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एमपी: इंजीनियर के ठिकानों से 36 लाख रुपए, 1.35 किलो सोना और 7 किलो चांदी बरामद

Vikas Singh Chauhan | News18 Madhya Pradesh
Updated: May 5, 2019, 8:17 AM IST
एमपी: इंजीनियर के ठिकानों से 36 लाख रुपए, 1.35 किलो सोना और 7 किलो चांदी बरामद
जानिए, 55 हजार वेतन वाला आईडीए इंजीनियर कैसे बना धनकुबेर..

गजानंद नौकरी के साथ साथ अपने भाई के कारोबार में भी भागीदार है. IDA की प्लानिंग शाखा में होने की वजह से उन्होंने जमीन और बिल्डिंग में बड़ी मात्रा में मोटी कमाई की है.

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मध्य प्रदेश में इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) के सब इंजीनियर गजानंद पाटीदार के घर पर लोकायुक्त की टीम ने शनिवार को छापा मारा है. मिली जानकारी के मुताबिक पाटीदार जब सुबह योग करने के लिए जा रहे थे, तभी टीम घर में दाखिल हो गई. कार्रवाई में टीम को करोड़ों रुपए की संपत्ति मिली है, इसमें 36.65 लाख रुपए, 1.35 किग्रा सोना, 7 किग्रा चांदी आदि शामिल हैं. वहीं अनुमान लगाया जा रहा है कि लोकायुक्त टीम की ये कार्रवाई दो दिनों तक जारी रह सकती है.

मध्य प्रदेश लोकायुक्त की टीम ने आईडीए के प्लानिंग शाखा के सब इंजीनियर के 10 ठिकानों पर शनिवार सुबह एक साथ दबिश दी. टीम गजानंद पाटीदार के योजना क्रमांक 78 स्थित निवास के साथ ही उनके बहन और भाई के घर पहुंची. एक टीम उनके खरगोन स्थित पैतृक निवास पर भी तलाशी लेने पहुंची.

लोकायुक्त पुलिस इंस्पेक्टर विजय चौधरी ने बताया कि सुबह जिस समय गजानंद पाटीदार के घर पर छापा मारा गया, उसी समय पाटीदार के 8 अन्य ठिकानों पर भी छापा मारा गया. इनमें स्कीम नंबर 78, स्कीम नंबर 136, स्कीम नंबर 114 और सुखलिया स्थित ठिकाने शामिल हैं. प्रारंभिक जांच में गजानंद पाटीदार के पास करोड़ों रुपए की संपत्ति होने के दस्तावेज मिले हैं.

इसके अलावा स्कीम नंबर 94 में एक मकान, खरगोन स्थित शेगांव में पैतृक निवास, 25 लाख नकद, करीब सवा लाख का गोल्ड, स्कीम 78 में 2500 स्क्वायर फीट पर मकान, एक खाली प्लॉट और गार्डन, खेती की जमीन, दुकान शामिल है.

गजानंद पाटीदार 5 साल पहले ही पदोन्नति पर इंदौर विकास प्राधिकरण में सब इंजीनियर बने हैं. वर्तमान में उनका वेतन करीब 55 हजार रुपए महीना है. शुरू से ही वे प्राधिकरण की प्लानिंग शाखा में ही काम कर रहे हैं. प्राधिकरण द्वारा लाई जाने वाली किसी भी नई योजना का प्लान बनाने का काम शाखा द्वारा किया जाता है.

लोकायुक्त की एक टीम गजानंद के बड़े भाई और बिल्डर रमेश चंद्र पाटीदार के यहां भी पहुंची. टीम ने यहां पर दस्तावेज जांचे और उन्हें जब्त किया. मिली जानकारी के मुताबिक गजानंद नौकरी के साथ ही अपने भाई के कारोबार में भी भागीदार है. प्लानिंग शाखा में होने की वजह से उन्होंने जमीन और बिल्डिंग में बड़ी मात्रा में मोटी कमाई की है.

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First published: May 4, 2019, 2:19 PM IST
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