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Indore में 25 फीसदी तक महंगी हो सकती है प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त, नई गाइडलाइन तैयार

अगर प्रॉपर्टी के दाम बढ़ते हैं तो सरकार को अकेले इंदौर से 200 करोड़ का राजस्व मिलेगा.

अगर प्रॉपर्टी के दाम बढ़ते हैं तो सरकार को अकेले इंदौर से 200 करोड़ का राजस्व मिलेगा.

Indore-क्रेडाई के चेयरमैन लीलाधर महेश्वरी ने कोरोना के दौर में इस बढ़ोतरी को गैरजरूरी बताया है. उनका कहना है यदि दर बढ़ाना ही है तो फिर दो साल पहले रजिस्ट्री शुल्क में की गयी दो फीसदी बढ़ोतरी वापस ली जाना चाहिए.

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इंदौर. मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में कोरोना काल के बाद अब प्रॉपर्टी के दाम बढ़ाने की तैयारी हो गई है. नए वित्तीय वर्ष से संपत्ति की खरीदी-बिक्री दर में बढ़ोतरी की जा रही है. नई गाइडलाइन के मुताबिक शहर में 5 से 25 फीसदी तक दर बढ़ाने का प्रस्ताव है. प्रशासन ने कल 17 मार्च की शाम तक दावे-आपत्तियां बुलाए हैं. दो साल पहले कमलनाथ सरकार के समय गाइडलाइन में 20 फीसदी की कटौती की गई थी. ऐसा इसलिए किया गया था, ताकि रीयल स्टेट सेक्टर को मंदी से उबारा जा सके. हालांकि इसकी भरपाई उस समय दो फीसदी रजिस्ट्री शुल्क बढ़ाकर की गई थी.

शिवराज सरकार ने नयी गाइडलाइन तैयार कर दी है. इसके मुताबिक यदि बढ़ोतरी लागू होगी तो इससे सरकार को अकेले इंदौर जिले से 200 करोड़ का अतिरिक्त पंजीयन शुल्क मिलेगा. मध्य प्रदेश पहले से ही देश में प्रॉपर्टी के रजिस्ट्रेशन में सबसे ज्यादा शुल्क लेने वाले राज्यों में शामिल है. इससे आम आदमी को दोहरा झटका लगेगा.

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आगरा-मुंबई रोड और महंगा होगा
इंदौर शहर में सबसे महंगा क्षेत्र पहले से ही आगरा मुंबई रोड था. अब इसे 20 फीसदी और महंगा करते हुए यहां ज़मीन की कीमत 10,223 रुपए प्रति वर्गफीट करने का प्रस्ताव जिला मूल्यांकन कमेटी ने पास किया है. जिले में कुल 4386 प्रॉपर्टी गाइडलाइन स्पॉट हैं. सभी जगह पांच से लेकर 25 फीसदी तक की बढ़ोतरी का प्रस्ताव है. खेती की जमीन में कुछ जगह 100 फीसदी तक बढ़ाते हुए दोगुने भाव प्रस्तावित कर दिए गए हैं. पूरे जिले में औसतन बढ़ोतरी का प्रस्ताव 18.21 फीसदी हो गया है.

रामगढ़ में सौ फीसदी महंगी होगी ज़मीन
शहर में एलआइजी से लेकर विजय नगर तक के क्षेत्र में 20 फीसदी तो पीपल्याहाना क्षेत्र में 25 फीसदी तक गाइडलाइन दर बढ़ सकती है. गीता भवन, आरएनटी मार्ग, स्कीम नंबर 140, बंगाली चौराहा, निपानिया, रानीपुरा मेन रोड, जवाहर मार्ग, शिव विलास पैलेस क्षेत्र में भी दर बढ़ोतरी का प्रस्ताव है. जिले के अम्बा मोलिया और गारी पिपलिया गांव में 24 लाख प्रति हेक्टेयर से 48 लाख और रामगढ़ में 16 लाख से बढ़ाकर 32 लाख प्रति हेक्टेयर दर करने का प्रस्ताव है. यानि यहां पर ज़मीन 100 फीसदी महंगी हो जाएगी.

नगर निगम सीमा में 20 फीसदी का प्रस्ताव
नगर निगम सीमा में आने वाले वार्डों के 46 गांव में 20 फीसदी की बढ़ोतरी प्रस्तावित है.इसमें सिरपुर, बीजलपुर, राऊ, निपानिया लिम्बोदी, तलावाली चांदा, पिपल्याराव, पिपल्याहाना, निरंजनपुर, मूसाखेड़ी, चिताववद, बिलावली, अरणिया, सुखनिवास, खजराना, लसूडियामोरी, पिपल्याकुमार, छोटा और बड़ा बांगडदा, टिगरिया बादशाह, बिचौली हप्सी, बिचौली, मर्दाना, बाणगंगा, कुमेड़ी, कनाड़िया, रेवती, बरदरी शामिल हैं. जिले में कुल 365 नई कॉलोनी, लोकेशन को गाइडलाइन में जोड़ा जाएगा. इसमें 185 अकेले इंदौर शहर की हैं.

कल शाम तक कर सकते हैं दावे-आपत्ति
कलेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि 17 मार्च यानि कल बुधवार शाम 5.30 बजे तक आम लोगों से दावे और आपत्तियां मांगी जाएंगी. इन्हीं दावे और आपत्तियों के बाद संशोधित गाइडलाइन का प्रस्ताव केंद्रीय मूल्यांकन समिति भोपाल को भेजा जाएगा. वहां से फाइनल गाइडलाइन जारी की जाएंगी.



क्रेडाई ने किया विरोध
क्रेडाई के चेयरमैन लीलाधर महेश्वरी ने कोरोना के दौर में इस बढ़ोतरी को गैरजरूरी बताया है. उनका कहना है यदि दर बढ़ाना ही है तो फिर दो साल पहले रजिस्ट्री शुल्क में की गयी दो फीसदी बढ़ोतरी वापस ली जाना चाहिए. खासकर एक करोड़ से कम की रजिस्ट्री पर ये शुल्क 10 फीसदी से कम कर देना चाहिए. क्योंकि ये प्रॉपर्टी मध्यवर्गीय परिवार के रेंज की होती है, गाइडलाइन बढ़ने से आम आदमी पर दोहरा भार पड़ेगा.
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