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MP: 100 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले, ऐसे हुआ डिलीवरी ब्वॉय के अंधेकत्ल की हत्या का खुलासा

MP: 100 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले, ऐसे हुआ डिलीवरी ब्वॉय के अंधेकत्ल की हत्या का खुलासा

Indore News. इंदौर में 28 जुलाई की रात डिलीवरी बॉय की हत्या कर दी गयी थी.

Indore News. इंदौर में 28 जुलाई की रात डिलीवरी बॉय की हत्या कर दी गयी थी.

Brutal Murder : 8 जुलाई को रात के वक़्त बाणगंगा थाना इलाके में एक फूड डिलीवरी ब्वॉय की चाकू मारकर हत्या कर दी गयी थी. मृतक सुनील वर्मा राजगढ़ का रहने वाला था. वह कुछ समय पहले ही यहां नौकरी करने इंदौर आया था. उसे फूड डिलीवरी के लिए ऑनलाइन एक आर्डर मिला था. वही खाना पहुंचाने वो ग्राहक के घर जा रहा था. रास्ते में करोलबाग में उस पर अज्ञात बदमाशों ने चाकू से हमला बोल दिया. इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया. घायल हालत में वो खुद ही निजी अस्पताल पहुंचा. लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं पाए. मृतक ने मरने से पहले अपने परिवार के सदस्यों को यह जानकारी दी थी, कि तीन लड़कों ने उसके ऊपर हमला किया था, लेकिन उनके हुलिया के बारे में वह जानकारी नहीं दे सका था.

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इंदौर. इंदौर की बाणगंगा थाना पुलिस ने बीते दिनों हुए फूड डिलीवरी ब्वॉय के अंधेकत्ल की गुत्थी सुलझा ली है. उसने छह आरोपियों को भी पकड़ लिया है. उनमें से 4 नाबालिग हैं. सभी नशे के आदी और आदतन अपराधी हैं. खाना और पैसे लूटने के लिए सबने मिलकर डिलीवरी ब्वॉय की हत्या कर दी थी. सौ से अधिक सीसीटीवी कैमरों और करीब 60 संदिग्धों से पूछताछ के बाद हत्यारों का सुराग लग पाया.

आरोपियों ने पुलिस गिरफ्त में अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि वह नशे के लिए खाना और पैसे लूटना चाहते थे. डिलीवरी ब्वॉय ने इसका विरोध किया तो उसे मौत के घाट उतार दिया. आरोपियों को पकड़वाने में पीएसटीएन डेटा से भी बड़ी मदद मिली.

खाने के लिए हत्या
28 जुलाई को रात के वक़्त बाणगंगा थाना इलाके में एक फूड डिलीवरी ब्वॉय की चाकू मारकर ह्त्या कर दी गयी थी. मृतक सुनील वर्मा राजगढ़ का रहने वाला था. वह कुछ समय पहले ही यहां नौकरी करने इंदौर आया था. उसे फूड डिलीवरी के लिए ऑनलाइन एक आर्डर मिला था. वही खाना पहुंचाने वो ग्राहक के घर जा रहा था. रास्ते में करोलबाग में उस पर अज्ञात बदमाशों ने चाकू से हमला बोल दिया. इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया. घायल हालत में वो खुद ही निजी अस्पताल पहुंचा. लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं पाए. मृतक ने मरने से पहले अपने परिवार के सदस्यों को यह जानकारी दी थी, कि तीन लड़कों ने उसके ऊपर हमला  किया था, लेकिन उनके हुलिया के बारे में वह जानकारी नहीं दे सका था.

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गिरफ्तारी पर 30 हजार का इनाम
पुलिस के लिए यह अंधा कत्ल था. पुलिस ने घटना स्थल और उसके आसपास के इलाके में लगे एक सैकड़ा से अधिक सीसीटीवी के फुटेज खंगाले. कई संदेहियों से घंटों पूछताछ की. लेकिन पुलिस के हाथ खाली ही थे. पुलिस कमिश्नर ने आरोपियों की गिरफ्तारी पर 30 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया था.

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पब्लिक स्विच्ड टेलिफोन नेटवर्क से मिला सुराग
अन्धे कत्ल की गुत्थी सुलझाने के लिए एक एसआईटी बनाई गई. उसमें बेहद दक्ष कर्मचारियों को नियुक्त किया गया था. लेकिन फिर भी पुलिस को जब कोई जानकारी नहीं मिल पायी तो उसने घटना स्थल के पास का पीएसटीएन ( पब्लिक स्विच्ड टेलिफोन नेटवर्क) डेटा का उपयोग किया. इसमें कुछ संदिग्ध नंबर मिले जो घटना के वक़्त घटनास्थल के करीब ही पाए गए. इसके बाद टीम ने नंबर के आधार पर एक संदेही को हिरासत में ले लिया. उसने अपने पांच अन्य साथियों के नाम बता दिए. आरोपियों ने कबूल कर लिया कि उन्होंने ही इस वारदात को अंजाम दिया था.

नशे के लिए हत्या
आरोपी नशे की लत के शिकार हैं. वह सूनसान जगह छुपकर बैठे थे. तभी उन्हें सामने से सुनील आता नजर आया. उनके मन में ख्याल आया कि आरोपी एक फ़ूड डिलीवरी कम्पनी का कर्मचारी है, उसके वाहन पर पीछे एक बैग भी है. उसमें खाने का सामान होगा. इसलिए उन्होंने सुनील को टारगेट किया. प्लान ये था कि खाना और पैसे लूटेंगे. फिर उस पैसे से नशे का सामान खऱीदेंगे. जब सुनील ने विरोध किया तो सबने मिलकर उसके ऊपर हमला कर दिया.

पहले जेल जा चुके हैं और वहां से भाग गए थे
घटना के कई दिन बाद भी पुलिस के हाथ सुराग नहीं लगा तो आरोपी बेफिक्र हो गए कि अब उनकी जानकारी पुलिस को नहीं मिलेगी. इसलिए वह बेफिक्र होकर घर पर रहने लगे. पुलिस ने उन्हें एक बार में ही दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया. बदमाश बेहद शातिर हैं. इसमें चार नाबालिग हैं. वो पहले भी अपराध कर जेल जा चुके हैं. उन्हें उस वक़्त बच्चा जेल में रखा गया था, वहां से भी भाग चुके हैं.

Tags: Indore crime, Madhya pradesh latest news

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