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कोरोना संक्रमण के कारण इंदौर में लग सकता है नाइट कर्फ्यू, 1दिन में मिले 219 नये मरीज़

आज होने वाली क्राइसिस मैनेजमेंट की बैठक में नाइट कर्फ्यू का फैसला लिया जाएगा.(सांकेतिक तस्वीर)

आज होने वाली क्राइसिस मैनेजमेंट की बैठक में नाइट कर्फ्यू का फैसला लिया जाएगा.(सांकेतिक तस्वीर)

Indore-महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज के शिशु रोग विभाग के हेड डॉ. हेमंत जैन का कहना है कोरोना वायरस (Corona virus) सुपर स्प्रेड की स्थिति में है. ये यदि घर में किसी एक व्यक्ति को हो जाता है तो परिवार के सदस्य भी चपेट में आ जाते हैं.

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इंदौर.इंदौर में फिर से नाइट कर्फ्यू (Night curfew) लग सकता है.कोरोना संक्रमण (Corona) तेज़ी से बढ़ने के कारण प्रशासन ये फैसला ले सकता है.आज क्राइसिस मैनेजमेंट की बैठक हो रही है.उसमें ये फैसला लिया जा सकता है.इंदौर में 70 दिन बाद कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 200 को पार कर गया है जिसने सबकी चिंता बढ़ा दी है.

मध्य प्रदेश में कोरोना से सबसे संक्रमित शहर इंदौर नाइट कर्फ्यू के मुहाने पर पहुंच गया है.तेजी से बढ़ रही कोरोना मरीजों की संख्या एक बार फिर डराने लगी है. पिछले 70 दिन में कोरोना मरीजों की संख्या 200 पार पहुंची गयी है. मार्च के 11 दिनों में 1528 कोरोना पॉजिटिव नये मरीज मिल चुके हैं. पिछले 24 घंटे में 2447 संदिग्ध मरीजों की जांच की गई जिसमें से 219 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं. वहीं 2186 सैंपल निगेटिव पाए गए हैं.इन्हें मिलाकर इंदौर में अब तक 61642 लोगों को कोरोना हो चुका है.

अब तक 940 की मौत
फिलहाल ज़िले में एक्टिव मरीजों की संख्या 1528 है.वहीं 131 मरीज़ों के स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किया गया है.इसके बाद अब तक कुल 59174 मरीज़ स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं.अब तक 858221 लोगों का रैपिड एंटीजन टेस्ट हो चुका है.कोरोना से मरने वालों का आंकडा़ भी बढ़ता जा रहा है.यहां कोरोना अब तक 940 मरीजों की जान ले चुका है.इनमें डॉक्टर, पुलिसकर्मी,प्रोफेसर और आम जनता सब शामिल हैं.
हालात चिंताजनक


सीएमएचओ डॉ. प्रवीण जड़िया के मुताबिक जिस तरह से कोरोना के मरीज इंदौर में लगातार बढ़ रहे हैं,उसे देखते हुए हालत चिंताजनक बने हुए हैं. यही वजह है कि आज शाम 5 बजे क्राइसिस मैनेजमेंट की बैठक बुलाई गई है जिसमें नाइट कर्फ्यू लगाने पर फैसला हो सकता है. हालांकि जिला प्रशासन ने सख्ती बरतते हुए सभी प्रकार के आयोजनों पर प्रतिबंध लगा दिया है.बावजूद इसके सरकारी और राजनैतिक आयोजनों में भारी भीड़ जुट रही है जिससे कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है.

बच्चों में भी संक्रमण
अब तक बुजुर्गों के लिए सबसे घातक कोरोना अब बच्चों को भी अपनी चपेट में लेता जा रहा है.एक निजी अस्पताल में पिछले एक माह में 18 वर्ष से कम उम्र के 10 बच्चे और युवा कोविड संक्रमण के कारण भर्ती किए गए हैं.स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक पिछले एक सप्ताह में इस उम्र के 96 संक्रमित मिले हैं. यही वजह है कि इस बार आज दिल्ली में यूके स्ट्रेन की जांच के लिए भेजे गए 117 सैंपलों में 15 साल से कम्र वाले 17 बच्चों के सैंपल भी शामिल किए गए हैं.

यूके स्ट्रेन का ख़तरा
यूके स्ट्रेन का वायरस तेजी से फैलता है,इस वजह से स्वास्थ्य विभाग ने कांटैक्ट ट्रेसिंग बढ़ा दी है,जो लोग संक्रमित मिल रहे हैं उनके संपर्क में आए 15 लोगों की जांच की जा रही है जिससे ये पता लगाया जा सके कि उनके माध्यम से दूसरे किसी व्यक्ति को संक्रमण तो नहीं फैला है.महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज के शिशु रोग विभाग के हेड डॉ. हेमंत जैन का कहना है कोरोना वायरस सुपर स्प्रेड की स्थिति में है. ये यदि घर में किसी एक व्यक्ति को हो जाता है तो परिवार के सदस्य भी चपेट में आ जाते हैं.जबकि पहले ऐसी स्थिति नहीं थी.इसीलिए बच्चों में भी संक्रमण मिल रहा है. घर के किसी बड़े बुजुर्ग को सर्दी, खांसी व बुखार हो तो बच्चों को उनसे दूर ऱखें.घर में भी मास्क का उपयोग करें.बच्चे स्कूल और कोचिंग भी जा रहे हैं तो वहां पर भी उन्हें शारीरिक दूरी का पालन करवाया जाए.
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