अपना शहर चुनें

States

इंदौर रेलवे स्टेशन पर कांग्रेसियों का हंगामा, GM से मिलने आए थे सांसद के खिलाफ नारेबाज़ी कर लौट गए

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल 15 मिनट तक जीएम से मिलने का इंतज़ार करता रहा.
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल 15 मिनट तक जीएम से मिलने का इंतज़ार करता रहा.

Indore : कांग्रेस नेताओं का गुस्सा इस बात पर था कि रेलवे जीएम उनसे या आम जनता से बात न कर सिर्फ बीजेपी सांसद से अकेले में मुलाकात कर रहे हैं.

  • Share this:
इंदौर.इंदौर रेलवे स्टेशन पर आज जमकर नारेबाजी और हंगामा हुआ. पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक आलोक कंसल आज सुबह विशेष ट्रेन से इंदौर (Indore) रेलवे स्टेशन का जायजा लेने पहुंचे थे.उसी दौरान नई ट्रेन चलाने और स्टेशन पर व्याप्त अव्यवस्था के विरोध में कांग्रेस के नेता रेलवे सलाहकार समिति के सदस्यों के साथ ज्ञापन देने पहुंच गए.जब काफी इंतज़ार के बाद भी जीएम ने मिलने का वक्त नहीं दिया तो कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल गुस्सा हो गया.

GM से मुलाकात न होने पर नारेबाज़ी
जब ये नेता मुलाकात के लिए पहुंचे उस समय बंद कमरे में जीएम इंदौर सांसद शंकर लालवानी से बातचीत कर रहे थे. काफी देर इंतजार के बाद कांग्रेस नेताओं से जब जीएम की मुलाकात नहीं हो पाई तो उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी. वे शंकर लालवानी मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे और मीटिंग हॉल के गेट पर हंगामा करने लगे.काफी देर तक हंगामा चलता रहा. बाद में मात्र कुछ सदस्यों को ही मुलाकात की अनुमति दी गई.ये लोग इंदौर के अलावा शहर के सैफी नगर औऱ लक्ष्मीबाई नगर स्टेशन पर सुविधाएं बढ़ाए जाने की मांग कर रहे थे.

15 मिनट का इंतज़ार
हंगामा कर रहे कांग्रेस नेता अनूप शुक्ला का कहना था कि वे पिछले 15 मिनट से इंतजार कर रहे हैं.उन्हें सिर्फ अपना ज्ञापन देना है. लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है. बंद कमरे में बैठक करने का क्या औचित्य है. रेलवे सलाहकार समिति के सदस्यों को भी बाहर खड़ा करके बेइज्जत किया जा रहा है. जबकि जीएम रेलवे स्टेशन का दौरा करने आए हैं. उन्हें सबसे बात करनी चाहिए. लेकिन वे सांसद शंकर लालवानी के साथ अकेले में मीटिंग कर रहे हैं. ये गलत है. पहले उन्हें हम लोगों से मिलना चाहिए था.



ये है शिकायत
कांग्रेस नेता का कहना था कि हम लोग आम लोगों की समस्याएं लेकर यहां पहुंचे हैं. हजारों लोग रेलवे की अव्यवस्था से परेशान हैं. ऐसे में उनकी समस्याएं दूर करने पर पहले विचार किया जाना चाहिए.इंदौर रेल प्रोजेक्ट्स के लिए भी केन्द्र से बजट में पैसे का आवंटन नहीं हुआ है. ऐसे में प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में कई गतिविधियां पिछड़ती जा रही हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज