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Jabalpur : मध्यप्रदेश सड़क परिवहन निगम की जमीन पर तन गई मोखा बिल्डर्स की बिल्डिंग, अब चलेगा बुलडोजर

फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद प्रशासन अब इस आलीशान अपार्टमेंट को गिराने की योजना बना रहा है
फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद प्रशासन अब इस आलीशान अपार्टमेंट को गिराने की योजना बना रहा है

इस पूरी बिल्डिंग का निर्माण नगर निगम (Municipal corporation) के अधिकारियों के सामने हुआ है. इसका कारण यह है कि इमारत के बाजू में निगम की ओर से संचालित जबलपुर (Jabalpur) ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन लिमिटेड की बसों का संचालन और स्थानक होता है. जहां नगर निगम के अधिकारियों का लगातार आना जाना रहता है.

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जबलपुर.जबलपुर (Jabalpur) में सरकारी जमीन पर तानी गई आलीशान अमृत हाइट्स बिल्डिंग पर कभी भी प्रशासन के बुलडोजर चल सकते हैं. जिला प्रशासन की जांच में इस बात के पुख्ता सबूत मिल गए हैं कि शहर के आगा चौक इलाके में बनायी गई इमारत का निर्माण पूरी तरह अवैध (Illegal construction) है. प्रशासन की आंखों में धूल झोंक कर जमीन का नामांतरण कराकर नगर निगम से नक्शा पास कराया गया है.

भ्रष्टाचार की नींव पर खड़ी 8 मंजिला इमारत
आगा चौक स्थित मध्यप्रदेश सड़क परिवहन निगम की जमीन पर सालों से नरेंद्र विश्वकर्मा नाम का शख्स काबिज था. इसी के साथ मिलकर शहर के नामचीन बिल्डर सरबजीत सिंह मोखा ने अमृत हाइट्स अपार्टमेंट का निर्माण करा दिया था. माफिया के खिलाफ प्रदेश स्तर पर चल रही मुहिम के दौरान जब प्रशासन के पास इस बिल्डिंग के निर्माण के संबंध में लगातार शिकायतें पहुंचीं तो कलेक्टर कर्मवीर शर्मा के निर्देश पर जमीन के दस्तावेज खंगाले गए. उसमें यह साफ तौर पर उजागर हो गया कि मध्य प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की करीब 30 हजार वर्ग फुट जमीन पर नरेंद्र विश्वकर्मा सालों से काबिज जरूर था लेकिन असली मालिक वह है ही नहींजांच पड़ताल के बाद सामने आए तथ्यों के आधार पर प्रशासन ने जमीन का नामांतरण तो रद्द कर ही दिया. साथ ही अमृत हाइट्स में फ्लैट खरीदने वाले खरीददारों के नामांतरण भी निरस्त कर दिए हैं.


प्रशासन की अपील


प्रशासन ने ऐसे लोगों को अभी से ही आगाह करना शुरू कर दिया है कि वे अपनी जमा पूंजी अमृत हाइट्स में फ्लैट खरीदने में न लगाएं. नहीं तो भारी नुकसान हो सकता है. अमृत हाइट्स के दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद प्रशासन अब इस आलीशान अपार्टमेंट को गिराने की योजना बना रहा है.माना जा रहा है कि करोड़ों की लागत से तैयार इस आलीशान अपार्टमेंट पर कभी भी बुलडोजर चल सकते हैं.

तत्कालीन तहसीलदार ने कर दिया था नामांतरण
उल्लेखनीय है कि आगा चौक पर अमृत हाईट को मोखा बिल्डर ने बनाया है. यह 8 मंजिला इमारत मप्र राज्य परिवहन निगम की जमीन पर बनी हुई है. करीब 30 हजार वर्ग फीट भूमि पर तत्कालीन तहसीलदार अशोक व्यास ने नरेन्द्र उर्फ नंदु विश्वकर्मा का नाम दर्ज करने का आदेश दिया था. जबकि यह भूमि राज्य परिवहन निगम को आवंटित की गई थी, जिसका रिकार्ड दुरूस्त नहीं होने के कारण नामांतरण आदेश जारी कर दिया गया था. सरकारी भूमि होने के कारण भू-अर्जन भी हो गया था. इस कारण लगभग 10 साल तक कोई कार्रवाई नहीं की गई. जिस जमीन का नामांतरण किया गया था, उस जमीन पर पहले से ही लोग काबिज थे. इस भूमि के भू-स्वामी दत्ताात्रेय राम थे. लेकिन परिवहन की भूमि पर नंदु विश्वकर्मा वर्षों से कब्जा जमाए थे. इसका फायदा उठाकर उसने कब्जेदार वाली जमीन पर अधिकारियों की सांठगांठ से अपना नाम दर्ज करवा लिया और बिल्डर सरबजीत सिंह मोखा के साथ मिलकर बहुमंजिला इमारत को तान दिया.

अफसरों के सामने अवैध निर्माण
आश्चर्य की बात यह है कि इस पूरी बिल्डिंग का निर्माण नगर निगम के अधिकारियों के सामने हुआ है. इसका कारण यह है कि इमारत के बाजू में निगम की ओर से संचालित जबलपुर ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन लिमिटेड की बसों का संचालन और स्थानक होता है. जहां नगर निगम के अधिकारियों का लगातार आना जाना रहता है.
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