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ये है इंदौर की कोविड सेफ रोड, क्या आप जानते हैं इसमें क्या है खास

ये है इंदौर की कोविड सेफ रोड, क्या आप जानते हैं इसमें क्या है खास

इंदौर में अब तक 52 फीसदी लोग वैक्सीन की पहली डोज लगवा चुके हैं.

इंदौर में अब तक 52 फीसदी लोग वैक्सीन की पहली डोज लगवा चुके हैं.

Indore-इंदौर शहर ने एक दिन में सबसे अधिक वैक्सीन लगाने में देश मे दूसरा स्थान प्राप्त किया है. अधिकारियों का मानना है कि यदि वैक्सीन मिलती रहेगी तो जल्द ही शहर की पूरी जनता को पहली डोज लगा दी जाएगी.

इंदौर. देश का सबसे स्वच्छ शहर कोरोना संक्रमण (Corona virus) में भी सबसे आगे रहने के बाद अब वैक्सीनेशन के लिए उत्साह दिखा रहा है. अब तक यहां की कुल 52 फीसदी यानि आधे से कुछ ज़्यादा आबादी वैक्सीन (Vaccine) की पहली डोज लगवा चुकी है. एक इलाके में तो शत-प्रतिशत वैक्सीनेशन हो चुका है. इसलिए उस रोड का नाम ही कोविड सेफ रख दिया गया है.

प्रदेश के सबसे अधिक संक्रमित शहर इंदौर में टीकाकरण पर ख़ास जोर है. शहर की  कुल जनसंख्या में से अब तक 52 प्रतिशत को पहला डोज लग चुका है. एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज ने मोबाइल वैक्सीनेशन शुरू कर दिया है.

इंदौर के लैन्टर्न चौराहे से जंजीरवाला चौराहे के बीच रेसकोर्स रोड को कोविड सेफ घोषित किया गया है. यहां रहने वाले शत प्रतिशक लोगों ने वैक्सिनेशन हो चुका है. कोविड सेफ घोषित करने के बाद अब इस रास्ते से गुजरने वाले सभी लोगों को कोरोना गाइडलाइन का पूरी तरह से पालन करना होगा. यह मध्यप्रदेश की पहली कोविड सेफ रोड है. इसे कोविड प्रोटोकॉल की मॉडल रोड के तौर पर विकसित किया गया है. इस कोविड सेफ रोड का  उदघाटन मंत्री तुलसी सिलावट ने किया.

कोविड सेफ
इस मार्ग पर रहने वाले लोगों ने कोविड प्रोटोकॉल के पालन की शपथ ली है और 100% वैक्सीनेशन का वादा किया है. ये लोग आसपास के क्षेत्र में जागरूकता का प्रचार प्रसार करेंगे, साथ ही व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी कोविड के व्यवहार का पालन करेंगे. यहां एक वैक्सीनेशन सेंटर खेल प्रशाल में और एक ड्राइव इन  टेस्टिंग सेंटर भी चलाया जा रहा है. साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने भी एक सेंटर बनाया है. जहां वॉक इन वैक्सीनेशन किया जाएगा.

लेबर्स के लिए मोबाइल यूनिट
मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में हर तबके तक वैक्सीन पहुंचाने के लिए कई प्रयास किए जा रहे है. यहां पहली बार वैक्सीनेशन के लिए मोबाइल यूनिट चलायी जा रही है. इसके लिए एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज मप्र ने पहल की है. इंदौर के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों और उनके परिवार को ये यूनिट इलाके में घूम-घूम कर टीका लगाएगी. इंडस्ट्रीज में 80 हजार से 1 लाख श्रमिक और कर्मचारी काम करते हैं. इनके साथ ही उनके परिवार को भी शामिल करने के बाद करीब चार लाख लोगों को वैक्सीन लगाने का टारगेट रखा गया है.

देश में नंबर दो
टीकाकरण के तमाम प्रयासों के साथ इंदौर  में वैक्सीनेशन के नए रिकॉर्ड बनाए जा रहे हैं. इन रिकॉर्ड की बदौलत इंदौर शहर में वैक्सीन लगवाने वालों की संख्या में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है. 52% लोगों को वैक्सीन का पहला डोज लगा दिया गया है. अब शहर में मात्र 48% ही ऐसी जनसंख्या है, जिन्हें वैक्सीन की पहली डोज लगवाना बाकी है. इंदौर शहर ने एक दिन में सबसे अधिक वैक्सीन लगाने में देश मे दूसरा स्थान प्राप्त किया है. अधिकारियों का मानना है कि यदि वैक्सीन मिलती रहेगी तो जल्द ही शहर की पूरी जनता को पहली डोज लगा दी जाएगी. प्रशासन ने एनजीओ की कई टीमों को मैदान में उतारा है, यह टीम लोगों को दूसरा डोज लगवाने के लिए प्रेरित कर रही हैं.

Tags: Corona Guidelines, Corona in indore, Corona vaccination

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