इंदौर : अस्पताल से बच्चा चुराने वाले गिरोह का खुलासा, एसटीएफ ने 7 लोगों को किया गिरफ्तार

एसटीएफ इंदौर के एसपी मनीष खत्री ने इस पूरे मामले की जानकारी दी.

एसटीएफ इंदौर के एसपी मनीष खत्री ने इस पूरे मामले की जानकारी दी.

यह गिरोह निजी अस्पतालों और मैटरनिटी क्लीनिक से बच्चा चोरी कर नि:संतान दंपतियों को मुंहमांगे दामों पर बेचता था. गिरफ्तार लोगों में 3 महिलाएं भी शामिल हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 21, 2021, 11:14 PM IST
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इंदौर. एसटीएफ (STF) इंदौर (Indore) ने बच्चा चुराने वाले एक गिरोह के 7 लोगों को गिरफ्तार (arrested) किया है. यह गिरोह निजी अस्पतालों और मैटरनिटी क्लीनिक से बच्चा चोरी कर नि:संतान दंपतियों को मुंहमांगे दामों पर बेचता था. गिरफ्तार लोगों में 3 महिलाएं भी शामिल हैं. इनके पास से दो बच्चे बरामद किए गए हैं. बरामद किया गया एक बच्चा 9 साल 3 महीने का है, जो देवास (Dewas) के नगर निगम कर्मचारी शिरीष इंदूरकर के यहां से मिला है और दूसरा बच्चा रतलाम के एमपीईबी के रिटायर्ड इंजीनियर के यहां से मिला है. 13 साल पहले इंजीनियर ने बच्चे को इंदौर के यश अस्पताल से खरीदा था.

अभियुक्तों के पास दस्तावेज नहीं

पुलिस फिलहाल आरोपियों से पूछताछ कर रही है. इस मामले की शिकायत भोपाल के एनजीओ जनसमस्या समाधान समिति ने एडीजी इंटेलिजेंस आदर्श कटियार को भेजी थी. इसके बाद जांच के लिए एसटीएफ इंदौर को मामला सौंपा गया. एसटीएफ ने देवास के नगर निगम कर्मचारी शिरीष इंदूरकर, उसकी पत्नी सुधा इंदूरकर, पड़ोसी पुष्पा श्रीवास और दाई लीलाबाई को पकड़ा है. पूछताछ करने पर शिरीष और सुधा ने बताया कि उन्होंने इंदौर की यश क्लिनिक से बच्चे को गोद लिया है. लेकिन उनके पास गोद लिए जाने सम्बन्धी कोई भी दस्तावेज नहीं पाया गया.

इनके कब्जे से मिले दो बच्चे
पुलिस की जांच में दाई लीलाबाई, शिरीष इंदुरकर, सुधा इंदुरकर, पुष्पा श्रीवास और प्रभूदयाल श्रीवास इस नवजात शिशु को यश क्लीनिक से उसकी मां के विधिक संरक्षरण से अपहरण किया था. उसका जन्म शिरीष के निवास देवास में होना बताकर इस संबंध में नगर निगम देवास से जन्म प्रमाण पत्र बनवाया गया था. आरोपी लीला बाई से पूछताछ में उसके एक अन्य बच्चे के बारे में बताया, जिसे उसने यश क्लिनिक से ही रतलाम के रहने वाले अपनी समधन व समधी को सौंपा था. इसके बाद एसटीएफ की टीम ने चाइल्ड लाइन स्टाफ के साथ रतलाम जाकर 13 साल के बच्चे को बरामद किया. इस दंपत्ति ने भी बच्चे को यश क्लिनिक से गोद लेना बताया, लेकिन उनके पास गोद लिए जाने सम्बन्धी कोई भी दस्तावेज नहीं था.

दोनों बच्चे चाइल लाइन की निगरानी में

बरामद किए गए दोनों बच्चों को चाइल्ड लाइन इंदौर की अस्थाई निगरानी में भेज दिया गया है. इस मामले में लीलाबाई, अजय कुमार और स्वर्णलता को गिरफ्तार किया गया. अब एसटीएफ इन बच्चों को जन्म देने वाली मां की तलाश कर रहा है.
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