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INDORE : शराब दुकानदारों को स्वच्छता का पंच, अहाते में बनवाने होंगे यूरिनल वरना 50 हजार फाइन

MP NEWS : इंदौर लगातार चार बार से देश का सबसे स्वच्छ शहर चुना गया है.
MP NEWS : इंदौर लगातार चार बार से देश का सबसे स्वच्छ शहर चुना गया है.

Indore : नगर निगम कमिश्नर प्रतिभा पाल का साफ और सख्त आदेश है कि समझाने के बावजूद यदि शराब दुकान (wine shop) संचालक नहीं मानें,तो हाथों हाथ चालान काट दिया जाए. 50 हजार रुपये तक का जुर्माना (fine) लगाने से भी हिचकिचाएं नहीं.

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इंदौर. सफाई के लिए कुछ भी करेगा. इंदौर (Indore) नगर निगम, प्रशासन और जनता अब इसी मूड में है. लगातार चार बार देश के सबसे स्वच्छ शहर का तमगा हासिल कर चुके इस शहर की तैयारी अब पंच लगाने की यानि पांचवी बार भी नबंर वन रहने की है. इस नयी तैयारी में इंदौर नगर निगम की नज़र शराब दुकानों (Wine shop) और उनके आस-पास फैलने वाली गंदगी पर है. इसलिए निगम ने आदेश दे दिया है कि दुकान संचालक दुकान के बाहर यूरिनल बनवाएं. अगर गंदगी मिली तो फिर 50 हजार रुपये का जुर्माना ठोका जाएगा.

सफाई का पंच लगाने की तैयारी कर रहा इंदौर नगर निगम इन दिनों अपनी तरफ से स्वच्छता सर्वे करा रहा है.इसी दौरान नगर निगम की कमिश्नर प्रतिभा पाल ने देखा कि शराब दुकानों और अहातों के आसपास गंदगी फैली है. लोग खुले में यूरिन कर रहे हैं.खासतौर पर रात में अहातों में आने वाले लोग नियमों का मखौल उड़ाते हुए आस-पास गंदगी कर रहे हैं.

दुकान के बाहर यूरिनल और बोर्ड
कमिश्नर प्रतिभा पाल ने सभी शराब दुकान संचालकों को यूरिनल बनवाने के लिए कहा है.नगर निगम के मैदानी अमले को निर्देश दिए हैं कि वो शराब दुकानों और अहातों के आस-पास लगातार मॉनिटरिंग करें.जन जागरुकता के लिए खुले में मूत्र त्याग नहीं करने के बोर्ड लगाएं. बोर्ड पर लिखा हो कि खुले में मूत्रत्याग करने या गंदगी फैलाने वाले लोगों पर जुर्माना लगाया जाएगा.कमिश्नर प्रतिभा पाल ने अपने अधिकारियों से कहा कि वे शराब दुकान और अहाता संचालकों को भी समझाइश दें कि वे लोगों को ऐसा करने से रोकें. दुकान संचालकों की जिम्मेदारी है कि वे ग्राहकों को यूरिनल की सुविधा दें.इसलिए जल्द से जल्द अहाते के आसपास यूरिनल बनाकर लोगों को सुविधा दी जाए.




यदि नहीं मानें तो...
निगम कमिश्नर का साफ और सख्त आदेश है कि समझाने के बावजूद यदि शराब दुकान और अहाता संचालक नहीं मानें,तो हाथों हाथ चालान काट दिया जाए. 50 हजार रुपये तक का अर्थ दंड लगाने से भी हिचकिचाएं नहीं.इस पूरी कार्रवाई और निगरानी की जिम्मेदारी निगम के स्वास्थ्य अधिकारियों,जोनल अधिकारियों और मुख्य स्वच्छता निरीक्षकों को सौंपी गई है.

स्वच्छता का प्री सर्वे
सफाई में एक बार फिर नंबर वन आने के लिए इंदौर नगर निगम ने केन्द्रीय शहरी विकास मंत्रालय की टीम से पहले ही अपनी ओर से स्वच्छता सर्वे शुरू कर दिया है. इसके तहत हर जोन का एक-एक वार्ड चुना गया है,जिसे निगम की टीमें स्वच्छता की कसौटी पर प रखेंगी. शहर के 19 जोन के 19 वार्डों में सेवन स्टार रेटिंग और वॉटर प्लस सर्वे की गाइड लाइन और मापदंडों के हिसाब से इंतजाम किए गए हैं.

साफ बात
निगम कमिश्नर प्रतिभा पाल ने अधिकारियों से साफ कह दिया है कि ये मानकर चलिए कि आप लोगों के लिए यही फाइनल सर्वे है. ये सर्वे सात फरवरी तक चलेगा.सर्वे के दौरान कोई कमी या गलती मिलती हो तो जोन के नियंत्रणकर्ता अधिकारी और सुपरवाइजर से जवाब-तलब किया जाएगा.देश में इसे अपने तरह का पहला प्रयोग माना जा रहा है.
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