तो क्या स्वच्छता में नंबर वन की हैट्रिक नहीं लगा पाएगा इंदौर!

Swachh Bharat Abhiyan: इंदौर स्वच्छता में हैट्रिक लगाने की तैयारी में हैं और इसके लिए जोर शोर से तैयारियां भी की जा रहीं है लेकिन हैट्रिक लगाने में उन्हीं के कर्मचारी रोड़ा बन रहे हैं

Arun Kumar Trivedi | News18 Madhya Pradesh
Updated: December 5, 2018, 6:30 PM IST
तो क्या स्वच्छता में नंबर वन की हैट्रिक नहीं लगा पाएगा इंदौर!
File Photo
Arun Kumar Trivedi | News18 Madhya Pradesh
Updated: December 5, 2018, 6:30 PM IST
पूरे देश में स्वच्छता का प्रतीक बनी मध्य प्रदेश की आर्थिक नगरी इंदौर स्वच्छता में हैट्रिक लगाने की तैयारी में हैं और इसके लिए जोर शोर से तैयारियां भी की जा रहीं है लेकिन हैट्रिक लगाने में उन्हीं के कर्मचारी रोड़ा बन रहे हैं.

दरअसल, इंदौर नगर निगम कमिश्नर ने दो माह पहले 5 हजार से ज्यादा कर्मचारियों को घरों में ही कचरे से खाद बनाने के लिए होम कम्पोस्टिंग यूनिट लगाने का आदेश दिया था साथ ही यूनिट लगाने की ट्रेनिंग भी दी गई थी लेकिन सिर्फ एक हजार कर्मचारी ही होम कम्पोस्टिंग यूनिट लगा पाए. ऐसे में नगर निगम कमिश्नर ने चार हजार कर्मचारियों का वेतन रोक दिया है.

कर्मचारियों का वेतन रोकने से निगम कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है, क्योंकि स्वच्छता सर्वेक्षण की अनिवार्य शर्त कचरे का मौके पर ही निपटान करने की है. शहर में 50 हजार घरों में होम कम्पोस्टिंग यूनिट लगाने का लक्ष्य रखा गया है.

हालांकि सर्वे के मानकों के हिसाब से 25 हजार घरों में ही यूनिट लगाना अनिवार्य है, जिसमें से अभी तक 18 हजार घरों में ये यूनिट लग चुकीं है बाकि यूनिट लगाने का काम 10 दिसम्बर तक पूरा किया जाना है, इसलिए नगर निगम ज्यादा सख्त दिखाई दे रहा है.

यह पढ़ें- विवादों के बीच हुई शिवराज की कैबिनेट बैठक, इन मुद्दों पर हुई चर्चा
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
-->