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हनीट्रैप मामला: ऑडियो और वीडियो जारी करने वाले मीडिया संस्थान के मालिक पर केस

Arun Kumar Trivedi | News18 Madhya Pradesh
Updated: December 1, 2019, 10:06 PM IST
हनीट्रैप मामला: ऑडियो और वीडियो जारी करने वाले मीडिया संस्थान के मालिक पर केस
शनिवार देर रात छह विभागों ने संयुक्त कार्रवाई कर कारोबारी और मीडिया संस्थान के मालिक जीतू सोनी के घर और प्रतिष्ठानों पर दबिश दी थी. (File Photo) 

हनीट्रैप मामले (Honeytrap case) में नए खुलासे करने वाले मीडिया संस्थान के मालिक के ठिकानों पर पुलिस और प्रशासन की टीम ने छापेमार कार्रवाई की है. संस्थान के मालिक जीतू सोनी (Jeetu Soni) उनके बेटे अमित सोनी पर आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है.

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इंदौर. हनीट्रैप मामले में नए खुलासे करने वाले मीडिया संस्थान के मालिक के ठिकानों पर पुलिस और प्रशासन की टीम ने छापेमार कार्रवाई की है. संस्थान के मालिक जीतू सोनी उनके बेटे अमित सोनी पर आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है. शनिवार देर रात छह विभागों ने संयुक्त कार्रवाई कर कारोबारी और मीडिया संस्थान के मालिक जीतू सोनी के घर और प्रतिष्ठानों पर दबिश दी. जीतू सोनी के आलोक नगर स्थित घर, माय होम, बेस्ट वेस्टर्न होटल और लोकस्वामी अखबार के प्रिंटिंग प्रेस पर छापा मारा गया.

हनीट्रैप से जुड़े ऑडियो वीडियो प्रकाशन पर कार्रवाई
जीतू सोनी अपने अखबार लोकस्वामी और चैनल पर पिछले कुछ दिनों से हनीट्रैप से जुड़े ऑडियो और वीडियो प्रकाशित और प्रसारित कर रहे थे. एसडीएम राकेश शर्मा, सीएसपी ज्योति उमठ के साथ प्रशासन, पुलिस, आबकारी, नगर निगम, फूड और बिजली कंपनी के अफसर पूरी रात तक जांच करते रहे, जिसमें कई दस्तावेजों के अलावा 67 लड़कियां भी पकड़ी गईं.

इन लोगों पर आईटी एक्ट के तहत दर्ज की गई है एफआईआर

बताया जा रहा है कि होटल में देर रात तक शराब परोसे जाने, लड़कियों के अश्लील नृत्य और कई अनैतिक गतिविधियों की शिकायत पुलिस को मिली थी, जिस पर पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने इस छापे की कार्रवाई को अंजाम दिया. रविवार सुबह कारोबारी के समाचार पत्र के कार्यालय को भी सील कर दिया गया. पुलिस ने हनीट्रैप मामले के फरियादी इंदौर नगर निगम के अधिकारी हरभजन सिंह की शिकायत पर जीतू सोनी, उनके बेटे अमित सोनी और अन्य के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई है. साथ ही आर्म्स एक्ट और ह्यूमन ट्रैफिकिंग का मामला भी दर्ज किया गया है.

कैलाश विजयवर्गीय ने किया छापेमारी का विरोध
इस छापामार कार्रवाई को बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने बदले की भावना से की गई कार्रवाई बताया है.
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, "हनीट्रैप मामले को सरकार दबा रही है क्योंकि इसमें मंत्री से लेकर अधिकारी तक संलिप्त हैं. यदि कोई मीडिया समूह इसे उजागर कर रहा है तो उस पर बदले की भावना से कार्रवाई करना गलत है. कहीं गलत काम हो रहा है और सरकार छापा मारे, तो मुझे कोई आपत्ति नहीं हैं. लेकिन सिर्फ इस कारण से छापा मारा जाए कि वो अखबार का मालिक है और अपने अखबार के माध्यम से सरकार से जुड़े हुए लोगों के चेहरे उजागर कर रहा है तो छापा मारकर उसे प्रताड़ित करने की कोशिश करना ठीक नहीं है."

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हाईकोर्ट में पेश हुई 15 घंटे की वीडियो सीडी
इस मामले में हाईकोर्ट में 15 घंटे की वीडियो सीडी सौंपी गई है. सीडी में हनीट्रैप की आरोपियों के साथ प्रदेश के नेताओं और अफसरों से जुड़ी वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग है. याचिकाकर्ता के वकील मनोहर दलाल ने बताया कि इस सबूत का दुरुपयोग न हो, इसलिए यह कोर्ट को सौंपी गई है. साथ ही स्पष्ट किया गया है कि याचिकाकर्ता को ये सीडी इंदौर के एक समाचार पत्र से मिली है.

सीबीआई जांच कराने की मांग
हाईकोर्ट में हनीट्रैप की सीडी पेश होने के बाद अचानक इंदौर पुलिस सक्रिय हुई. इससे पहले इंजीनियर हरभजन सिंह को शनिवार शाम 4 बजे एसएसपी से मिलने कंट्रोल रूम बुलाया और उनकी शिकायत पर इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया. एडवोकेट मनोहर दलाल के माध्यम से याचिकाकर्ता दिग्विजय सिंह ने एसआइटी पर संदेह जताते हुए पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की है.

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First published: December 1, 2019, 9:22 PM IST
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