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Indore : कमलनाथ के कार्यक्रम में हुड़दंग करने वाले नेताओं पर चल सकता है अनुशासन का डंडा,हाईकमान ने मांगी रिपोर्ट

रोक के बावजूद नेता ढोल लेकर कार्यक्रम में आए थे.

रोक के बावजूद नेता ढोल लेकर कार्यक्रम में आए थे.

indore-शहर अध्यक्ष विनय बाकलीवाल ने कई बार हाथ जोड़कर ढोल और नारेबाजी बंद करने के लिए कहा था. लेकिन कार्यकर्ता नहीं मानें तो कमलनाथ को खुद डपटना पडा़ था.

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इंदौर.नगरीय निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस नेताओं (Congress Leaders) पर अनुशासन का डंडा चल सकता है. इंदौर में पीसीसी चीफ और पूर्व सीएम कमलनाथ (Kamalnath) के कार्यक्रम के दौरान कांग्रेसियों ने जमकर हंगामा किया था,इससे न केवल मंच की व्यवस्था बिगड़ गई थी बल्कि नारेबाजी से कई बार कमलनाथ को अपना भाषण बीच में ही रोकना पड़ा था.पार्टी आलाकमान ने इसे गंभीरता से लेते हुए अनुशासनहीनता करने वालों की रिपोर्ट तलब की थी,ऐसे नेताओं पर कार्रवाई की जाएगी.

नगरीय निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए मिनी मुंबई इंदौर में कांग्रेस ने संभागीय सम्मेलन किया था. इसमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सहित संभाग के सभी कांग्रेस विधायक,पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए थे.उस दौरान मंच पर चढ़ने के लिए कांग्रेसियों में होड़ मच गई थी और उन लोगों की धक्का-मुक्की में मंच के पीछे का गेट टूट गया था. उसके बाद कार्यकर्ता मंच पर चढ़ गए थे जिससे मंच की व्यवस्था बिगड़ गई थी.

गुस्सा हो गए थे कमलनाथ
कार्यक्रम के दौरान हुई नारेबाजी पर कमनलाथ खुद भड़क गए थे.उन्होने तो यहां तक कह दिया था कि आप लोग चुप होते हो या मैं भाषण देना बंद कर दूं.पार्टी ने इसे अनुशासनहीनता माना था और प्रदेश प्रभारी मुकुल वासनिक ने इंदौर जिलाध्यक्ष सदाशिव यादव और शहर अध्यक्ष विनय बाकलीवाल से रिपोर्ट तलब की थी.इसमें वीडियो फुटेज भी मांगे गए थे. ये रिपोर्ट पार्टी अलाकमान को भेज दी गई है.माना जा रहा है कि पार्टी अब अनुशासनहीनता करने वाले नेताओं पर कार्रवाई कर सकती है.
कमलनाथ ने लगायी थी डांट


इस कार्यकर्ता सम्मेलन में पार्टी संगठन ने सभागृह में झंडों और तख्तियों के साथ प्रवेश पहले ही प्रतिबंधित कर दिया था.बावजूद इसके कांग्रेस नेता अपने कार्यकर्ताओं के साथ झंडे और तख्तियां लेकर सभागृह में आए.कई नेता ढोल लेकर पहुंचे थे.उन्होंने कमलनाथ के भाषण के दौरान न केवल ढोल बजाकर बल्कि नारेबाजी कर जमकर बवाल काटा था.शहर अध्यक्ष विनय बाकलीवाल ने कई बार हाथ जोड़कर ढोल और नारेबाजी बंद करने के लिए कहा था. लेकिन कार्यकर्ता नहीं मानें तो कमलनाथ को खुद डपटना पडा़ था.

मंच पर भीड़
विधायकों और प्रदेश पदाधिकारियों के लिए आरक्षित मंच पर तकरीबन 150 से ज्यादा नेता चढ़ गए थे,जिससे व्यवस्था बिगड़ गई थी.हालांकि कांग्रेस ने अब रिपोर्ट तलब कर ली है. लेकिन इस पर बीजेपी को एक बार फिर मौका मिल गया है.बीजेपी प्रवक्ता उमेश शर्मा ने कहा कांग्रेस के पूरे सम्मेलन में जबरदस्त अनुशासनहीनता हुई थी.लेकिन अब रिपोर्ट बुलवाकर रफू करने का काम किया जा रहा है. प्रदेश प्रभारी ने रिपोर्ट जरूर बुलबा ली है लेकिन कांग्रेस पार्टी में इतनी हिम्मत नहीं है कि वो किसी के खिलाफ कार्रवाई कर पाएगी.

कार्रवाई का इंतज़ार
देश के सबसे पुराने राजनैतिक दल कांग्रेस के कार्यक्रम में अनुशासन हमेशा टूटता है. इसी परम्परा को इंदौर में भी आगे बढ़ाया गया.कार्यक्रम के दौरान एक मौका तो ऐसा भी आया जब कांग्रेस के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष और विधायक जीतू पटवारी अपने ही नगर अध्यक्ष को उंगली दिखाते हुए डपट लगाते नजर आए.लेकिन अब रिपोर्ट पहुंचने के बाद ये देखना होगा कि कांग्रेस आलाकमान अपने नेताओें पर क्या कार्रवाई करता है.
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