आकाश विजयवर्गीय के बैट कांड पर जानें कब किस नेता ने क्या कहा

विधायक आकाश विजयवर्गीय ने निगम के अधिकारी की बैट से पिटाई प्रकरण की अब तक बीजेपी में किसी ने खुलकर आलोचना नहीं की थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना से पहले देखें किसने क्या कहा था.

News18 Madhya Pradesh
Updated: July 2, 2019, 1:47 PM IST
आकाश विजयवर्गीय के बैट कांड पर जानें कब किस नेता ने क्या कहा
आकाश विजयवर्गीय
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Updated: July 2, 2019, 1:47 PM IST
भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के बेटे और विधायक आकाश विजयवर्गीय के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि किसी का भी बेटा हो, ऐसा बर्ताव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा है कि जिन लोगों ने इस मामले में जमानत पर रिहा हुए आकाश विजयवर्गीय का स्वागत किया है, उन्हें पार्टी में रहना का हक नहीं है. सभी को पार्टी से निकाल देना चाहिए.'

विधायक रमेश मेंदोला ने आकाश के इस कदम का समर्थन

इससे पहले  जब भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय ने 26 जून को इंदौर में नगर निगम के एक अधिकारी की बैट से पिटाई की थी तब से उनके समर्थन में बीजेपी के नेताओं के बयान आते रहे थे. आकाश बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय के बेटे हैं. उन्हें इस घटना के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया जेल भेजा गया तो आकाश के बचाव में कैलाश विजयवर्गीय के करीबी विधायक रमेश मेंदोला ने कहा था- निगम के कर्मचारी कांग्रेसी गुंडे के रूप में काम कर रहे थे. अगर आकाश विजयवर्गीय बैट नहीं उठाते थे आकाश विजयवर्गीय की हत्या हो जाती, क्योंकि निगम कर्मियों के साथ कांग्रेसी गुंडे भी इकट्ठे हो गए थे.

आकाश ने अपने को शर्मिंदा नहीं होने की बात कही

गिरफ्तारी के बाद आकाश विजयवर्गीय के पक्ष में इंदौर के कुछ हिस्सों में 'सलाम आकाश जी' के पोस्टर लगाए गए थे. जेल से बाहर आने के बाद आकाश ने मीडिया से कहा कि वे ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि वे दोबारा बल्लेबाजी करने का अवसर न दें. आकाश ने कहा, 'ऐसे समय जब एक महिला को पुलिस के सामने घसीटा जा रहा हो, मैं कछ और करने की सोच भी नहीं सकता. मैंने जो किया उसपर शर्मिंदा नहीं हूं. आकाश ने जेल से निकलने के बाद कहा, 'क्षेत्र की जनता के लिए हम आगे भी काम करते रहेंगे. जेल में समय अच्छा बीता.'

पिता कैलाश विजयवर्गीय ने पूछ दी थी पत्रकार की हैसियत
बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने नगर निगम कर्मचारियों की पिटाई की घटना पर जब एक निजी चैनल के पत्रकार ने कैलाश विजयवर्गीय से सवाल पूछा तो वो उसे सुनकर भड़क गए. पत्रकार ने कैलाश विजयवर्गीय से पूछा कि आपके बेटे ने कानून को अपने हाथ में लेकर निगम अधिकारियों की पिटाई की. इस पर पहले तो उन्होंने कहा कि मेरा बेटा गलत काम नहीं कर सकता. फिर जब पत्रकार ने दोबारा पूछा कि यह तो वीडियो में दिख रहा है कि आकाश अधिकारियों की पिटाई कर रहे हैं. इस पर वो और ज्यादा भड़क गए और पत्रकार को कहा कि आप जज हैं क्या? पत्रकार के बार-बार सवाल पूछने पर कैलाश विजयवर्गीय ने अपना आपा खो दिया और कहा कि तुम्हारी हैसियत क्या है?
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बाद में बताया कच्चा खिलाड़ी
कैलाश विजयवर्गीय ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि मुझे लगता है कि आकाश और निगम अधिकारी दोनों पक्ष कच्चे खिलाड़ी हैं. ये बड़ा मुद्दा नहीं था लेकिन इसे बड़ा बना दिया गया. आकाश का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि आकाश ने यदि झगड़ा भी किया तो किसी बिल्डर के लिए नहीं किया बल्कि गरीब परिवार और एक असहाय महिला की लड़ाई लड़ी.

महापौर ने निगम की कार्रवाई को बताया था सही 

इंदौर की महापौर मालिनी गौड़ ने कहा कि इस मामले में आकाश विजयवर्गीय को पहले मुझसे बात करनी चाहिए थी. जर्जर मकान पर हो रही कार्रवाई सही है और आगे भी इस तरह की कार्रवाई होती रहेगी.

सीएम कमलनाथ ने सांकेतिक भाषा में दी नसीहत
इस प्रकरण पर सीएम कमलनाथ ने किसी का नाम या प्रसंग का ज़िक्र किए बिना अपनी प्रतिक्रिया में  कहा था बैट मैच की जीत का प्रतीक होना चाहिए, प्रजातंत्र की हार का नहीं. उन्होंने कहा कि पंडित नेहरू कहते थे, "संस्कारवान युवा ही देश का भविष्य संवारेगा" आज हमारे चुने हुए युवा जनप्रतिनिधियों को आत्ममंथन - आत्मचिंतन करना चाहिए कि वो किस रास्ते पर भारत के भविष्य को ले जाना चाहते हैं. एक रास्ता प्रजातंत्र की गौरवशाली विरासत की उम्मीदों को पूरा करने वाला है, और दूसरा उन्मादी. उन्मादी व्यवहार सस्ता प्रचार तो दे सकता है ,प्रजातंत्र को परिपक्वता नहीं दे सकता.

महिलाओं ने बताया था बदसलूकी का नतीजा 

महिलाओं का कहना है कि यह घटना उनका किराये का घर जबरन खाली कराने की कोशिश में शहरी निकाय के कारिंदों द्वारा उनके साथ की गई बदसलूकी और छेड़-छाड़ का नतीजा है.

हां मैं भी बल्लेबाज हूं
समर्थकों ने ट्वीट करना शुरू कर दिया था. इसमें लिखा था-माताओं-बहनों की रक्षा के लिए, महिलाओं के सम्मान के लिए, अन्याय से लड़ने के लिए, गरीबों के मान के लिए, इंदौर को गुंडों से बचाने के लिए, हां मैं भी बल्लेबाज हूं.#MaiBheBallebaaj

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युवती हुई विवाह के नाम पर बिकने को मजबूर

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First published: July 2, 2019, 1:39 PM IST
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