MP: स्ट्रैचर पर लाश के कंकाल बनने के बाद अब सरकारी अस्पताल में मिला नवजात का शव, फ्रीजर में रखकर भूला स्टाफ

(सांकेतिक तस्वीर)
(सांकेतिक तस्वीर)

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नवजात बच्चे की मौत 5 दिन पहले यानी कि 12 सितंबर हो चुकी थी. ऐसे में पांच दिन से शव उसी हालत में फ्रीजर में पड़ा रहा.

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  • Last Updated: September 18, 2020, 12:41 PM IST
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इंदौर. मध्य प्रदेश के इंदौर के महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय (MYH) अस्पताल के मुर्दाघर में हाल ही में एक लावारिस शव के स्ट्रैचर में ही सड़ जाने और कंकाल बन जाने का मामला सामने आया था. जिसकी तस्वीरें भी सोशल मीडिया (Social Media) में वायरल हुई थीं. ऐसे में जहां एक तरफ मामले की जांच भी पूरी नहीं हो पायी वहीं गुरुवार को एक अज्ञात बच्चे का शव मुर्दाघर में एक बक्से में बंद मिलने से हड़कंप मच गया है. बताया जा रहा है कि यहां बीते पांच दिन से एक बच्चे का शव मर्चुरी रूम के फ्रीजर में रखा था.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नवजात बच्चे की मौत 5 दिन पहले यानी कि 12 सितंबर हो चुकी थी. ऐसे में पांच दिन से शव उसी हालत में फ्रीजर में पड़ा रहा. ऐसे में माना जा रहा है कि अस्पताल प्रशासन बच्चे का शव फ्रीजर में रखकर भूल गया.
रिपोर्ट्स के मुताबिक अस्पताल के सूत्रों ने बताया कि बच्चे को 11 सितंबर को किसी ने अलीराजपुर में छोड़ दिया था. जिसे एक सोशल वर्कर उठाकर अस्पताल में भर्ती कर गया. उन्होंने बताया कि उसी दिन इस बच्चे की मौत भी हो गयी थी जिसे सीएमओ को भी बताया गया था.



लावारिस शव के सड़ जाने पर आयोग ने मांगी रिपोर्ट

वहीं स्ट्रैचर पर शव के सड़ जाने और कंकाल बन जाने के मामले में एक अधिकारी ने बताया कि मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति नरेंद्र कुमार जैन ने महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय (एमवायएच) के मुर्दाघर में स्ट्रैचर पर रखे गये लावारिस शव के सड़ जाने को लेकर जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और इस सरकारी अस्पताल के अधीक्षक से चार हफ्ते में रिपोर्ट मांगी है.


'लापरवाही के चलते लावारिस शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जा सका'

अधिकारी ने बताया कि आयोग ने मीडिया की खबरों पर इस घटना का संज्ञान लिया है. खबरों में कहा गया है कि सरकारी अस्पताल के कर्मचारियों की कथित लापरवाही के चलते लावारिस शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जा सका जिससे यह मुर्दाघर में स्ट्रैचर पर पड़े-पड़े सड़ गया और कंकाल बन गया.

प्रबंधन ने दिये जांच के आदेश 

इस बीच, सोशल मीडिया के जरिये मामले का खुलासा होने पर सकते में आये एमवायएच प्रबंधन ने जांच के आदेश दिये हैं. अस्पताल के अधीक्षक प्रमेंद्र ठाकुर ने बताया, "हमने लावारिस शव सड़ने के मामले की जांच के लिये समिति बनायी है. जांच में एमवायएच का जो भी कर्मचारी दोषी पाया जायेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी."


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