मध्य प्रदेश : विज्ञान के प्रति जागरूकता के लिए 52 जिलों की यात्रा पर निकली विशेष बस

बस को जल संसाधन मंत्री तुललीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी और आईआईटी इंदौर के कार्यवाहक निदेशक प्रो. निलेश कुमार जैन ने हरी झंडी दिखाई.

बस को जल संसाधन मंत्री तुललीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी और आईआईटी इंदौर के कार्यवाहक निदेशक प्रो. निलेश कुमार जैन ने हरी झंडी दिखाई.

Science Special Bus: आईआईटी इंदौर, विज्ञान भारती और एमपीसीएसटी के सहयोग से 11 से 13 मई के बीच मध्य प्रदेश विज्ञान सम्मेलन और एक्सपो 2021 का आयोजन कर रहा है.

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इंदौर. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलाजी इंदौर (IIT Indore) ने एक विशेष विज्ञान बस (Special Science bus) तैयार की है. ये विज्ञान यात्रा प्रदेश के 52 जिलों में जाएगी और वहां के बच्चों को विज्ञान के प्रति जागरूक करेगी. इसके जरिए प्रसिद्ध वैज्ञानिकों के प्रयोग और इतिहास के बारे में बताया जाएगा. इस बस को जल संसाधन मंत्री तुललीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी और आईआईटी इंदौर के कार्यवाहक निदेशक प्रो. निलेश कुमार जैन ने हरी झंडी दिखाई.

आईआईटी इंदौर, विज्ञान भारती और एमपीसीएसटी के सहयोग से 11 से 13 मई के बीच मध्य प्रदेश विज्ञान सम्मेलन और एक्सपो 2021 का आयोजन कर रहा है. सम्मेलन और एक्सपो का विषय कोलेब्रोरेटिव ईकोसिस्टम ऑफ ट्रेडिशनल एंड मॉर्डन साइंस के साथ ही विज्ञान और प्रौद्योगिकी में मध्य प्रदेश की आत्मनिर्भरता है. राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के मौके पर एक्सपो को एक विशेष विज्ञान बस के ध्वज के साथ शुरू किया गया. जो पूरे राज्य में यात्रा करके विज्ञान और प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएगी. राज्य भर में यात्रा के बाद, विज्ञान बस 11 मई 2021 को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के दिन अपनी यात्रा का समापन करेगी.

ये कार्यक्रम होंगे



पूरे राज्य को 06 क्षेत्रों में विभाजित किया गया है जो इंदौर, राजगढ़, ग्वालियर, सागर, कटनी और होशंगाबाद हैं. यात्रा के दौरान विभिन्न सत्रों की योजना बनाई गई है, जिनमें कृषि, एग्रीटेक, जैव विविधता, संरक्षण और पारंपरिक ज्ञान, खगोल विज्ञान, नई आयु टेक्नोलॉजीज, उद्योग अकादमी और कैरियर अवसर, आविष्कार, नवाचार और स्टार्टअप, कॉपीराइट, ट्रेडमार्क और बौद्धिक संपदा अधिकार, पारंपरिक और आधुनिक हेल्थकेयर, ग्लोबल एमपी साइंटिस्ट्स एंड टेक्नोक्रेटस मीट शामिल हैं. इसके अलावा स्कूलों, छात्रों और शिक्षकों के लिए विज्ञान शिक्षा पर सत्र, उच्च शिक्षा संस्थानों में पारंपरिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी, भारतीय ज्ञान प्रणाली, विज्ञान नीति और प्रशासन, एमपी विज्ञान, स्वरयतन, संगीत और विज्ञान, स्थायी निवास, ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण और विज्ञान और प्रौद्योगिकी के मुद्दे पर भी योजना बनाई गई है. सम्मेलन के दौरान प्लेनरी टॉक्स, कीनोट सेमिनार, ग्रुप डिस्कशन, पैनल डिस्कशन, टेक्नोलॉजी डिमॉन्स्ट्रेशन, ओरल प्रेजेंटेशन, राउंड टेबल डिस्कशन और पोस्टर प्रेजेंटेशन भी प्लान किए गए हैं.

सम्मेलन में इन्हें पंजीकरण शुल्क से छूट



सम्मेलन में गैर-शैक्षणिक और गैर-उद्योग के व्यक्तियों के लिए कोई पंजीकरण शुल्क नहीं है और इच्छुक व्यक्ति किसी भी भाषा और किसी भी रूप में पेपर प्रस्तुत कर सकता है. यहां तक कि व्हाट्सऐप के माध्यम से भेजे गए विचार भी स्वीकृत किए जाएंगे.
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