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बाघ के बाड़े में सुसाइड करने आया शख़्स, बोला-मुझे खाकर इसका पेट भर जाएगा

Vikas Singh Chauhan | News18 Madhya Pradesh
Updated: November 22, 2019, 6:44 PM IST
बाघ के बाड़े में सुसाइड करने आया शख़्स, बोला-मुझे खाकर इसका पेट भर जाएगा
इंदौर चिड़ियाघर में युवक ने की बाघ के बाड़े में कूदने की कोशिश

पूछताछ में पता चला कि शख़्स कर्ज़ (loan) परेशान है और आत्महत्या (suicide) की नीयत से यहां पहुंचा था.

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इंदौर. इंदौर के चिड़ियाघर (INDORE ZOO) में आज एक शख़्स ने बाघ (TIGER) के बाड़े में कूदने की कोशिश की. बताया जा रहा है ये शख़्स आत्महत्या (SUICIDE) करने आया था. चिड़ियाघर कर्मचारियों ने समय पर उसे देख लिया और पकड़कर पुलिस (POLICE) के हवाले कर दिया. शख़्स आर्थिक और मानसिक दोनों तरह से परेशान था. पूछताछ करने पर उसने कहा- मैं प्रकृति प्रेमी हूं- मुझे खाकर बाघ का पेट भर जाता.

इंदौर चिड़िया घर में उस वक़्त हड़कंप मच गया जब बाघ के पिंजरे पर एक शख़्स चढ़ गया. वो बाघ के बाड़े में कूदने की फिराक में था. गनीमत रही कि ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की उस पर नज़र पड़ गयी. उस समझा-बुझा कर नीचे उतार लिया गया. पूछताछ की तो उसकी पहचान परदेशीपुरा में रहने वाले विजय झाला के तौर पर हुई. वो आर्थिक तंगी से परेशान है और मानसिक हालत भी ठीक नहीं थी. वो यहां सुसाइड करने आया था.


टिकट लेकर दाख़िल हुआ

विजय करीब 12 बजे चिड़ियाघर में दाखिल हुआ था. उसने टिकिट भी लिया था.उसके बाद दोपहर करीब 12.30 वो बाघ के बाड़े के पास आया. थोड़ी देर खड़ा रहा और फिर धीरे धीरे पिंजरे की जाली पर चढ़ने लगा. ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों ने उसे देख लिया. वो विजय की तरफ तेज़ी से लपके और उससे नीचे उतरने के लिए कहा.विजय ज़ोर-जो़र से चिल्ला रहा था. मैं-देशभक्त हूं. मैं या तो बाघ के बाड़े में जाऊंगा या देश की सीमा पर. मुझे खाकर बाघ का पेट भर जाएगा.

कर्ज़ से परेशान
काफी मनाने के बाद विजय नीचे उतर आया. चिड़िया घर प्रबंधन ने उसे संयोगितागंज थाना पुलिस के हवाले कर दिया. पुलिस ने उसके परिवार को बुलाया और पूछताछ शुरू की. संयोगित्तागंज थाने के सब इंस्पेक्टर अक्षय मिश्रा के मुताबिक़ शुरुआती पूछताछ में विजय झाला ने बताया कि वो आत्म ह्त्या के इरादे से बाघ के बाड़े में कूदने वाला था. उस पर काफी कर्ज़ है. आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है. वो खुद को प्रकृति प्रेमी बता रहा है. वो नशे की हालत में था. चिड़ियाघर प्रबंधन की ओर से मिली शिकायत के बाद जांच की जा रही है.बाघ का निवाला
चिड़ियाघर प्रभारी उत्तम यादव के मुताबिक़ शख्स विजय आत्म हत्या की नीयत से यहां दाखिल हुआ था. वो बाघ के बाड़े में कूदकर खुद को उसका निवाला बनना चाहता था. इसे देखते ही वायरलेस सेट से सभी कर्मचारियों को एक जगह इकट्ठा किया गया और उसे नीचे उतार लिया गया.
मीडिया औऱ पुलिस के पूछने पर विजय ने कहा-उसकी तनख्वाह छह हजार रुपए थी. न वेतन बढ़ा न ही दूसरी नौकरी मिली. सिंहस्थ के समय एक छोटी सी दुकान लगाई,बिस्किट, पानी पाउच बेचना शुरू किया. लेकिन पहले जीएसटी और फिर प्लास्टिक पाउच पर बैन लगने से वो धंधा भी बंद करना पड़ा. तब से मैं बेरोज़गार हूं. रोजगार कार्यालय में पंजीयन भी करवाया लेकिन फिर भी नौकरी नहीं मिली. उसका बेटा दसवीं कक्षा में दो बार फेल हो गया. इसके लिए विजय खुद को जिम्मेदार मान रहा है.

पशु प्रेमी हूं-बाघ का पेट भर जाएगा
विजय का कहना है- मैं तो पशु प्रेमी हूं. बाघ के बाड़े में गिरता तो मुझे खाकर उसका पेट भर जाता. विजय ने बहकी बहकी बातें करते हुए कहा-इस देश की अर्थव्यवस्था मेरे समझ में नहीं आ रही है. जानकारी मिली है की विजय की आर्थिक और मानसिक स्थिति ठीक नहीं है, उस पर काफी कर्ज भी है.

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First published: November 22, 2019, 2:31 PM IST
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