अपना शहर चुनें

States

MP: फिर सामने आया काले धन का कुबेर, लोकायुक्त छापे में उजागर हुई करोड़ों की संपत्ति

इंदौर जिला आबकारी अधिकारी के पास मिली बेहिसाब करोड़ों रुपए की संपत्ति
इंदौर जिला आबकारी अधिकारी के पास मिली बेहिसाब करोड़ों रुपए की संपत्ति

इस कार्रवाई में लोकायुक्त पुलिस की टीम ने इंदौर में दो पेट्रोल पंप, दो बंगले, दो दुकानों, 4 लग्जरी गाडियां जिसमें मर्सडीज और ऑडी जैसी गाड़ियां शामिल हैं 6 तेल टेंकरों के अलावा कालूखेड़ा में पैतृक घर जावरा में 6 वेयर हाउस मिले है.

  • Share this:
लोकायुक्त पुलिस ने इंदौर शहर में जिला आबकारी अधिकारी पराक्रम सिंह चंद्रावत पर शिकंजा कसते हुए 3 जिलों में कई ठिकानों पर एक साथ छापेमार कार्रवाई की है. इस कार्रवाई में करोड़ों की संपत्ति का खुलासा हुआ है.

जानकारी के अनुसार, लोकायुक्त की टीम ने शुक्रवार को इंदौर में पराक्रम सिंह चंद्रावत के निवास, पेट्रोल पंप और दो दुकानों, रतलाम के जावरा में वेयर हाउस दुकानों, धार में कार्यालय और एक घर के अलावा कालूखेड़ा में पैतृक घर पर एक साथ दबिश दी.

इस कार्रवाई में लोकायुक्त पुलिस की टीम ने इंदौर में दो पेट्रोल पंप, दो बंगले, दो दुकानों, 4 लग्जरी गाडियां जिसमें मर्सडीज और ऑडी जैसी गाड़ियां शामिल हैं 6 तेल टेंकरों के अलावा कालूखेड़ा में पैतृक घर जावरा में 6 वेयर हाउस मिले है. इसके साथ ही डेढ़ करोड़ से ज्यादा की सोने, चांदी और डायमंड ज्वैलरी, 12 लाख नगद, 10 बैक एकाउंट और दो लॉकर मिले है. छापामार कार्रवाई के दौरान लोकायुक्त पुलिस को कई अहम जानकारियां मिली हैं.



चंद्रावत ने इंदौर में कई बेनामी संपत्तियां खरीद रखी हैं जिन्हें किराए पर दिया गया. ये संपत्तियां दूसरे लोगों के नाम पर खरीदी गई हैं एबी रोड पर ये ग्रुप एक बड़ी बिल्डिंग का प्रोजेक्ट भी तैयार कर रहा है.
चंद्रावत पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह कालूखेड़ा के भतीजे हैं उनका परिवार कालूखेड़ा का रियासतदार है. वहां उनका पैतृक निवास महल के रूप में है. छापे के दौरान जब लोकायुक्त की एक टीम कालूखेड़ा पहुंची तो वहां सैकड़ों एकड़ में फैला महल और विलासिता के संसाधन देखकर दंग रह गई लोकायुक्त को 6 वेयर हाऊस मिले जिन्हे सील कर दिया गया.

पिछले साल पराक्रम सिंह चंद्रावत के खिलाफ मिल रही शिकायतों के चलते उन्हें धार से हटा दिया गया था लेकिन राजनैतिक रसूख के चलते चंद्रावत दोबारा उसी पद पर आ गए,चंद्रावत एक बार बिना सरकारी अनुमति के स्विट्जरलैंड और फ्रांस की यात्रा भी कर चुके हैं और इस बार भी वो 10 मई से अमेरिका की यात्रा पर जाने वाले थे.

पराक्रम सिंह चंद्रावत के पिता महू में पुलिस में डीएसपी थे लेकिन एक गुंडे से मुठभेड़ के दौरान वो शहीद हो गए थे उसके बाद उन्हें अनुकंपा नियुक्ति दी गई थी लेकिन उनकी अनुकंपा नियुक्ति को लेकर भी कई शिकायतें की गईं थी जिसकी जांच चल रही है. इसके साथ ही एक विवाद और भी लगातार उनसे जुड़ा हुआ है जिसमें कैबिनेट ने 2010 में फैसला किया था कि प्रदेश में जहां भी शराब ईकाई होंगी वहां अस्सिटेंट कमिश्नर स्तर का अधिकारी पदस्थ होगा लेकिन नियमों को दरकिनार कर जिला आबकारी अधिकारी पराक्रम सिंह कई सालों से यहां पदस्थ हैं.

बता दें कि आरटीआई कार्यकर्ता राजेंद्र गुप्ता ने शपथ पत्र देकर चंद्रावत के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति समेत कई शिकायत की थी. 80 हजार रुपए मासिक सैलरी पाने वाले पराक्रम सिंह चंद्रावत की पोस्टिंग धार में है लेकिन वो इंदौर में ही रहते हैं. उनका रसूख इतना कि पिछले साल मार्च में उनका ट्रांसफर भोपाल कर दिया गया था लेकिन डेढ़ महीने मे उन्होने अपना ट्रांसफर कैंसिल कराकर फिर धार में पोस्टिंग करा ली थी. उनकी हैसियत का अंदाजा इसी से लग जाता है कि उनकी सभी गाड़ियों के नंबर 0222 हैं.

लोकायुक्त पुलिस चंद्रावत के घर पर दस्तावेज कंप्यूटर की हार्ड डिस्क और बैंक एकाउंट खंगाल रही है और जांच पूरी होने के बाद संपत्ति का खुलासा होगा.

(इंदौर से अरुण त्रिवेदी, धार से नवीन मेहर और रतलाम से सुधीर जैन की रिपोर्ट)
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज