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IIT स्टूडेंट ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट लिखा-'पापा जिद्दी थे, मां अब और बर्दाश्त नहीं हो रहा, I Quit'

IIT स्टूडेंट ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट लिखा-'पापा जिद्दी थे, मां अब और बर्दाश्त नहीं हो रहा, I Quit'

सार्थक विजयवत IIT खड़गपुर का सेकेंड ईयर का छात्र था.

सार्थक विजयवत IIT खड़गपुर का सेकेंड ईयर का छात्र था.

Sarthak Vijaywat Suicide News: सार्थक विजयवत ने सुसाइड नोट में लिखा-पापा आपको हम सबके साथ थोड़ा ज्यादा टाइम स्पेंड करना था. बात करनी चाहिए थी हमसे. जितनी बात अपने भाई-बहनों से करते, उससे आधी भी हमसे करते तो चल जाता. मां समझ रहा हूं कि आप अकेली रह जाओगी, लेकिन और बर्दाश्त नहीं हो रहा.'

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इंदौर. इंदौर के लसूड़िया थाना इलाके में रहने वाले IIT खड़गपुर (IIT Kharagpur) के एक होनहार छात्र ने सार्थक विजयवत ने आत्महत्या  कर ली. छात्र के पिता पिता एनवीडीए (नर्मदा वैली डेवलपमेंट अथॉरिटी ) एडिशनल डायरेक्टर हैं. छात्र ने सुसाइड नोट (Suicide Note) लिखा है दो पेज का सुसाइड नोट भी लिखा जिसमें कई चीजों का जिक्र है. सार्थक आईआईटी खड़गपुर में सेकेंड ईयर का छात्र था. उसने अपने घर की बालकनी में फांसी का फंदा लगाया और लटक गया. अंग्रेजी में लिखे सुसाइड नोट के अंत में उसने I QUIT लिखा है.

लसूड़िया थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि नर्मदा कॉलोनी में रहने वाले एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. पुलिस पहुंची तो पता चला कि मृतक एनवीडीए में पदस्थ एडिशनल डायरेक्टर बृजेश विजयवत का बेटा सार्थक है. वो पढ़ाई में बेहद होनहार था. उसने यह कदम क्यों उठाया, परिवार वाले भी इस बात को नहीं समझ पा रहे हैं. पुलिस ने मौके पर पड़ताल शुरू की तो एक सुसाइड नोट बरामद हुआ. इसमें सार्थक ने कई बातों का जिक्र किया. उसने लिखा वह काफी थक चुका है. कुछ चीजों से बेहद परेशान है. उसने जिस सोच के साथ आईआईटी में दाखिला लिया था वह भी पूरी नहीं हो पा रही है. इसके साथ उसने पारिवारिक संवादहीनता के बारे में भी जिक्र किया.

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‘मां समझ रहा हूं कि आप अकेली रह जाओगी…’ 
सार्थक ने सुसाइड नोट में लिखा, “सॉरी! और अब क्या ही बोल सकता हूं, जिन उम्मीदों से JEE की तैयारी की थी, उनके टूटने के बाद ही सब कुछ बिगड़ता चला गया. कहां सोचा था कि कैंपस जाऊंगा. इन्जॉय करूंगा. कहां ये ऑनलाइन असाइनमेंट में फंस गया. शायद टाला जा सकता था, कई लोगों के पास मौका था लेकिन कुछ नहीं किया. शायद कोई बाहरी मकसद होगा. फैमिली भी शानदार है. पापा जिद्दी, मम्मी मजबूर, वात्यसल्या मासूम. संभालूं तो किस-किस को. पापा आपको थोड़ा सा हम सबके साथ ज्यादा टाइम स्पेंड करना था. बात करनी चाहिए थी हमसे. जितनी बात अपने भाई-बहनों से करते, उससे आधी भी हमसे करते तो चल जाता. मां समझ रहा हूं कि आप अकेली रह जाओगी, लेकिन और बर्दाश्त नहीं हो रहा.’

सबसे आखिरी में लिखा- ‘आई क्विट’
सबसे आखिरी में लिखा- मन था कहने का तो लिख दिया (आई क्विट). पुलिस ने सुसाइड नोट बरामद कर शव को पोस्टमार्टम के बाद परिवार को सौंप दिया. शुरुआती जांच में यह साबित हुआ है कि मृतक बीते कुछ समय से तनाव में था. उसी का नतीजा था कि उसने अपने करिअर और परिवार से जुड़ी बातों का जिक्र किया. कॉलेज न खुल पाने की वजह से भी बीते कुछ समय से वह तनाव में था.

Tags: Indore news, Madhya pradesh news, Suicide Case

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