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IIM इंदौर मध्यप्रदेश को बनाएगा ब्रांड, सरकार को बताएगा कहां और कैसे लगाएं उद्योग

राज्य सरकार और आईआईएम के बीच एमओयू साइन किया गया.
राज्य सरकार और आईआईएम के बीच एमओयू साइन किया गया.

राज्य सरकार और आईआईएम के बीच एमओयू साइन किया गया. आईआईएम इंदौर न केवल इन्वेस्टर्स समिट का प्रारूप तैयार करेगा, बल्कि लघु उद्योगों और स्थानीय व्यवसायों को आगे बढ़ाने की दिशा में अहम सुझाव भी देगा.

  • Last Updated: January 23, 2021, 7:34 AM IST
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इंदौर. देश के प्रतिष्ठित भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) की सलाह से अब मध्यप्रदेश की औद्योगिक नीति तैयार होगी. राज्य सरकार और आईआईएम के बीच एमओयू साइन किया गया. आईआईएम इंदौर न केवल इन्वेस्टर्स समिट का प्रारूप तैयार करेगा, बल्कि लघु उद्योगों और स्थानीय व्यवसायों को आगे बढ़ाने की दिशा में अहम सुझाव भी देगा. आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की दिशा में इ्से एक महात्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

मध्यप्रदेश सरकार इज ऑफ डूइंग बिजनेस की दिशा में आगे बढ़ने और ब्रांड मध्यप्रदेश को स्थापित करने के लिए अब IIM का सहारा लेगी. मैनेजमेंट के एक्सपर्ट की सलाह और सुझावों के आधार पर नई उद्योग नीति तैयार की जाएगी. इसके लिए IIM और MPIDC (औद्योगिक विकास निगम) के बीच एमओयू साइन किया गया, जिस पर MPIDC के अध्यक्ष व उद्योग नीति और निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव संजय कुमार शुक्ला और IIM की ओर से डायरेक्टर प्रोफेसर हिमांशु राय ने हस्ताक्षर किए.

मप्र को विकसित करना जरूरी- राय



ये एमओयू तीन साल के लिए किया गया. आईआईएम के डायरेक्टर प्रो.हिमांशु राय ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत की भावना को जगाने के लिए मध्य प्रदेश को उद्योगों और व्यवसायों का समर्थन और पोषण करने वाले एक पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में विकसित करना जरूरी है. इसके लिए लघु उद्योगों और स्थानीय व्यवसायों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि इस एमओयू से उद्योगों को समर्थन और सहायता प्रदान करने वाले ढांचे को मजबूत किया जाएगा. ऐसे प्रयास होंगे जिससे व्यवसाय में आसानी होगी. मध्यप्रदेश की प्रगति और समृद्धि की अपार संभावनाएं बनेंगी.
कई पहलुओं पर होगा काम – शुक्ला

उद्योग विभाग के प्रमुख सचिव संजय कुमार शुक्ला ने कहा कि MPIDC राज्य में उद्योगों के सशक्तिकरण के प्रयासों के लिए प्रतिबद्ध है. आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश के लक्ष्य की प्राप्ति हो सके इसके लिए आईआईएम इंदौर के साथ सहयोग महत्वपूर्ण कदम है. इस एमओयू का मकसद मध्यप्रदेश सरकार के वर्तमान औद्योगिक ढांचे पर नीतिगत शोध करना है. प्रदेश की मौजूदा औद्योगिक परियोजनाओं का आंकलन IIM करेगा, साथ ही प्रदेश में होने वाली ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट जैसे निवेश सम्मेलनों के आयोजन के लिए भी आईआईएम रुपरेखा तैयार करेगा.

आत्मनिर्भर एवं समृद्ध मध्य प्रदेश होगी थीम

करार में ये भी उल्लेख है कि सोशल मीडिया विश्लेषण की मदद से प्रदेश सरकार के उद्योग से जुड़े विभिन्न वेब-पोर्टल असल में उपयोगकर्ता के लिए कितने प्रभावी हैं, इसकी भी जांच कर रिपोर्ट दी जाएगी. ब्रांड मध्यप्रदेश के प्रचार अभियान को भी डिजाइन किया जाएगा. इसकी थीम आत्मनिर्भर एवं समृद्ध मध्य प्रदेश होगी.आईआईएम प्रदेश में इज ऑफ डूइंग बिजनेस यानि व्यापार करने में आसानी और सुविधा के मापदंडों का मूल्यांकन करेगा. सरकार की विभिन्न योजनाओं का विश्लेषण और थर्ड पार्टी वेरीफिकेशन भी करेगा. इसके अलावा एमपीआईडीसी के अधिकारियों और कर्मचारियों की ट्रेनिंग के लिए आईआईएम प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित करेगा.
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