मंत्री तुलसी सिलावट की पत्नी के ड्राइवर पर रेमडेसिविर की कालाबाजारी में शामिल होने का आरोप

हमीदिया अस्पताल से रेमडेसिविर चोरी जाने की चेन इससे जुड़ती दिख रही है.  (File pic)

हमीदिया अस्पताल से रेमडेसिविर चोरी जाने की चेन इससे जुड़ती दिख रही है. (File pic)

Indore. आरोपी का इस वीडियो में कहना है कि उसे ये इंजेक्शन एक निजी ट्रैवल एजेंसी के उस साथी ड्राइवर से मिले थे जो प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट की पत्नी की कार चलाता है.

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इंदौर (मध्य प्रदेश), 19 मई (भाषा) कोविड-19 के इलाज में इस्तेमाल होने वाले रेमडेसिविर इंजेक्शन (Remdesivir injections) की कालाबाजारी (Black marketing) के आरोप में गिरफ्तार 27 वर्षीय ड्राइवर के सनसनीखेज दावे के बाद सियासत गरमा गई है. ड्राइवर का वीडियो सोशल मीडिया पर फैल गया है.

आरोपी का इस वीडियो में कहना है कि उसे ये इंजेक्शन एक निजी ट्रैवल एजेंसी के उस साथी ड्राइवर से मिले थे जो प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट की पत्नी की कार चलाता है.

सिलावट ने दी सफाई, कांग्रेस ने मांगा इस्तीफा

तुलसी सिलावट, कोविड-19 से राज्य में सर्वाधिक प्रभावित इंदौर जिले में महामारी की रोकथाम के प्रभारी मंत्री भी हैं. वायरल वीडियो पर मचे बवाल के बीच उन्होंने रेमडेसिविर की कालाबाजारी करने वाले लोगों से अपने परिवार के किसी जुड़ाव से इनकार किया. उन्होंने कहा वायरल वीडियो में आरोपी के दावे की "निष्पक्ष जांच" होनी चाहिए. उधर, विपक्षी कांग्रेस ने इस वीडियो का हवाला देते हुए सिलावट को जल संसाधन मंत्री पद से फौरन हटाए जाने की मांग की है.

Youtube Video

मंगलवार शाम का वीडियो

वीडियो में पुनीत अग्रवाल (27) रेमडेसिविर की कालाबाजारी के आरोप में अपनी गिरफ्तारी के बाद पुलिस की गाड़ी में हथकड़ी पहना बैठा दिखाई दे रहा है. चश्मदीदों के मुताबिक यह वीडियो मंगलवार शाम का है.



ड्राइवर का दावा

पत्रकारों के सवालों पर अग्रवाल वीडियो में कहता सुनाई पड़ता है, "मैंने एक निजी ट्रैवल एजेंसी के मेरे साथी ड्राइवर गोविंद राजपूत से 14000-14000 रुपये में रेमडेसिविर के दो इंजेक्शन लिए थे. वह मंत्री तुलसीराम सिलावट की पत्नी की गाड़ी चलाता है.

कई लोगों को इंजेक्शन सप्लाई

उसने कहा, "मैं एक पुलिस कर्मी ललित शर्मा को 14,000 रुपये प्रति इंजेक्शन की ही कीमत पर दोनों इंजेक्शन देने जा रहा था. शर्मा ने फोन कर मुझसे इंजेक्शन की मांग की थी. अग्रवाल ने यह दावा भी किया कि मंत्री की पत्नी की गाड़ी चलाने वाले राजपूत ने उसके अलावा कई लोगों को रेमडेसिविर इंजेक्शन मुहैया कराए हैं.

पुलिस का बयान

विजय नगर पुलिस थाने के प्रभारी तहजीब काजी ने बताया कि एक निजी ट्रैवल एजेंसी में ड्राइवर के रूप में काम करने वाले पुनीत अग्रवाल (27) को सोमवार की रात रेमडेसिविर के दो इंजेक्शनों के साथ गिरफ्तार किया गया था. वह एक स्थानीय अदालत के आदेश पर बृहस्पतिवार तक पुलिस हिरासत में है. उन्होंने अग्रवाल के वायरल वीडियो पर कहा, "आरोपी खुद को कानूनी पचड़ों से बचाने के लिए जान-बूझकर बड़ी हस्तियों का नाम ले रहा है ताकि लोगों को बरगलाया जा सके. हालांकि, हम उसके बयानों की बारीकी से जांच कर रहे हैं." काजी ने कहा, "हमने अग्रवाल को जाल बिछाकर पकड़ा था और जिस पुलिस कर्मी (ललित शर्मा) का नाम वह अपने वायरल वीडियो में ले रहा है, वह उसकी गिरफ्तारी के अभियान में शामिल था।"

दूसरे ड्राइवर की गिरफ्तारी नहीं

थाना प्रभारी ने बताया कि मंत्री सिलावट की पत्नी की कार चलाने वाले निजी ट्रैवल एजेंसी के ड्राइवर गोविंद राजपूत को पूछताछ के लिए फिलहाल हिरासत में नहीं लिया गया है.

जांच की मांग

इस बीच, सिलावट ने वायरल वीडियो के बारे में पूछे जाने पर कहा, "अग्रवाल के बयान की निष्पक्षता से जांच होनी चाहिए. मेरी पत्नी की कार निजी ट्रैवल एजेंसी के अलग-अलग कर्मचारी चलाते हैं. उनके अवैध कामों से हमारे परिवार का कोई लेना-देना नहीं है."

सिलावट को हटाने की मांग

स्थानीय कांग्रेस विधायक संजय शुक्ला ने कहा, "मैं सिलावट के परिवार पर रेमडेसिविर इंजेक्शन बेचे जाने का आरोप पहले ही लगा चुका हूं और वायरल वीडियो में अग्रवाल के बयान से अब यह बात साबित हो चुकी है. लिहाजा राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को चाहिए कि वह सिलावट को अपने मंत्रिमंडल से तत्काल हटा दें.


जिला स्वास्थ्य अधिकारी का ड्राइवर

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तारी से पहले अग्रवाल जिला स्वास्थ्य अधिकारी पूर्णिमा गाडरिया की वह कार चलाता था जो स्वास्थ्य विभाग में निजी ट्रैवल एजेंसी द्वारा अन्य वाहनों के साथ अनुबंधित है. गाडरिया पल्ला झाड़ते हुए कह चुकी हैं कि रेमडेसिविर की कालाबाजारी के मामले से उनका कोई लेना-देना नहीं है.

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