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रतलाम के वकील ने महिला न्यायाधीश को जन्मदिन पर भेजा ‘अशोभनीय बधाई संदेश’, FIR के बाद गिरफ्तार

महिला न्यायाधीश को ‘अशोभनीय बधाई संदेश’ भेजने वाले वकील को जेल.

महिला न्यायाधीश को ‘अशोभनीय बधाई संदेश’ भेजने वाले वकील को जेल.

मध्यप्रदेश के रतलाम जिले में एक महिला न्यायाधीश को उनके जन्मदिन पर ‘अशोभनीय बधाई संदेश’ भेजने वाले अधिवक्ता को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 3, 2021, 12:05 AM IST
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इंदौर. मध्यप्रदेश के रतलाम जिले में एक महिला न्यायाधीश को उनके जन्मदिन पर ‘अशोभनीय बधाई संदेश’ भेजने का मामला सामने आया है. संदेश सरकारी ईमेल पते और  स्पीड पोस्ट के जरिए भेजा गया था. इसमें फेसबुक डीपी पर लगी पर्सनल फोटो का उपयोग किया गया. इसके बाद वकील पर मुकदमा दर्ज करा दिया गया. यह संदेश भेजने के इल्जाम में पुलिस ने एक वकील को गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद जेल में बंद आरोपी ने अब जमानत के लिए उच्च न्यायालय की शरण ली है.

अधिकारियों ने बताया कि रतलाम की जिला अदालत के एक प्रणाली अधिकारी (सिस्टम ऑफिसर) की आठ फरवरी को पेश लिखित शिकायत पर एक वकील के खिलाफ की गई. इस पर भारतीय दंड विधान की धारा 420 (धोखाधड़ी), 467 (दस्तावेजों की जालसाजी) और अन्य धाराओं के साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के संबद्ध प्रावधानों के तहत वहां के स्टेशन रोड थाने में मामला दर्ज किया गया था.

उन्होंने बताया कि वकील पर इल्जाम है कि उसने रतलाम की महिला न्यायाधीश के जन्मदिन के मौके पर उनके सरकारी ई-मेल पते पर 28 जनवरी को देर रात ‘अशोभनीय बधाई संदेश’ भेजा, जबकि वह आरोपी को जानती तक नहीं हैं. अधिकारियों के मुताबिक वकील पर यह आरोप भी है कि उसने महिला न्यायाधीश के फेसबुक खाते से उनकी डिस्प्ले पिक्चर (डीपी) डाउनलोड की और ‘जालसाजी के जरिये’ ग्रीटिंग कार्ड बनाने में इसका दुरुपयोग किया.



स्पीड पोस्ट से भेजा ग्रीटिंग कार्ड
उन्होंने बताया कि इस ग्रीटिंग कार्ड पर कथित रूप से अशोभनीय संदेश लिखकर इसे स्पीड पोस्ट के जरिये उस वक्त महिला न्यायाधीश को भेजा गया जब उनकी अदालत चल रही थी. अधिकारियों ने बताया कि वकील को इस मामले में नौ फरवरी को गिरफ्तार किया गया.

अभियोन ने याचिका पर की थी आपत्ति

रतलाम के एक अपर सत्र न्यायाधीश ने उसकी जमानत याचिका 13 फरवरी को खारिज कर दी थी. अभियोजन ने इस याचिका पर कड़ी आपत्ति जताते हुए अदालत में कहा था कि वकील ने महिला न्यायाधीश का ‘लैंगिक उत्पीडऩ’ और उनकी ‘लज्जा का अनादर’ किया.

वकील ने दी यह दलील

उधर, वकील ने इन आरोपों से इंकार करते हुए रतलाम की अदालत में कहा कि चूंकि वह गरीबों को नि:शुल्क कानूनी परामर्श देता है. इसलिए वह कई वकीलों की ‘निजी रंजिश का शिकार’ है. अधिकारियों के मुताबिक आरोपों का सामना कर रहा वकील फिलहाल रतलाम के एक जेल में न्यायिक हिरासत के तहत बंद है. इस बीच, मामले से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ में वकील की ओर से जमानत याचिका दायर की गई है. इस याचिका पर बुधवार को सुनवाई संभावित है.
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