अपना शहर चुनें

States

महामुकाबलाः धर्मशाला संकट के बाद इन शहरों में हो सकती भारत-पाक की टक्कर

धर्मशाला में भारत-पाकिस्तान मैच की मेजबानी से इनकार के बाद अब इस महामुकाबले के लिए संभावित वैकल्पिक ठिकानों की तलाश भी शुरू हो गई हैं.
धर्मशाला में भारत-पाकिस्तान मैच की मेजबानी से इनकार के बाद अब इस महामुकाबले के लिए संभावित वैकल्पिक ठिकानों की तलाश भी शुरू हो गई हैं.

धर्मशाला में भारत-पाकिस्तान मैच की मेजबानी से इनकार के बाद अब इस महामुकाबले के लिए संभावित वैकल्पिक ठिकानों की तलाश भी शुरू हो गई हैं.

  • Last Updated: March 2, 2016, 12:54 PM IST
  • Share this:
टी-20 वर्ल्ड कप के सबसे बड़े मुकाबले पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. हिमाचल प्रदेश सरकार के धर्मशाला में भारत-पाकिस्तान मैच की मेजबानी से इनकार के बाद अब इस महामुकाबले के लिए संभावित वैकल्पिक ठिकानों की तलाश भी शुरू हो गई हैं.

ये है 87 साल का प्ले ब्‍वाय, इसकी हैं 1300 नाजायज संतानें


बीसीसीआई के सूत्रों की माने तो इस महामुकाबले के लिए टी20 वर्ल्ड कप के मैचों की मेजबानी के लिए चुने गए सात शहरों के अलावा मध्यप्रदेश के इंदौर, टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के शहर रांची को विकल्प के रूप रखा गया है.

बीसीसीआई कोशिश कर रहा है कि इस मुकाबले को किसी दूसरे शहर में शिफ्ट नहीं करना पड़ें, लेकिन यदि ऐसा करना मजबूरी बन जाता है, तो इस दौड़ में इंदौर और रांची किसी बड़े शहर से पीछे नहीं है.
दरअसल, इंदौर और रांची में अब तक खेले गए टी20 और वनडे मैचों में बीसीसीआई का अनुभव अच्छा रहा है. खासतौर पर इंदौर की मेजबानी का विदेशी टीमों ने दिल खोलकर स्वागत किया था.



इसलिए मजबूत है इंदौर का दावा

एमपीसीए के एक पदाधिकारी ने अपना नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा कि इंदौर इस मुकाबले के लिए पूरी तरह से तैयार हैं. यदि एमपीसीए को मेजबानी का मौका मिलता है, तो वह इसे ऐतिहासिक बनाने में कोई कोर कसर बाकी नहीं रखेगी.

इंदौर का विकेट भी किसी इंटरनेशनल मैच के लिए पूरी तरह से तैयार है. यहां अभी अंडर-23 का फाइनल मुकाबला खेला जा रहा है. जूनियर क्रिकेट के इस सबसे बड़े मुकाबले के लिए मैदान पर इंटरनेशनल स्तर की सुविधाएं खिलाड़ियों को मिल रही हैं. इससे जाहिर होता है कि इंदौर किसी भी बड़े आयोजन के लिए पूरी तरह से तैयार है.

क्यों मिल सकता है इंदौर या रांची को मौका

दरअसल, वर्ल्ड कप मैचों की मेजबानी के लिए बीसीसीआई ने सात शहरों का चयन किया हैं. धर्मशाला के अलावा मोहाली, दिल्ली, नागपुर, मुंबई, बेंगलुरू और कोलकाता में मैच आयोजित किए जाएंगे.

मौजूदा विकल्प में दिल्ली और मुंबई में मैच होने की संभावनाएं खत्म हो गई हैं. दिल्ली में केजरीवाल सरकार के अलावा कानूनी पेंच फंसा होने और मुंबई में शिवसेना के विरोध ने बीसीसीआई के विकल्पों को सीमित कर दिया हैं.

कर्नाटक में कांग्रेस सरकार होने की वजह से बेंगलुरू और बंगाल में ममता की छत्रछाया से कोलकाता को लेकर सहमति बनने के आसार नहीं के बराबर दिख रहे है.

पंजाब में भी आने वाले दिनों में चुनाव होने है. ऐसे में मोहाली पर मुहर लगाना भाजपा के चुनावी समीकरणों को बुरी तरह प्रभावित कर सकता हैं. आतंकी हमले की वजह के बाद यहां 'देशभक्ति' और अांतरिक सुरक्षा के अलावा सरहद पार से ड्रग्स का कारोबार एक बड़ा मुद्दा बन रहा हैं. ऐसे में 'दुश्मन' देश से मुकाबला राजनीतिक दृष्टि से कतई अच्छा फैसला नहीं होगा.

बीसीसीआई के मौजूदा शहरों में केवल नागपुर ही एक भरोसेमंद विकल्प हो सकता है. हालांकि, बेहद व्यस्त शेड्यूल के चलते नागपुर में किसी नए मैच के लिए तारीख निकालना बड़ी टेढ़ी खीर साबित हो रहा है. इन्ही वजहों से बीसीसीआई को दूसरे विकल्प सोचने पर मजबूर हो गया.

क्यों हो रहा है विरोध

धर्मशाला में 19 मार्च को होने वाले वर्ल्ड टी20 चैंपियनशिप के भारत-पाकिस्‍तान का मैच का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है. हिमाचल के मुख्‍यमंत्री वीरभद्र सिंह ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर कहा है कि इस मैच को रद्द किया जाए या फिर किसी अन्य स्थान पर आयोजित किया जाए.

वीरभद्र सिंह का कहना है कि हमारे प्रदेश के कई जवान बॉर्डर पर पाकिस्‍तान के खिलाफ जंग लड़ रहे हैं और शहीद हुए हैं. हम अपने जवानों की शहादत का सम्मान करते हैं और ऐसे में पाकिस्‍तान के साथ धर्मशाला में क्रिकेट मैच होने के पक्ष में नहीं हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज