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  • इंदौर चिड़ियाघर में अपने 2 नवजात शावकों को मारकर खा गई शेरनी, जू अधिकारी हैरान

इंदौर चिड़ियाघर में अपने 2 नवजात शावकों को मारकर खा गई शेरनी, जू अधिकारी हैरान

शेरनी ने तीन नवजात शावकों में से दो को मारकर अपना निवाला बना लिया (प्रतीकात्मक तस्वीर)

शेरनी ने तीन नवजात शावकों में से दो को मारकर अपना निवाला बना लिया (प्रतीकात्मक तस्वीर)

रख-रखाव करने वाले चिड़ियाघर (Zoo) के कर्मचारियों ने सोमवार देखा कि दो शावक गायब हैं, उन्होंने पाया कि शेरनी ने उन्हें मारकर खा लिया. माना जा रहा है कि इस घटना दो-तीन दिनों तक पता नहीं लग सका. जिस पिंजरे में शेरनी और उसके बच्चों को रखा गया था वहां सीसीटीवी नहीं था.

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    इंदौर. कहते हैं कि एक मां अपने बच्चों की खातिर कुछ भी कर सकती है, वो बड़ी से बड़ी कुर्बानी देती है और उन्हें हर हाल में सुरक्षित रखती है. लेकिन इससे उलट इंदौर के कमला नेहरू चिड़ियाघर (Indore Zoo) में एक शेरनी (Lioness) अपने ही दो नवजात बच्चों की भक्षक (Cannibalism) बन गई. हैरान कर देने वाली यह घटना पिछले हफ्ते की है लेकिन इसका पता सोमवार को चला. जानकारी के मुताबिक बिजली नाम की शेरनी ने लगभग पंद्रह दिन पहले तीन शावकों (Cubs) को जन्म दिया था. जू अधिकारियों ने मां और उसके नवजात बच्चों को एक साथ पिंजरे में रखा था.

    सोमवार को रख-रखाव करने वाले चिड़ियाघर के कर्मचारियों ने देखा कि दो शावक गायब हैं, उन्होंने पाया कि शेरनी ने उन्हें मारकर खा लिया. माना जा रहा है कि इस घटना दो-तीन दिनों तक पता नहीं लग सका. जिस पिंजरे में शेरनी और उसके बच्चों को रखा गया था वहां सीसीटीवी (CCTV) नहीं था.

    जू के इंचार्ज डॉ. उत्तम यादव ने कहा कि इस तरह का नरभक्षीपन सामान्य रूप से नहीं होता है, लेकिन यह पूरी तरह असाधारण भी नहीं है. उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं पालतू जानवरों जैसे कुत्ते और बिल्लियों में भी होती हैं. जंगली जीवों को जब कैद कर रखा जाता है तो उनमें अपनों को ही खा जाने की परंपरा बढ़ जाती है.

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    शेरनी का अपने दो नवजात शावकों को मारकर खा जाने की घटना चिड़ियाघर प्रबंधन के लिए हैरानी भरा है


    तीसरा शावक सुरक्षित, शेरनी ठीक से उसका कर रही देखभाल
    उन्होंने कहा कि शावकों को जन्म देने के बाद शेरनी काफी आक्रामक हो गई थी. यह स्पष्ट नहीं है कि उसने खुद उन्हें मारकर खा लिया होगा या कमजोर बच्चे पैदा हुए थे. डॉ. यादव ने कहा कि मां और उसके बच्चों को एकांत में रखा गया था क्योंकि पैदाइश के तुरंत बाद उनकी शांति भंग करना मुनासिब नहीं था. उन्होंने कहा कि तीसरा शावक सुरक्षित है और शेरनी उसकी ठीक से देखभाल कर रही है.

    बता दें कि मध्य प्रदेश में केवल कुछ ही एशियाई शेर हैं और ये सभी चिड़ियाघरों में रह रहे हैं. विश्व प्रसिद्ध एशियाई शेरों के गिर उद्यान क्षेत्र से स्थानांतरण को लेकर मध्य प्रदेश का गुजरात से वर्षों से कानूनी विवाद चला आ रहा है.

     

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