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इंदौर ने फिर रचा इतिहास, लगातार 5वीं बार मिला देश में सबसे स्वच्छ शहर का अवॉर्ड

इंदौर ने फिर रचा इतिहास, लगातार 5वीं बार मिला देश में सबसे स्वच्छ शहर का अवॉर्ड

मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर ने लगातार 5वीं बार स्वच्छ शहर का खिताब हासिल किया है.

मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर ने लगातार 5वीं बार स्वच्छ शहर का खिताब हासिल किया है.

Indore cleanest city of India: मध्य प्रदेश और इंदौर शहर के लिए आज का दिन बहुत बड़ा दिन है. इंदौर को भारत के सबसे स्वच्छ शहर का खिताब दिया गया है. इस खिताब के लिए दिल्ली में कार्यक्रम आयोजित किया गया. यहां देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शहर के अधिकारियों को ये खिताब दिया. इंदौर को कचरा मुक्त शहर की स्टार रेटिंग, का खिताब भी मिला है. इसके अलावा 12 करोड़ का सफाई मित्र सुरक्षा चैलेंज अवार्ड भी इंदौर नगर निगम को मिला है. इंदौर शहर को इस बार तीन पुरस्कार मिले हैं.

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इंदौर. देश के सबसे स्वच्छ शहर का तमगा हासिल कर चुके इंदौर को इस बार भी स्वच्छता में नंबर-1 का खिताब मिल गया है. दिल्ली में आयोजित समारोह में इंदौर को कचरा मुक्त शहर की स्टार रेटिंग का खिताब भी मिला है. इसके अलावा 12 करोड़ का सफाई मित्र सुरक्षा चैलेंज अवार्ड भी इंदौर नगर निगम ने अपने नाम किया है. ये पुरस्कार पहली बार ही शुरू किया गया है. स्वच्छता सर्वेक्षण-2021 में इंदौर शहर को इस बार 3 पुरस्कार मिले हैं. इसके अलावा सफाई मित्र इंदिराबाई आदिवाल को भी सम्मानित किया गया.

इंदौर में स्वच्छता सर्वेक्षण अवार्ड कार्यक्रम को देखने 10 स्थानों पर एलसीडी स्क्रीन लगाई गई. राजबाड़ा पर सफाई मित्र बड़ी संख्या में एकत्रित हुए. इस दौरान बड़ी संख्या में निगम अधिकारी भी मौजूद थे. अवॉर्ड की घोषणा होने के बाद सभी ने आतिशबाजी की और केक काटकर खुशी मनाई. स्वच्छता सर्वेक्षण-2021 समारोह नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित किया गया. समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी सहित कई अधिकारी मौजूद थे. कार्यक्रम में स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर बनाई गई फिल्मों और गाने को प्रदर्शित किया गया. मध्य प्रदेश को इस साल 35 पुरस्कार प्रदान किए गए.

इन पॉइन्ट्स पर मिला सबसे स्वच्छ शहर का खिताब

– नगर निगम के 11 हजार 364 कर्मचारी रोज उठाते हैं 1200 टन कचरा
– रात तीन बजे से होती है शहर की साफ सफाई और सड़कों की धुलाई
– देश का पहला वॉटर प्लस शहर बना इंदौर
– नाला टेपिंग की वजह की वजह से स्वच्छ हुईं नदियां
– शहर की कान्ह और सरस्वती नदियों समेत 27 नालों को सीवर मुक्त किया गया
– सीवरेज वाटर का ट्रीटमेंट कर पानी सड़क धुलाई, गार्डन, खेती के काम में लिया गया
– सार्वजनिक टॉयलेट की सफाई के लिए सेंसर लगाए गए हैं
– सेंसर से गंदगी का स्तर सीधे कंट्रोल रूम में दर्ज होता है और सफाई करने वाली टीम को मौके पर भेज दिया जाता है
– टॉयलेट के आसपास हरियाली और पेंटिंग करवाकर खूबसूरत बनाया गया है
– शहर की 700 दीवारों पर थ्री-डी पेंटिंग
– शहर के प्रमुख चौराहों, सड़कों, नदी किनारों, बगीचों में स्वच्छता के संदेश लिखे गए
– दीवारों पर कोरोना वॉरियर की थ्री-डी पेंटिंग भी बनाई गईं
– निर्माणाधीन इमारतों को तिरपाल से ढकना किया अनिवार्य
– शहर की आबोहवा को साफ रखने के लिए निर्माण कार्य के दौरान उठने वाली धूल और सीमेंट की रोकथाम के लिए
– तिरपाल से ढंकना अनिवार्य किया, ऐसा न करने वाले पर निगम ने 10 हजार रुपए तक का लगाया स्पॉट फाइन
– गंदगी फैलाने वालों पर भी किया स्पॉट फाइन
– शराब अहातों पर भी बनाए गए यूरिनल, कचरे के लिए रखवाए गए डस्टबिन
– शहर में हुआ 4 आर गार्डन्स का निर्माण
– डिस्पोजल फ्री बनाए गए बाजार,56 दुकान और सराफा चौपाटी से हुई शुरूआत
– जीरो वेस्ट वार्ड बनाने पर रहा जोर
– कचरा उठाने में लगे वाहनों की मॉनिटरिंग के लिए जीपीएस ट्रेकिंग
– कचरे की सौ फीसदी प्रोसेसिंग से हो रही 50 करोड़ सालाना की कमाई

Tags: Indore news, Mp news

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