पाकिस्तान से लौटी गीता महाराष्ट्र और तेलगांना में परिवार को खोजने जाएगी, ट्रेन कनेक्शन से मिला क्लू

गीता 5 साल से इंदौर में रह रही है
गीता 5 साल से इंदौर में रह रही है

गीता के परिवार को ढूंढ़ने की मुहिम में पिछले दिनों इंदौर DIG हरि नारायण चारी मिश्र भी शामिल हो गए हैं. गीता से बात करने के बाद वो इस निष्कर्ष पर पहुंचे थे कि वो तेलंगाना या महाराष्ट्र के किसी सीमावर्ती इलाके की हो सकती है. इस पर अपनी जांच केंद्रित कर डीआईजी (DIG) ने नये सिरे से गीता के परिवार को तलाशने की मुहिम शुरू की है.

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इंदौर. अपने परिवार से बिछड़कर पाकिस्तान (Pakistan) पहुंची और फिर वहां से वापस भारत लायी गयी दिव्यांग युवती गीता पांच साल से इंदौर (Indore) में रह रही है. उसके माता-पिता को खोजने की तमाम कोशिश अब तक नाकाम रही हैं. परिवार को ढूंढ़ने की मुहिम में पिछले दिनों इंदौर पुलिस भी शामिल हो चुकी है. इंदौर पुलिस को अब तक दिए ब्यौरे के आधार पर गीता अब महाराष्ट्र और तेलंगाना की सीमा पर बसे गांवों में अपने परिवार को तलाशने जाएगी.

इंदौर में पिछले पांच साल से रह रही पाकिस्तान से लौटी मूक-बधिर गीता के मां-बाप की खोज की जारी है. अब गीता दीपावली के बाद महाराष्ट्र के नांदेड़ और तेलंगाना में अपने परिवार को खोजने जाएगी.गीता पिछले तीन माह से इंदौर की आनंद सर्विस सोसायटी में रह रही है. इस संस्था के संचालक ज्ञानेन्द्र पुरोहित के मुताबिक गीता के परिवार को खोजने के लिए पिछले तीन माह से नये सिरे से प्रयास किए जा रहे हैं.

ट्रेन में पोस्टर
गीता के माता-पिता की तलाश में रेलवे पुलिस के माध्यम से भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, इंदौर से गुजरने वाली सभी ट्रेनों पोस्टर चिपकाए गए हैं. पुरोहित के मुताबिक गीता के खाने-पीने का तरीका तेलगु लोगों से काफी मिलता-जुलता है. गीता ने हमें यह भी बताया है कि उसके गांव में इडली-डोसा का ठेला लगता था. गीता की दाएं ओर की नाक छिदी हुई है. ऐसा दक्षिण भारतीय महिलाओं में होता है.उत्तर भारतीय महिलाएं बाएं नाक में नथ या लोंग पहनती हैं.
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सुषमा स्वराज की दत्तक पुत्री गीता के मां-बाप को इस तरह तलाश रही है इंदौर पुलिस...

नांदेड़ पर रुकी सुई
गीता के नांदेड़ या तेलंगाना के किसी इलाके का होने का शक इसलिए गया क्योंकि नांदेड़ से चलने वाली सचखंड एक्सप्रेस अमृतसर तक जाती है और फिर अमृतसर से पाकिस्तान के लिए समझौता एक्सप्रेस रवाना होती थी. गीता ने अब तक जो जानकारी दी उसके मुताबिक वो परिवार से बिछड़कर किसी ट्रेन में बैठकर पाकिस्तान पहुंची थी. इसलिए अनुमान है कि हो सकता है वो सचखंड एक्सप्रेस और फिर वहां से समझौता एक्सप्रैस में सवार होकर पाकिस्तान पहुंची हो.

DIG ने शुरू की मुहिम
दरअसल गीता के परिवार को ढूंढ़ने की मुहिम में पिछले दिनों इंदौर DIG हरि नारायण चारी मिश्र भी शामिल हो गए हैं. गीता से बात करने के बाद वो इस निष्कर्ष पर पहुंचे थे कि वो तेलंगाना या छत्तीसगढ़ के किसी सीमावर्ती इलाके की हो सकती है. इस पर अपनी जांच केंद्रित कर डीआईजी ने नये सिरे से गीता के परिवार को तलाशने की मुहिम शुरू की है.

परिवार की तलाश
पाकिस्तान से लौटी गीता फिलहाल इंदौर में सांकेतिक भाषा के जानकार पुरोहित दंपति के घर में रह रही है. इससे पहले उसे एक सामाजिक संस्था के हॉस्टल में रखा गया था. पाकिस्तान से लौटने के बाद सरकार का मुख्य मकसद उसे उसके बिछड़े परिवार से मिलवाना था. लेकिन 5 वर्ष बाद भी परिवार नहीं मिल पाया है. पाकिस्तान से भारत और फिर इंदौर आने के बाद उसके माता पिता और परिवार की काफी तलाश की गयी, लेकिन सब नाकाम रहे. इसके बाद गीता ने शादी की इच्छा जाहिर की थी. उसके लिए कई रिश्ते भी आए लेकिन गीता को रिश्ता पसंद नहीं आया.
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