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नेवल ऑफिसर पिता के निधन के बाद महू की बेटी ऐश्वर्या वायुसेना के लड़ाकू विमानों का करेंगी रखरखाव

ऐश्वर्या शर्मा
ऐश्वर्या शर्मा

ऐश्वर्या (Aishwarya) को राफेल सहित सेना के अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों, मालवाहक जहाज, हेलिकॉप्टर और दूसरी मशीनों के रखरखाव का जिम्मा मिलेगा.

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इंदौर. महू की बेटी ऐश्वर्या शर्मा आसमां चूमने के लिए तैयार हैं. वो भारतीय वायुसेना (Airforce) के लिए चुनी गयी हैं. उनके पिता भी नौसेना (Navy) में अफसर थे. लेकिन अफसोस वो अब इस दुनिया में नहीं हैं. बेटी की ऊंची उड़ान को उनकी मां गर्व से देखेंगी.

कहा जाता है कि बेटा भाग्य से और बेटी सौभाग्य से मिलती है. कुदरत की नियामत बेटियां जिस घर-परिवार में होती हैं,उस पर परवरदिगार की रहमत बरसती है. इन सूक्तियों को सार्थक किया है महू की रहने वाली ऐश्वर्या शर्मा ने. उनका चयन भारतीय वायुसेना में हुआ है. दो साल की ट्रेनिंग के बाद वे वायुसेना की तकनीकी शाखा को बतौर फ्लाइंग ऑफिसर जॉइन करेंगी. देश में पांच लाख प्रतिभागियों में से चयनित 214 कैंडिडेट्स में ऐश्वर्या भी शामिल हैं.

कठिन था वो दौर
इंदौर के एसजीएसआईटीएस से इंजीनियरिंग करने वाली ऐश्वर्या शर्मा का चयन भारतीय वायुसेना में हुआ है.वे बताती हैं 2019 में ग्रेजुएशन पूरा होने के महज चार माह बाद उनके पिता का देहांत हो गया था. उनकी बहन उस वक्त छोटी थी और मां गृहिणी.इसलिए परिवार की जिम्मेदारी उन पर आ गई.कैंपस प्लेसमेंट के जरिए उनकी इंफोसिस में नौकरी लग गई.ऐश्वर्या ने इंदौर में कमरा किराये पर लिया और वहां रहकर जॉब के साथ पढ़ाई भी करती रहीं.बिना कोचिंग इंटरनेट की मदद से परीक्षा की तैयारी की और इंटरव्यू के लिए महू के रिटायर्ड सेनाधिकारी से मार्गदर्शन लिया.
पिता से प्रेरणा


ऐश्वर्या के पिता वीरेंद्र कुमार शर्मा नेवी में पेटी ऑफिसर थे. उनका सपना था कि वो भी सेना में अधिकारी की तरह नौकरी करें.पिता की इसी ख्वाहिश को पूरा करने के लिए ऐश्वर्या ने जी तोड़ मेहनत की और तब जाकर उनके पिता का सपना साकार हो पाया.ऐश्वर्या दूसरी लड़कियों को संदेश देती हैं कि वे अपना गोल सेट करें और उस लक्ष्य के पीछे मेहनत करें तो कामयाबी जरूर मिलेगी.

लड़ाकू विमानों का मैंनटेनेंस करेंगी
ऐश्वर्या को राफेल सहित सेना के अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों, मालवाहक जहाज, हेलिकॉप्टर और दूसरी मशीनों के रखरखाव का जिम्मा मिलेगा.बतौर फ्लाइंग ऑफिसर अपना काम संभालने के पहले उन्हें दो साल की ट्रेनिंग से गुजरना होगा.हैदराबाद की डिंडीगुल एयरफोर्स एकेडमी में छह माह की जनरल ट्रेनिंग के बाद एयरफोर्स टेक्निकल कॉलेज बेंगलुरु में डेढ़ साल का गहन तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा. उनकी ट्रेनिंग 30 जनवरी से शुरू होगी. ऐश्वर्या की मां का कहना है कि उनकी बेटी देश की सेवा करे. अपना और देश का भी ध्यान रखे. बेटियां किसी पर डिपेंडेंट नहीं रहना चाहिए. उन्हें खुद अपने पैरों पर खड़े होना चाहिए.

आसमां से ऊंची उड़ान
एयरफोर्स में सलेक्शन के लिए उम्मीदवार को पांच दिन तक ग्रुप टास्क,साइकोलॉजिकल टेस्ट और पर्सनल इंटरव्यू के आधार पर परखा जाता है.लेकिन हौसला बनाए ऱखने से कामयाबी कदम चूमने लगती है. ऐश्वर्या शर्मा ने अपना हौंसला नहीं खोया और लगातार परिश्रम से मंजिल पा ली और अब वो आसमान की ऊंचाई को छूने तैयार हैं.
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