमात्र शिकायतकर्ता थे. उनकी शिकायत पर ही इस रैकेट का खुलासा हुआ था. निलंबन के दौरान वो पम्पिंग स्टेशन जलूद अटैच रहेंगे.

महापौर ने मंत्री से की थी बात
हनी ट्रैप केस में पहली बड़ी कार्रवाई हो गयी है. इंदौर नगर निगम के अफसर हरभजन सिंह निलंबित कर दिए गए. रविवार को ही महापौर मालिनी गौड़ ने प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री जयवर्धन सिंह से फोन पर चर्चा कर हरभजन सिंह को निलंबित करने के लिए कहा था. बाद में मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा था कि हमारे यहां अनैतिक काम को समाज कभी भी स्वीकार नहीं करता है. नगर निगम के इंजीनियर ने जो कृत्य किया है, वो एक बहुत ही दुखद और शर्मनाक घटना है. मैंने मंत्री जयवर्धन सिंह से चर्चा की है और उन्हें सस्पेंड करने के लिए कहा है. उन्होंने कहा था कि हरभजन की वजह से पूरे नगर निगम की छवि धूमिल हुई है.

सामने नहीं आए हरभजन सिंह



नगर निगम के इंजीनियर हरभजन सिंह 1989 में रीवा से प्रतिनियुक्ति पर इंदौर आए थे. फिलहाल वो निगम में नर्मदा प्रोजेक्ट के मुख्य कार्यपालन यंत्री के पद पर काबिज थे. हनी ट्रैप की पुलिस में शिकायत करने के बाद से वो किसी के सामने नहीं आए थे और उनके फोन भी बंद थे.

सबने की निंदा
हरभजन मामले को लेकर नगर निगम के सभापति, एमआईसी सदस्य, निगम आयुक्त, अपर आयुक्त, उपायुक्त से लेकर कर्मचारी तक सहने निंदा की. दबी जुबान में सभी ने ये कहा इंदौर नगर निगम ने स्वच्छता के क्षेत्र में देश मे जो नाम कमाया था उसे हरभजन सिंह के इन क्रिया कलापों ने धूमिल कर दिया है.

इस बीच, पुलिस को जांच में कुछ नये सुराग मिलने के बाद इस मामले के तार कई स्थानों से जुड़ गए हैं. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) रुचिवर्धन मिश्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया, 'पुलिस हिरासत में गिरोह की दो महिला आरोपियों से पूछताछ की गई है. जांच में हमें कुछ नए सुराग भी मिले हैं. इनके आधार पर हम भोपाल, राजगढ़, छतरपुर और अन्य स्थानों पर जांच को आगे बढ़ा रहे हैं.' उन्होंने बताया कि जांच के दौरान यह भी पता चला है कि गिरोह की महिला आरोपियों ने मोहपाश की वारदात के लिये इंदौर के दो होटलों में ठहरने के दौरान फर्जी पहचान पत्र प्रस्तुत किए थे.

कैलाश विजयवर्गीय भी थे नाराज़!
बताया जाता है कि तत्कालीन महापौर कैलाश विजयवर्गीय भी हरभजन सिंह से काफी खफा थे. उन्होंने बिल्डिंग परमिशन से हरभजन सिंह को हटा दिया था. हरभजन सिंह का विवादों से काफी गहरा ताल्लुक रहा है. इसी के चलते आयुक्त रहे मनीष सिंह ने कभी भी हरभजन सिंह को कोई काम नहीं दिया और ना ही ट्रांसफर किया.मनीष सिंह के जाने बाद हरभजन सिंह को हाउसिंग फॉर ऑल जैसा मलाईदार विभाग मिल गया.आयुक्त आशीष सिंह ने हरभजन सिंह को वहां से हटाकर नर्मदा प्रोजेक्ट में भेजा था.

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First published: September 23, 2019, 7:35 PM IST
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