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इंदौर सड़क हादसा: मृतक की क्षतिग्रस्त कार से सेना की वर्दी और रक्षा मंत्रालय के दस्तावेज मिलने से मची खलबली

Arun Kumar Trivedi | News18 Madhya Pradesh
Updated: October 30, 2019, 11:42 PM IST
इंदौर सड़क हादसा: मृतक की क्षतिग्रस्त कार से सेना की वर्दी और रक्षा मंत्रालय के दस्तावेज मिलने से मची खलबली
इंदौर में दर्दनाक सड़क हादसे में मारे गए जयप्रकाश झा के बारे में अहम खुलासा.

मंगलवार को इंदौर शहर (Indore City) के तेजाजी नगर (Tejaji Nagar) थाना क्षेत्र में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में एक ही परिवार के 6 सदस्यों की मौत हो गई थी. जबकि मृतक जयप्रकाश झा (Jayaprakash Jha) की क्षतिग्रस्त कार की तलाशी लेने के बाद पुलिस के होश उड़ गए हैं.

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इंदौर. मध्‍य प्रदेश के मिनी मुंबई कहने जाने वाले इंदौर शहर (Indore City) में हाल ही में तेजाजी नगर (Tejaji Nagar) थाना क्षेत्र में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में आर्मी अधिकारी बताए जाने वाले परिवार के 6 सदस्यों की मौत का मामला सामने आया था. हादसे के बाद पुलिसकर्मियों ने जब मृतक जयप्रकाश झा (Jayaprakash Jha) की क्षतिग्रस्त कार की तलाशी ली तो उसके होश उड़ गए. कार में रखे बैग में वायरलेस सेट, लेफ्टिनेंट कर्नल का आईडी कार्ड, रक्षा मंत्रालय (Defence Ministry) के दस्तावेज और सेना की वर्दी मिली है. सूचना पर सैन्य अधिकारी और आर्मी इंटेलिजेंस की टीम जांच करने पहुंची तो खुलासा हुआ कि जयप्रकाश झा सफाईकर्मी था और जो दस्तावेज मिले, वे फर्जी हैं. लिहाजा नकली दस्तावेज मिलते ही मृतक के बंगले को सील कर दिया गया है. जबकि परिवार के आने पर उसके बंगले की तलाशी ली जाएगी. उसके लैपटॉप और मोबाइल की जांच शुरू कर दी गई है, तो अब आर्मी की सूचनाएं लीक होने का शक गहरा गया है.

मंगलवार को हुई थी घटना
मंगलवार सुबह तकरीबन साढे 5 बजे तेजाजी नगर थाना क्षेत्र के रालामंडल के पास बिहार के वैशाली नगर के रहने वाले जयप्रकाश झा अपनी फैमिली के साथ छठ पूजा के लिए बिहार जा रहे थे. रास्ते में अचानक प्लान बदला और सभी महू लौट रहे थे कि इसी दौरान तेजाजी नगर के पास अचानक उनकी कार असंतुलित होकर डिवाइडर से टकराई और सड़क की दूसरी ओर हवा में उछलकर विपरीत दिशा से आ रही स्विफ्ट कार से टकरा गई. हादसा इतना भीषण था कि जयप्रकाश झा की कार में सवार 8 लोगों में से 6 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जिसमें उनके माता-पिता के अलावा 4 महीने के बच्चे समेत दो अन्य लोग शामिल थे. जबकि दूसरी कार में सवार 5 लोग घायल हो गए जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था. मृतकों में जयप्रकाश झा, उनके पिता नूनू, मां सुमित्रा, चार महीने का बेटा आरव, सहायक सोशन और गौरव की मौके पर ही मौत हो गई. जबकि जयप्रकाश की पत्नी सुरुचि और पत्नी की बहन रुचि गंभीर रूप से घायल हैं जिनका इलाज इंदौर के एमवाय अस्पताल में चल रहा है.

बैग से मिले दस्तावेजों से उड़े पुलिस के होश

हादसे के बाद पुलिस ने जब जयप्रकाश झा की क्षतिग्रस्त कार की तलाशी ली तो उसमें एक बैग मिला. बैग को जब खोला गया तो उसमें आर्मी का आई कार्ड और वायरलेस सेट मिला था. इसके बाद घटना की जानकारी महू आर्मी को दी गई तो चौंकाने वाला मामला सामने आया. जयप्रकाश झा आर्मी वार कॉलेज महू में सफाईकर्मी के पद पर पदस्थ था. उसके पास से लेफ्टिनेंट स्तर के अधिकारी की वर्दी, आईडी कार्ड, कैंटीन कार्ड, सेना की सील लगा रजिस्टर, गाड़ी के अलावा एक ऐसी फाइल मिली जिस पर एकीकृत मुख्यालय रक्षा मंत्रालय लिखा हुआ है. नकली दस्तावेज मिलते ही जयप्रकाश झा के बंगले को सील कर दिया गया है. जयप्रकाश के लैपटॉप में नये नियुक्ति पत्र भी मिले हैं. संभवत ये बताया जा रहा है कि फर्जी नियुक्ति मामले में जयप्रकाश की भूमिका संदेहास्पद है, जिसकी जांच फिलहाल की जा रही है. आर्मी अधिकारी इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि ये कहीं सेना की सूचनाएं तो लीक नहीं कर रहा था. आर्मी इंटेलिजेंस की टीम जयप्रकाश के लैपटॉप और मोबाइल की जांच कर रही है. जबकि उसने फर्जी कार्ड क्यों बनाए थे यह भी जांच का विषय है.

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जयप्रकाश झा आर्मी वार कॉलेज महू में सफाईकर्मी के पद पर पदस्थ था.


अपने गांव के लोगों को बताता था आर्मी का बड़ा अफसर
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इंदौर पुलिस के एडीशनल एसपी प्रशांत चौबे ने बताया कि पुलिस को जयप्रकाश के पर्स से लेफ्टिनेंट कर्नल धीरेंद्र कुमार के आईडी कार्ड भी मिले हैं. इस बात की जानकारी आर्मी अफसरों देने पर उन्होंने पुलिस को बताया कि लेफ्टिनेंट कर्नल धीरेन्द्र कुमार फिलहाल छुट्टी पर हैं. जयप्रकाश उन्हीं के ऑफिस में काम करता था. कर्नल धीरेन्द्र कुमार की पत्नी ने कुछ दिनों पहले कोरियर से आईडी कार्ड भेजे थे. शायद जयप्रकाश झा ने कोरियर अटेंड किया और कार्ड अपने पास रख लिए होंगे. जबकि बिहार के बैशाली नगर में रहने वाला चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी जयप्रकाश झा गांव के कुछ लोगों लेफ्टिनेट कर्नल तो कुछ को आर्मी में गनमैन बताता था. जबकि उसने ये भी कहा था कि सैन्य अधिकारी बनने के बाद रक्षा मंत्रालय की ओर से उसे सुरक्षा दी गई है.

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First published: October 30, 2019, 11:32 PM IST
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