NIA ने सब्जी का ठेला लगाकर बर्धमान ब्लास्ट के आरोपी ज़हिरूल शेख़ को धर दबोचा

जमात-उल-मुजाहिद का मास्टर ट्रेनर आतंकी जहिरुल शेख उर्फ ज़ाकिर दो सालों से ठिकाने बदलकर रह रहा था. जांच एजेंसियों से बचने के लिए वो मोबाइल का बहुत कम उपयोग करता था.

Arun Kumar Trivedi | News18 Madhya Pradesh
Updated: August 14, 2019, 3:13 PM IST
NIA ने सब्जी का ठेला लगाकर बर्धमान ब्लास्ट के आरोपी ज़हिरूल शेख़ को धर दबोचा
इंदौर में पक़डा गया आतंकवादी
Arun Kumar Trivedi | News18 Madhya Pradesh
Updated: August 14, 2019, 3:13 PM IST
पश्चिम बंगाल के बर्धमान ब्लास्ट का आरोपी आतंकवादी ज़हिरूल शेख़ दो दिन पहले मध्य प्रदेश के इंदौर में पकड़ा गया है. उसकी गिरफ़्तारी बड़े नाटकीय तरीके से हुई. एनआईए (NIA) की टीम ने कई दिन तक इलाके की रेकी की और जानकारी पुख्ता होने पर जाल बिछाकर ज़हिरूल को गिरफ्तार किया. ज़हिरूल दो साल से यहां किराए के एक मकान में मज़दूर बनकर रह रहा था. उसकी गिरफ़्तारी पर तीन लाख रुपए का इनाम था.

लगातार बदला अपना ठिकाना
जमात-उल-मुजाहिद का मास्टर ट्रेनर आतंकी ज़हिरूल शेख़ उर्फ ज़ाकिर दो साल से ठिकाने बदलकर रह रहा था. जांच एजेंसियों से बचने के लिए वो मोबाइल का बहुत कम उपयोग करता था. एनआईए की टीम पांच दिन पहले उसका पीछा करते हुए इंदौर पहुंची. ज़हिरूल को पकड़ने के लिए उसने जाल बिछाया. NIA के अफसरों ने इंदौर में सब्ज़ी का ठेला लगाना शुरू किया और फिर संकरी गलियों में घूम-घूम कर उसकी रेकी की. जैसे ही ज़हिरूल उर्फ जाकिर के आने-जाने और ठहरने की पुख्ता जानकारी हाथ लगी, टीम ने धावा बोलकर उसे दबोच लिया. उसके घर की तलाशी ली गयी जिसमें मोबाइल फोन और अन्य सामान ज़ब्त किया गया.

मोबाइल फोन से मिला सुराग

पश्चिम बंगाल के बर्धमान में अक्टूबर 2014 में हुए ब्लास्ट के बाद से ही ज़हिरूल फरार चल रहा था. NIA की टीम उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार कोशिशें कर रही थी. बर्धमान ब्लास्ट की जांच कर रहे NIA के इंस्पेक्टर दिवाकर मिश्रा, ज़हिरूल शेख की पिछले चार साल से तलाश कर रहे थे. दो साल पहले जानकारी मिली कि वो इंदौर में छिपा है. जांच के दौरान टीम को करीब दो महीने पहले ज़हिरूल के एक रिश्तेदार के मोबाइल फोन में उसका भी नंबर मिला. लेकिन ज़हिरूल इतना शातिर है कि वो बार-बार अपनी लोकेशन बदल रहा था. कभी खंडवा रोड, नेमावर रोड और कभी आजाद नगर क्षेत्र में उसकी लोकेशन मिल रही थी.

ईद पर बरता संयम
पांच दिन पहले दिवाकर मिश्रा की टीम इंदौर पहुंची थी. उनकी टीम ने मीना पैलेस और कोहिनूर कॉलोनी में सब्जी का ठेला लगाकर ज़हिरूल का पीछा करना शुरू किया. बीते रविवार को पता चला कि ज़हिरूल शाकिर खान नाम के एक व्यक्ति के मकान में ठहरा हुआ है. ये मकान पश्चिम बंगाल निवासी महरुल मंडल ने किराए पर ले रखा है. मंडल मकान बनाने के ठेके लेता है. ज़हिरूल शेख़ उसके पास मजदूर बनकर छिपा है. ईद पर लोगों की आवाजाही देखकर एजेंसी ने उसे कोहिनूर कॉलोनी में नहीं पकड़ा. टीम उसका पीछा करते हुए खंडवा रोड तक पहुंच गई. यहां जैसे ही मौका मिला, NIA की टीम ने आतंकवादी ज़हिरूल शेख़ को फौरन हिरासत में ले लिया.
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पड़ोसी भी थे बेख़बर
आतंकी ज़हिरूल शेख़ के पड़ोसियों को भी नहीं पता था कि उनके पड़ोस में एक आतंकवादी रह रहा है. मकान मालिक के मुताबिक उन्होंने मकान महरुल मंडल को किराए पर दे रखा था. इसकी थाने पर सूचना भी दी गई थी. एनआईए अफसरों ने उनसे किराएदार की जानकारी और अनुबंध (एग्रीमेंट) मांगा तो मुहैया करवा दिया गया. पड़ोसियों को यही पता था कि ज़हिरूल शेख़ राजमिस्त्री का काम करता था. उन्हें कभी भी इस मकान पर संदिग्ध गतिविधियां नहीं दिखाई दीं.

NIA का सीक्रेट मिशन
एनआईए ने अपना ऑपरेशन पूरी तरह से गुप्त रखा था. स्थानीय पुलिस को भी उन्होंने भनक नहीं लगने दी, क्योंकि स्थानीय पुलिस से सूचना लीक होने का खतरा था. कोहिनूर कॉलोनी जिसमें ये आतंकी रहता था वो आजाद नगर थाना क्षेत्र में आता है. ये मुस्लिम बाहुल इलाका है और संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है. इसलिए आजाद नगर थाना पुलिस को भी सूचना नहीं दी गई.

ऑपरेशन ओवर
ऑपरेशन पूरा होने के बाद एनआईए की टीम ने जांच पड़ताल में क्राइम ब्रांच की मदद ली. क्राइम ब्रांच की टीम ने मंगलवार सुबह मकान किराए पर लेने वाले ठेकेदार मंडल, मकान मालिक शाकिर और उनके जीजा अमजद के बयान लिए. उसके बाद पूरे कमरे की तलाशी ली गयी. ज़हिरूल के मकान से एक नैनो कार, मोबाइल फोन के अलावा गैंती, फावड़ा और कन्नी मिली.

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First published: August 14, 2019, 1:25 PM IST
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