इंदौर डबल मर्डर: नाबालिग बेटी ने ही रची मां-बाप के कत्ल की साजिश

नाबालिग बेटी ने पूरा प्लान बनाकर बॉयफ्रेंड को मारने के लिए उकसाया.  (प्रतीकात्मक तस्वीर)

नाबालिग बेटी ने पूरा प्लान बनाकर बॉयफ्रेंड को मारने के लिए उकसाया. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

इंदौर डबल मर्डर केस में पुलिस भी हैरत में है. 17 साल की फर्राटेदार इंग्लिश बोलने वाली नाबालिग बेटी ने अपने ही मां-बाप के कत्ल की साजिश रची. फ्रीडम इतना हावी हो गया था कि उसने बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर ये डबल मर्डर किया. पुलिस ने उससे पूछा भी कि रोई क्यों नहीं, तो बोली अभी तो रोई थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 19, 2020, 7:39 AM IST
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इंदौर. पूरे शहर को हिला देने वाले डबल मर्डर केस में सामने आया है कि नाबालिग बेटी ही मां-बाप के कत्ल की मास्टरमाइंड थी. लड़की ने ही अपने पिता पुलिसकर्मी ज्योति प्रसाद शर्मा और मां नीलम शर्मा को प्रेमी के हाथों मरवाया. उसने प्रेमी को इतना उकसाया कि वह डबल मर्डर करने को तैयार हो गया. नाबालिग बेटी ने यह भी कबूल किया है कि उसने भी मां-बाप पर कई वार किए.

गौर करने लायक बात यह है कि इस लड़की से आप मिलेंगे तो आपको लगेगा नहीं कि ये इस तरह की हत्य कर सकती है. पढ़ी-लिखी है, फ्लूएंट इंग्लिश में बात करती है. अभी 9वीं में इसके 82 परसेंट नंबर भी आए थे. पुलिस खुद हैरत में है कि जो हुआ वह कैसे हुआ. बेटी को तो पुलिस ने बाल सुधार गृह भेज दिया है, जबकि उसके बॉयफ्रेंड धनंजय को 3 दिन के रिमांड पर लिया है.

बेटी ने बताया- क्यों जरूरी हो गया था पिता को मारना

लड़की ने पुलिस को खुलकर बताया कि आखिर माता-पिता को मारना जरूरी क्यों हो गया था. उसने बताया- पुलिस को गुमराह करने के लिए पिता के बारे में झूठ बोला. बॉयफ्रेंड न फंसे इसलिए नोट छोड़ा था. मेरी मां गलत थी. ज्यादा मेकअप करती, दिनभर मोबाइल पर किसी से भी बातें करती रहती. मैं नहीं चाहती थी कि उनके साथ रहूं. भाई इंदौर छोड़कर गया तो उसके दोस्त मेरी जासूसी करते. जब हम दोनों के बारे में जानकारी मिली तो पिता ने पिटाई की. इसलिए पिता को मारना जरूरी था.
बॉयफ्रेंड ने बताया – आखिर हुआ क्या था

धनंजय ने पुलिस को बताया कि बुधवार को तड़के 3.30 बजे लड़की ने फोन किया पिता बहुत शराब पीकर आए हैं. मैं 4 बजे वहां पहुंच गया. आगे वाले कमरे में मां सोई थी. इसलिए मैंने पहले उन्हीं पर हमला किया. उनकी चीख सुनकर लड़के के पापा बाहर आए. जैसे ही वे बाहर आए मैंने उन पर भी हमला कर दिया. हत्या के बाद हमने अलमारी से 1 लाख रुपए निकाले और सुबह कैमरे का डीवीआर बंद कर भाग गए. हम दोनों दोस्त की एक्टिवा से गांधीनगर पहुंचे, एक्टिवा लौटाई और घर से बाइक लेकर विजयनगर चौराहे चले गए. यहां हमने नाश्ता किया और निकल गए. हम प्रतापगढ़ में सैटल होना चाहते थे. लेकिन गिरफ्त में आ गए.

आरोपी इस तरह चढ़े पुलिस के हत्थे



डीआईजी हरिनारायणचारी मिश्र ने बताया कि लड़के ने अपने दोस्त को किसी ओर के मोबाइल से कॉल किया. क्योंकि, दोनों शातिरों की तरह अपना-अपना मोबाइल यहीं छोड़ गए थे. चूंकि सभी परिचितों के मोबाइल ट्रेसिंग पर थे, इसलिए पुलिस को टिप मिल गई. इसके बाद इंदौर पुलिस की सूचना पर मंदसौर पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया.
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