• Home
  • »
  • News
  • »
  • madhya-pradesh
  • »
  • जन्मदिन विशेष : नाम भले है लता, पर इंदौर में है उनकी यादों का सुरीला छायादार वृक्ष

जन्मदिन विशेष : नाम भले है लता, पर इंदौर में है उनकी यादों का सुरीला छायादार वृक्ष

जन्मदिन मुबारक.

जन्मदिन मुबारक.

HBD Lata : मराठी समाज में पहला बच्चा लड़की की मां के घर होता है. इसलिए लता का जन्म उनकी नानी के घर इंदौर में हुआ था. 5 साल की उम्र में ही लता ने अपने पिता से गाना सीखना और एक्टिंग करना शुरू कर दिया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated :
  • Share this:

इंदौर. हिंदुस्तान के दिल मध्य प्रदेश के इंदौर में जन्मी स्वर कोकिला भारत रत्न लता मंगेशकर का 28 सितंबर को 93वां जन्मदिन है. देश-विदेश में अपनी आवाज का जादू बिखेरने वाली लता मंगेशकर ने पैंतीस से ज्यादा भाषाओं में गाने गाए हैं और भारतीय सिने जगत में एक अलग मुकाम बनाया. उनके मुकाबले की कोई दूसरी गायिका नजर नहीं आती है.

लता मंगेशकर का जन्म देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के सिख मोहल्ले के एक मराठी परिवार में हुआ था. जो वाघ साहब के बाड़े के रूप में जाना जाता था. लता अपने परिवार के साथ इसी चालनुमा घर के एक कमरे में रहा करती थीं. उनके चाहने वाले बताते हैं कि मराठी समाज में पहला बच्चा लड़की की मां के घर होता है. इसलिए लता का जन्म उनकी नानी के घर इंदौर में हुआ था. उनके पिता कोल्हापुर के पास सांगली में एक नाटक कंपनी चलाते थे, जिसे बंद कर उन्होंने एक फिल्म कंपनी बनाई. लता 5 भाई-बहनों में सबसे बड़ी थीं. बचपन में वे बड़ी शरारतीं थीं. पांच साल की उम्र में ही लता ने अपने पिता से गाना सीखना और एक्टिंग करना शुरू कर दिया था. लता जब महज 13 साल थीं, तभी उनके पिता दीनानाथ मंगेशकर का निधन हो गया. तब लता ने अपने परिवार को संभालने की जिम्मेदारी बखूबी निभाई.

इंदौर में लता का घर

लता मंगेशकर के इंदौर से जाने के बाद उनके घर को एक मुस्लिम परिवार ने खरीद लिया था. कुछ समय तक तो मुस्लिम परिवार यहां रहा और उसके बाद उसने इसे बलवंत सिंह को बेच दिया. सिंह परिवार यहां काफी समय तक रहा और बाद में उसने भी इस घर को मेहता परिवार को सौंप दिया. फिलहाल लताजी के इस घर की सूरत बदल चुकी है. मेहता परिवार ने घर के बाहरी हिस्से में कपड़े का शोरूम खोल लिया है. शोरूम संचालित करने वाले नितिन मेहता और स्नेहल मेहता के मुताबिक, उन्हें जब पता चला कि ये घर लताजी का है तो उन्होंने इसे तत्काल सिंह परिवार से खरीद लिया. इसके बाद उन्होंने घर का कायाकल्प करवाया और प्रतिदिन दुकान खोलने के साथ लताजी का आशीर्वाद लेते हैं. इसके लिए उन्होंने दुकान के एक हिस्से में लताजी का म्यूरल बनवाया है. लता के छोटे भाई हृदयनाथ मंगेशकर भी ये स्थान देखने आ चुके हैं. लोग अब यहां स्मारक बनाने की मांग कर रहे हैं.

शहर में हर तरफ लता के प्रशंसक

इंदौर में लता को चाहने वालों की कमी नहीं है. शहर के हरीश लखवानी लताजी की आवाज के इतने दीवाने हैं कि वे उन्हें देवियों की तरह पूजते हैं. वे सुबह उठने के बाद उन्हें अगरबत्ती दिखलाते हैं. शहर में सिंध बेकरी के नाम से लखवानी की दुकान है. उनकी शॉप में चारों ओर लताजी की तस्वीरें नजर आती हैं. वे करीब 41 साल से लता जी का जन्मदिन मना रहे हैं. दुकान में आनेवाला कोई शख्स यदि भूल से भी लताजी की बात कर दे, तो वे उसकी बिना खातिरदारी किए जाने नहीं देते. वे उसकी हर तरह से मदद को तैयार हो जाते हैं. वे कहते हैं कि लता इस शहर की बेटी हैं. उन्होंने इंदौर का नाम पूरी दुनिया में रोशन किया है. उनके सम्मान में हमलोगों की खातिरदारी करते हैं. वे दिन भर लोगों को फ्री में केक खिलाते हैं.

खाने-खिलाने की शौकीन लता

सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर गाना गाने से ज्यादा खाने और खिलाने की शौकीन हैं. गायकी में कैरियर शुरू करते वक्त किसी ने उनसे कह दिया था कि मिर्च खाने से आवाज ज्यादा सुरीली होती है. इसलिए वे 10 से 12 मिर्च रोज खाने लगी थीं. इसके अलावा लता को जलेबी कुछ ज्यादा ही पसंद थी. इतना ही नहीं, उन्हें इंदौर के सराफा की खाऊ गली के गुलाब जाबुन, रबड़ी और दही बडे़ बहुत पसंद थे. चाट गली में भी उनका अक्सर आना जाना लगा रहता था. इंदौर से उन्हें आज भी बेहद लगाव है.

सम्मानों की झड़ी

बहरहाल 28 सितंबर 1929 को जन्मी लता मंगेशकर ने अब तक करीब 9 दशकों में 1000 से भी ज्यादा हिंदी फिल्मों और 36 से भी ज्यादा भाषाओं में गाने गाये हैं. साल 2001 में उन्हें भारत रत्न से भी नवाजा जा चुका है. इसके अलावा लता मंगेशकर को 1969 में पद्म भूषण, 1989 में दादा साहब फाल्के अवॉर्ड और 1999 में पद्म विभूषण से भी नवाजा जा चुका है.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज