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अब तक नहीं मिला इंदौर जू से भागा तेंदुआ, ये भी नहीं पता चिड़ियाघर में है या किसी बस्ती में

अब तक नहीं मिला इंदौर जू से भागा तेंदुआ, ये भी नहीं पता चिड़ियाघर में है या किसी बस्ती में

Indore.  तेंदुए को सर्च करने में भी उन्हीं अधिकारियो को लगाया जिनकी लापरवाही से तेंदुआ भागा था.

Indore. तेंदुए को सर्च करने में भी उन्हीं अधिकारियो को लगाया जिनकी लापरवाही से तेंदुआ भागा था.

Indore Zoo News : इंदौर में लापता हुआ तेंदुआ अब तक नहीं मिला है. जू प्रबंधन कह रहा है कि तेंदुआ (Leopard) यहीं कहीं आसपास है. चिड़ियाघर (Zoo) के कैमरे बंद पड़े थे इसलिए ये अंदाज भी नहीं लग पा रहा है कि वो गया कहां. नेपानगर से यहां आकर गायब हुआ या रास्ते में ही कहीं भाग गया. तेंदुए की तलाश युद्ध स्तर पर जारी है.

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इंदौर. इंदौर जू (Indore) लाये गए तेंदुए के गायब होने का रहस्य बरकरार है. तेंदुए का अब तक पता नहीं चल पाया है. उसकी तलाश में वन विभाग और प्राणि उद्यान की टीम लगी हुई हैं. जू प्रबंधन कह रहा है कि तेंदुआ (Tendua) जू के अंदर ही कहीं है.

बुराहनपुर के नेपा नगर से इंदौर लाए गए और रहस्यमयी ढंग से गायब हुए तेंदुए का दूसरे दिन भी पता नहीं लग पाया है. वन विभाग और चिड़ियाघर की टीम दूसरे दिन भी उसकी तलाश करती रहीं. इस मामले में वन विभाग और प्राणि उद्यान दोनों की गंभीर लापरवाही सामने आ रही है.

नेपा नगर से लाया गया
बुरहानपुर के नेपानगर से इस तेंदुए को रेस्क्यू कर देर रात इंदौर ज़ू लाया गया था. लेकिन सुबह देखा तो तेंदुआ गायब था. पिंजरे की जाली टूटी हुई थी. इससे लगता है कि तेंदुआ पिंजरा तोड़कर भाग निकला. लेकिन सवाल ये है कि वो जू में पहुंचने के बाद यहां से भागा है या रास्ते में ही कहीं चला गया है.

मच गया हड़कंप
तेंदुए के भागने का पता गुरुवार सुबह लगा. उसके बाद तो मानो हड़कंप मच गया. गुरुवार दिन भर और देर रात लगातार सर्च ऑपरेशन चलाए गए. शुक्रवार तड़के से सर्च ऑपरेशन फिर से शुरू कर दिया गया,  लेकिन तेंदुआ नहीं मिला. फिलहाल सर्च ऑपरेशन जारी है. शुक्रवार सुबह करीब चार बजे सीसीटीव्ही में दिखाई एक परछाई को तेंदुए मान भरोसा जताया जा रहा था कि वह चिड़ियाघर के भीतर ही है. लेकिन मिल नहीं सका. इसके बाद दोपहर में चिड़ियाघर की दीवार से सटे नाले के किनारे कुछ ताजे खून के दाग मिले, इसके बाद अलग अलग संभावना उत्पन्न हुई. या तो तेंदुए ने ही किसी का शिकार किया है या फिर उसके पैरो में लगी चोट से यह खून निकला है. यदि वाकई ऐसा है तो अनुमान है कि वह चोटिल है. और लगातार खून निकल रहा है तो उसकी हालत बिगड़ सकती है.

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दहशत में हैं लोग
तेंदुए के पिंजरा तोड़कर भागने की खबर से चिड़ियाघर और आसपास के क्षेत्रों में दहशत है. पहले तेंदुए के चिड़ियाघर में होने को लेकर संशय की स्थिति थी. लेकिन तड़के साढ़े 4 बजे की सीसीटीवी तस्वीरों में तेंदुआ स्पॉट हुआ है. ऐसे में अब उसी क्षेत्र के आसपास तेंदुए की तलाश की जा रही है. हालांकि सीसीटीवी में भी स्पष्ट तेंदुआ नजर नहीं आ रहा है. हल्की सी परछाई नजर आयी जिससे यह प्रतीत हो रहा है कि शायद वह तेंदुआ ही है. उसी को महत्त्वपूर्ण मानकर वन विभाग और चिड़ियाघर की टीम लगातार  सर्च कर रही है. हालांकि सुरक्षा के लिहाज से शुक्रवार से चिड़ियाघर को आम जनता के लिए बंद कर दिया गया.  चिड़ियाघर के भीतर अब जिम्मेदार अधिकारियो के अलावा कोई भी नहीं है. सभी का सख्ती के साथ प्रवेश वर्जित कर दिया गया है.

चिड़ियाघर प्रबंधन और वन विभाग दोनों की गंभीर लापरवाही
तेंदुए का ना मिलना चिड़ियाघर प्रबंधन और वन विभाग दोनों की गंभीर लापरवाही है. वन विभाग बुराहनपुर से तेंदुए को रेस्क्यू कर घायल अवस्था में लेकर देर रात इंदौर पहुंचा था. चूंकि तेंदुआ घायल था, लिहाजा उसे इलाज की जरूरत थी. बावजूद इसके चिड़ियाघर में उसका उपचार नहीं किया. साथ ही रात में उसकी सुपुर्दगी लेने से भी इंकार कर दिया. ऐसे में वन विभाग के कर्मचारियों ने रात देखते हुए विचार किया कि तेंदुए को जिस पिंजरे में लाये हैं उसे गाड़ी सहित अंदर ही पार्क कर दिया जाए. कर्मचारियों ने गाड़ी ऐसी जगह पार्क की जहां तीन कैमरे लगे थे. सुबह जब पिंजरे के ऊपर पड़ा त्रिपाल हटाया गया तो सबके होश उड़ गए. तेंदुआ पिंजरे में नहीं था. उसके बाद कैमरे खंगाले गए तो और बड़ी खामी पता चली कि कैमरे तो बंद पड़े हैं.

जाली टूटी, कवर फटा
सुबह के वक़्त चिड़ियाघर के डॉक्टर जब इलाज के लिए पहुंचे तो तेंदुआ गायब था. जब पिंजरा चेक किया गया, तो उसकी पहले से टूटी हुई जाली और ज्यादा टूटी हुई मिली. इस जाली में तेंदुए के बाल भी चिपके हुए मिले हैं. इसके साथ ही पिंजरे को ढंकने वाला प्लास्टिक का कवर भी फटा हुआ था. बताया जा रहा है कि पिंजरे की जाली पहले से ही कुछ जगहों से टूटी हुई थी. इसके बाद दोनों ही विभाग के कर्मचारियों के हाथ पैर फूल गए, और दोनों ने मिलकर तेंदुए को ढूंढना शरू कर दिया. हैरानी की बात यह है कि तेंदुए का कोई  सुराग नहीं मिला, साथ ही तेंदुए को सर्च करने में भी उन्हीं अधिकारियो को लगाया जिनकी लापरवाही से तेंदुआ भागा था.

अफसर भी जुटे तलाश में
शुक्रवार दोपहर वन विभाग के बड़े अफसर भी चिड़ियाघर पहुंचे और सर्च में जुट गए. यह पहला मौक़ा नहीं है जब इस तरह की लापरवाही हुई हो. इससे पहले भी एक बार चिड़ियाघर के अंदर से पिंजरे से बाघ कूद कर बाहर आ गया था. दो बार शहर के अलग अलग हिस्सों में तेंदुए को देखा गया.,उस वक़्त रेस्क्यू में लापरवाही देखने मिली थी.

आस पास ही है
उत्तम यादव के मुताबिक़ फिलहाल सर्च ऑपरेशन किया जा रहा है ,इसमें दोनों ही विभाग उच्चतम संसाधनों का उपयोग कर रहे हैं. तेंदुए के जल्द मिलने की संभावना है. अभी इसके रहवासी इलाके में मूवमेंट की जानकारी नहीं है. इससे स्पष्ट होता है कि वह चिड़ियाघर में हो सकता है. यदि तेंदुआ इसी कैंपस में है तो शत प्रतिशत जल्द ही उसे ढूंढ लिया जाएगा और उसकी चोट का उपचार भी किया जाएगा .

Tags: Indore Zoological Museum, Leopard, Madhya pradesh latest news

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