कोरोना कर्फ्यू में तफरीह करने निकला 'जूजू' अपने मालिक सहित पहुंच गया थाने, जानिए क्या है किस्सा

पुलिस का कहना है कि लॉकडाउन में तफरी करने निकले लोगों को सबक सिखाने के लिए सख्ती ज़रूरी है.

पुलिस का कहना है कि लॉकडाउन में तफरी करने निकले लोगों को सबक सिखाने के लिए सख्ती ज़रूरी है.

Indore. पूर्वी क्षेत्र के पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी के मुताबिक इंदौर में जिस तरह के हालात हैं, उसके कारण इतनी सख्ती करना पड़ रही है. लोगों से यही उम्मीद है कि वह पुलिस का सहयोग करें

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इंदौर. इंदौर में कोरोना कर्फ्यू (Lockdown) के दौरान सड़क पर निकलना एक युवक के साथ उसके कुत्ते को भी भारी पड़ गया. पुलिस ने मालिक सहित श्वान को हिरासत में ले लिया. हालांकि कुछ देर बाद नसीहत देकर दोनों को रिहा कर दिया गया.

इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह ने लॉकडाउन में सख्ती करने के आदेश जारी किए थे. इस वजह से सुबह से ही पुलिस सड़क पर नाका बंदी कर रही थी और उसकी नज़र बेवजह सड़क पर घूमने वालों पर थी. कुछ लोगो को हिरासत में लिया तो कुछ को तत्काल समझा कर रवाना कर दिया.

जूजू और मालिक गिरफ्तार

गश्त के दौरान पलासिया थाना पुलिस की टीम गीता भवन मंदिर क्षेत्र में पहुंची. यहां कैलाश पार्क में रहने वाले एक शख्स अपने पालतू कुत्ते जूजू को घुमा रहे थे. खुले क्षेत्र में पालतू कुत्ते को घुमाता देख पलासिया पुलिस ने युवक को कुत्ते जूजू सहित गिरफ्तार कर जेल वाहन में बैठा लिया और उन्हें पलासिया थाने स्थित अस्थायी जेल लेकर पहुंच गयी. उक्त शख्स के अलावा बेवजह सड़क पर घूमने वाले 10 अन्य लोगों को भी पलासिया पुलिस ने गिरफ्तार किया.
मालिक ने दी दलील

हालांकि शख्स ने पुलिस को दलील दी कि वह हर दिन सुबह जल्दी उठकर अपने पालतू कुत्ते जूजू को घुमाने ले जाते हैं. लेकिन आज तबीयत खराब होने की वजह से वह घर से देरी से निकले थे. अपनी कैलाश पार्क सोसाइटी में वह श्वान को नित्यक्रिया के लिये नहीं छोड़ सकते. इस वजह से उसे लेकर सोसायटी के गेट के बाहर निकले थे.

5 मिनट में पकड़े गए



हिरासत में आया युवक रियल स्टेट कारोबारी है. उन्हें थायराइड और शुगर की बीमारी है. वह जूजू को 5 मिनट के लिए घुमाने घर से निकले थे.

पेटा ने की निंदा

पुलिस की इस कार्रवाई की पशु प्रेमियों ने निंदा की है. पेटा सदस्य प्रांशु जैन ने कहा पुलिस एक डॉग को कैसे गिरफ्तार कर सकती है. घर नजदीक था तो वह डॉग को घर छुड़वा कर भी उन्हें गिरफ्तार कर सकती थी. पुलिस ने ही एनिमल थाना खुलवाया है. अब वही जानवरों पर अत्याचार कर रही है.

पुलिस का बयान

हालांकि पुलिस अधिकारियों की यह दलील है कि हमने सिर्फ मालिक को हिरासत में लिया था, श्वान से कोई लेना देना नहीं था. बल्कि यह भी कहा था कि वो परिवार के सदस्य को बुलाकर कुत्ते को उसके सुपुर्द कर दे.

सख्ती ज़रूरी

पूर्वी क्षेत्र के पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी के मुताबिक इंदौर में जिस तरह के हालात हैं, उसके कारण इतनी सख्ती करना पड़ रही है. लोगों से यही उम्मीद है कि वह पुलिस का सहयोग करें. हालांकि जो सही व्यक्ति होता है उस पर कड़ी कार्रवाई न करते हुए पूछताछ कर छोड़ दिया जाता है.


जनता को संदेश

पलासिया थाना प्रभारी संजय सिंह के मुताबिक कारोबारी को घर से दूर उनके पालतू जानवर के साथ पकड़ा गया था. थाने लाकर सांकेतिक तौर पर गिरफ्तार कर उनके हस्ताक्षर करवाकर तत्काल छोड़ दिया गया था. इसके माध्यम से उन्हें और अन्य लोगो को संदेश देने का प्रयास किया गया है,कई बार सड़क पर लोग इसी तरह के बहाने बनाकर घूमते नजर आते हैं.

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