कोरोना का कहर: लॉ स्टूडेंट के लंग्‍स ट्रांसप्‍लांट पर आएगा 2 करोड़ का खर्च, परिजनों की अपील पर देवदूत बनकर आगे आए सोनू सूद

लॉ स्टूडेंट के इलाज पर दो करोड़ रुपये का खर्च आएगा.

लॉ स्टूडेंट के इलाज पर दो करोड़ रुपये का खर्च आएगा.

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इंदौर. कोरोना महामारी (Corona) इंदौर के एक और परिवार पर कहर बनकर टूटी है. इस परिवार के नौजवान बेटे के इस बीमारी के कारण फेफड़े पूरी तरह से डैमेज हो गए हैं. बेटा लॉ का स्टूडेंट (Law student) है. लंग्स ट्रांसप्लांट होना है, जिस पर दो करोड़ रुपये का खर्च आएगा. अब इस बेटे के लिए भी सोनू सूद फरिश्ता बन कर आगे आए हैं. लॉ के छात्र को इलाज के लिए हैदराबाद ले जाने का बीड़ा सोनू सूद ने उठाया है.

इंदौर में रहने वाला सार्थक गुप्ता लॉ का स्टूडेंट है. उसकी उम्र अभी महज 25 साल है. कोरोना ने इस यंग स्टूडेंट को भी अपनी चपेट में ले लिया. इस वजह से उसके लंग्स खराब हो गये हैं. सार्थक इस समय जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रहा है. बेटे पर आए इस संकट से परिवार बेहाल है. इलाज पर दो करोड़ रुपये खर्च होंगे. ज़ाहिर है इतनी बड़ी राशि परिवार के लिए जुटा पाना कठिन है. इसलिए परिवार ने शहर के लोगों से मदद की अपील की.

7 दिन से वेंटिलेटर पर

सार्थक इस समय मोहक अस्पताल में भर्ती है. उसका सीआरपी लेवल बढ़ा हुआ है और ऑक्सीजन लेवल तेजी के साथ कम हो रहा है. शहर के दूसरे अस्पतालों में भी उसका इलाज हो चुका है, लेकिन सार्थक की हालत इतनी गंभीर है कि उसे 7 दिन से वेंटिलेटर पर रखा गया है. इस युवक के पिता नितिन गुप्ता पेशे से एडवोकेट हैं. अपने इकलौते बेटे के लिए परिवार से जो कुछ संभव था वह अभी तक कर चुका है. अब इलाज पर होने वाले भारी-भरकम खर्च को देखते हुए इतनी राशि जुटा पाना उनके लिए संभव नहीं है.
मामा ने की मदद की अपील

हर तरफ से हताश और निराश होने के बाद सार्थक के मामा ने उसके इलाज में मदद के लिए फिल्म स्टार सोनू सूद से भी गुहार लगाई थी. सोनू सूद कोरोना संक्रमण काल के दौरान देश में उभर कर आया एक ऐसा व्यक्तित्व हैं, जिन्‍होंने हर जरूरतमंद की मदद की. इसकी शुरुआत हुई थी लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुंचाने से और अब तो उनका यह काम एक मुहिम बन चुका है.




एयर एंबुलेंस का इंतज़ार

सार्थक के मामा ने बताया कि अब उसका इलाज हैदराबाद के डॉक्टर के सुब्बा रेड्डी (अपोलो अस्पताल) करेंगे. सोनू सूद इलाज कराने में मदद करेंगे. सार्थक के इलाज के लिए परिवार, मित्र और समाज के सभी लोग भरपूर मदद दे रहे हैं. उसका इलाज कर रहे चेस्ट फिजिशियन डॉ. रवि डोसी ने बताया कि सार्थक के फेफड़े क्षतिग्रस्त हैं. अन्य अंग सुचारू रूप से काम कर रहे हैं. यदि इकमो किया जाए तो सुधार हो सकता है. कोलकाता से एयर एम्बुलेंस आना है जो उसे एयर लिफ्ट करके ले जाएगी, लेकिन बारिश के कारण वो आ नहीं पा रही है. साथ ही में डॉक्टरों की टीम भी आएगी जो जरूरत पड़ने पर यहीं इकमो कर सकती है.

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