कोरोना संकट के दौरान लोगों की मदद में सबसे आगे रहे इंदौर के सांसद शंकर लालवानी

बीजेपी के सांसद शंकर लालवानी (फाइल फोटो)

बीजेपी के सांसद शंकर लालवानी (फाइल फोटो)

आईआईएम इंदौर (IIM Indore) के एक प्रोफेसर की अगुवाई में किए गए अध्ययन में कोविड-19 (Covid-19) संकट के दौरान दूरदर्शिता, निर्णय क्षमता, प्रतिबद्धता, साहस, सहानुभूति और बुद्धिमत्ता के पैमानों पर लोकसभा सांसदों के नेतृत्व को परखा गया. इसमें इंदौर के लोकसभा सांसद शंकर लालवानी (MP Shankar Lalwani) अव्वल रहे

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 12, 2021, 5:32 PM IST
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इंदौर. कोरोना संकट (Corona Crisis) के दौरान लोकसभा के सदस्यों में नेतृत्व के गुण परखने के मकसद से किए गए अध्ययन में इंदौर के लोकसभा सांसद शंकर लालवानी (MP Shankar Lalwani) को अव्वल आंका गया है. यह अध्ययन इंदौर के आईआईएम (IIM Indore) के एक प्रोफेसर की अगुवाई में किया गया. आईआईएम इंदौर के इन्फॉर्मेशन सिस्टम्स विभाग के प्रोफेसर शुभमय डे ने सोमवार को इसकी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि कोविड-19 (Covid-19) के कारण देश के अलग-अलग संसदीय क्षेत्रों की यात्रा में मुश्किलें पेश आ रही थीं. इसलिए अध्ययन के लिए लोकसभा के 543 में से उन 105 सांसदों के कुल 4,209 ट्वीट को नमूनों के तौर पर लिया गया जो महामारी (Pandemic) के मुश्किल दौर में आम लोगों की मदद के लिए जमीनी स्तर पर लगातार सक्रिय रहे.

अध्ययन के अगुआ विद्वान ने बताया, 'अध्ययन में कोविड-19 संकट के दौरान दूरदर्शिता, निर्णय क्षमता, प्रतिबद्धता, साहस, सहानुभूति और बुद्धिमत्ता के पैमानों पर लोकसभा सांसदों के नेतृत्व को परखा गया.' डे ने बताया कि इस अध्ययन में इंदौर के लोकसभा सांसद शंकर लालवानी पहले स्थान पर रहे. उन्होंने बताया कि अध्ययन में रमेश धडुक (पोरबंदर), रंजन बेन भट्ट (वडोदरा), नायब सिंह सैनी (कुरुक्षेत्र) और विष्णुदत्त शर्मा (खजुराहो) संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रहे. वहीं रामचरण बोहरा (जयपुर), संजय भाटिया (करनाल), परनीत कौर (पटियाला) और राजू बिस्ता (दार्जिलिंग) संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहे.

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अध्ययन में पहला स्थान पाने वाले इंदौर के सांसद शंकर लालवानी लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान देश भर में सबसे ज्यादा वोट पाकर संसद के निचले सदन पहुंचे थे. पहली बार सांसद चुने गए लालवानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना प्रेरणास्त्रोत बताते हुए कहा कि मोदी एक जनप्रतिनिधि के रूप में अथक परिश्रम के लिए मुझे हमेशा प्रेरित करते हैं.
अध्ययन में इंदौर के प्रेस्टीज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च के सुशासन (गुड गवर्नेंस) विभाग के सहायक प्रोफेसर दीपक जारोलिया ने भी हिस्सा लिया. (भाषा से इनपुट)
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