इंदौर जू में सफेद बाघिन के लिए बना पौने दो करोड़ का है बाड़ा, जानिए इसमें क्या है खास

सफेद बाघिन के साथ एक ब्लैक टाइगर भी ओडिशा से इंदौर लाया गया है.

Indore. सफेद बाघिन (white tigress) को ओडिशा के नंदन कानन जू से लाया गया है. नए बाड़े में आते ही इस बाघिन ने मुआयना किया और जोरदार दहाड़ मारी. आठ साल की बाघिन रागिनी को बाड़े में देख दर्शक रोमांचित हो उठे.

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इंदौर. इंदौर जू (Indore zoo) में अब आपको यलो, व्हाइट और ब्लैक टाइगर (Tiger) तीनों देखने मिलेंगे. एनीमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत ओडिशा के नंदन कानन वन से व्हाइट औऱ ब्लैक टाइगर इंदौर लाए गए हैं. इसमें से व्हाइट टाइग्रैस को खुले बाड़े में छोड़ दिया गया है. यलो टाइगर पहले से मौजूद है. अभी कुछ दिनों में ब्लैक टाइगर को भी खुले में छोड़ दिया जाएगा. इसी के साथ ये प्रदेश का पहला ऐसा जू हो गया है जिसमें ब्लैक, व्हाइट और यलो तीनों टाइगर मौजूद हैं

इंदौर के कमला नेहरू प्राणि संग्रहालय में पांच साल पहले सफेद बाघिन शिवानी की मौत हो गई थी. उसके बाद से चिड़ियाघर में व्हाइट टाइगर लाने का प्रयास किया जा रहा था. इसके लिए हैदराबाद, औरंगाबाद समेत कई चिड़ियाघरों से संपर्क किया गया, लेकिन बात नहीं बनी. उसके बाद ओडिशा के नंदन-कानन जू लाजिकल पार्क से एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत एक साथ ब्लैक और व्हाइट टाइगर 22 अप्रैल को इंदौर लाए गए. इसके अलावा दो गोल्डन फिजन पक्षी के जोड़े भी लाए गए हैं. इनके बदले एक शेर और भेड़िया का जोड़ा ओडिशा को दिया गया. कुछ दिन क्वारेंटीन रखने के बाद आज व्हाइट बाघिन को जू में छोड़ दिया गया. ब्लैक टाइगर अभी क्वारेंटीन है. कुछ दिन में उसे भी खुले बाड़े में छोड़ दिया जाएगा.

एक करोड़ 72 लाख का बंगला
इस व्हाइट टाइगर रागिनी के लिए चिड़ियाघर के अंदर एक करोड़ 72 लाख की लागत से एक हजार स्क्वेयर फीट में एक आलीशान बाड़ा बनाया गया है. इसमें उन्हें अलसाने के लिए मचान, तैरने के लिए तालाब और मिट्टी के टीले बन गए हैं. इस बाड़े में जंगल जैसा माहौल दिया गया है. इसमें दो मचान, दो फाउंटेन भी हैं. नए बाड़े में आते ही इस बाघिन ने बाड़े का मुआयना किया और जोरदार दहाड़ मारी. आठ साल की बाघिन रागिनी को बाड़े में देख दर्शक रोमांचित हो उठे.

बर्ड और स्नैक पार्क
जू प्रशासन के मुताबिक व्हाइट के बाद अब ब्लैक टाइगर को भी जल्द ही बाड़े में छोड़ा जाएगा. ब्लैक नर बाघ चार साल का है. इसके शरीर पर काली धारियां है. ये दुर्लभ प्रजाति सिर्फ ओडिशा में पाई जाती है. इंदौर जू में हाल ही में बर्ड पार्क और स्नेक पार्क भी बनाया गया है जिसमें दुर्लभ प्रजाति के पक्षी और सांप मौजूद हैं.

72 प्रजातियों के 635 वन्यजीव-52 एकड़ क्षेत्र में फैले इंदौर जू में 72 प्रजातियों के 635 जानवर हैं. लॉक डाउन के पहले आम दिनों में यहां औसतन चार हजार पर्यटक प्रतिदिन आते थे. हालांकि अभी पर्यटकों की संख्या में कमी देखी जा रही है लेकिन जैसे जैसे कोरोना का खतरा टलता जाएगा,पर्यटकों की संख्या भी बढ़ेगी.

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