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हनी ट्रैप केस में पार्टी से अलग सरकार की राय, लक्ष्मण सिंह CBI जांच के समर्थन में तो मंत्री ने लिया SIT का पक्ष

Arun Kumar Trivedi | News18 Madhya Pradesh
Updated: September 29, 2019, 8:18 PM IST
हनी ट्रैप केस में पार्टी से अलग सरकार की राय, लक्ष्मण सिंह CBI जांच के समर्थन में तो मंत्री ने लिया SIT का पक्ष
एमपी के पीडब्ल्यूडी मंत्री सज्जन सिंह वर्मा.

हनी ट्रैप मामले (Honey Trap case) की जांच को लेकर कमलनाथ सरकार (Kamalnath Government) के मंत्री और कांग्रेस के नेताओं की अलग-अलग राय से गर्म है एमपी की सियासत. मंत्री सज्जन सिंह वर्मा (PWD Minister Sajjan Singh Verma) को जहां एसआईटी की जांच पर भरोसा है, वहीं विधायक लक्ष्मण सिंह (Lakshman Singh) चाहते हैं सीबीआई भी करे जांच.

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इंदौर. मध्य प्रदेश में हनी ट्रैप मामले (Honey Trap case) में बड़े नेताओं और नौकरशाहों के फंसने को लेकर सियासी गलियारों में जितनी चर्चाएं हो रही हैं, उससे कहीं ज्यादा बाहर का माहौल गर्माया हुआ है. मामले को लेकर न सिर्फ भाजपा और कांग्रेस के नेताओं के बीच बयानबाजी हो रही है, बल्कि सत्तारूढ़ पार्टी की अंदरूनी सियासत भी इस हाईप्रोफाइल केस के लपेटे में आ रही है. नजीर के तौर पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व विधायक लक्ष्मण सिंह (Lakshman Singh) और प्रदेश सरकार में मंत्री सज्जन सिंह वर्मा (PWD Minister Sajjan Singh Verma) के बीच की बयानबाजी को देखा जा सकता है. पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) के भाई लक्ष्मण सिंह ने हनी ट्रैप मामले में एसआईटी के साथ-साथ सीबीआई (CBI) जांच का भी समर्थन किया है. वहीं प्रदेश के पीडब्ल्यूडी मंत्री सज्जन सिंह वर्मा को विशेष जांच टीम यानी एसआईटी (SIT) की ही जांच पर भरोसा है.

भाजपा नेताओं पर लगाया आरोप
प्रदेश सरकार में मंत्री सज्जन सिंह वर्मा को हनी ट्रैप मामले की जांच कर रही एसआईटी पर पूरा भरोसा है. मामले की सीबीआई जांच कराने की भाजपा की मांग पर उन्होंने कहा, 'हनी ट्रैप मामले की जांच में बीजेपी के पूर्व मंत्रियों की संलिप्तता सामने आ रही है, इसलिए पार्टी के नेता लीपापोती कराने के लिए सीबीआई जांच का दबाव बना रहे हैं.' मंत्री ने कहा, 'कमलनाथ सरकार एसआईटी जांच करा रही है. एसआईटी चीफ संजीव शमी पूरी निष्पक्षता और ईमानदारी से जांच कर रहे हैं, इसलिए किसी दूसरी एजेंसी से जांच कराने की जरूरत नहीं है. संजीव शमी के हाथ में कमान आने के बाद लीपापोती संभव नहीं है. जांच एजेंसियों को इतनी पारदर्शिता से काम करना चाहिए कि घिनौने लोगों के चेहरे से नकाब उतर जाए, क्योंकि यदि इनके चेहरे उजागर नहीं हुए तो हमारी सामाजिक परम्पराएं दूषित हो जाएंगी.'

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झाबुआ उपचुनाव के बाद अध्यक्ष की घोषणा
पीडब्ल्यूडी मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने प्रदेश सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी. इंदौर में मीडिया के साथ बातचीत में उन्होंने मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों पर विराम लगा दिया. उन्होंने कहा, 'अब झाबुआ उपचुनाव के बाद ही मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा. चुनाव आचार संहिता के कारण नवरात्रि में कोई भी नई नियुक्तियां नहीं हो पाएंगी. चुनाव खत्म होने के बाद ही मंत्रिमंडल में फेरबदल होगा और निगम मंडलों में भी नियुक्तियां की जाएंगी.' खराब परफॉर्मेंस वाले मंत्रियों को लेकर उन्होंने कहा कि ऐसे मंत्रियों को खुद अपना आकलन करना चाहिए. जवाबदेही न संभाल पाने वाले मंत्रियों को खुद पद छोड़ देना चाहिए. उन्हें संगठन में काम करना चाहिए. मंत्री ने यह भी कहा कि झाबुआ उपचुनाव के बाद ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की भी घोषणा कर दी जाएगी.

इमरती देवी का किया बचाव
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इमरती देवी के ट्रांसफर-पोस्टिंग में पैसे के लेन-देन को लेकर दिए गए बयान पर सज्जन सिंह वर्मा ने उनका बचाव किया. वर्मा ने कहा कि मंत्री गलतफहमी में ऐसा बोल गई होंगी, क्योंकि तुलसी सिलावट और इमरती देवी एक ही हैं. दोनों मिलकर महिला बाल विकास और स्वास्थ्य विभाग चला रहे हैं. वर्मा ने अक्टूबर में होने वाले झाबुआ विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस की जीत का दावा किया. उन्होंने कहा कि जनता को कमलनाथ सरकार की नीतियों पर विश्वास है. हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को झाबुआ सीट पर साढ़े आठ हजार से ज्यादा मतों से बढ़त मिली थी. इसलिए मुझे पूरा भरोसा है कि झाबुआ में कांग्रेस की जीत होगी.

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First published: September 29, 2019, 8:18 PM IST
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