MP: किसान आंदोलन पर बोले कृषि मंत्री- सोने का नाटक करने वाले को जगाया नहीं जा सकता

पटेल ने बताया कि प्रदेश में कृषि अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए 626 किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) बनाए जाएंगे. (फाइल फोटो)

पटेल ने बताया कि प्रदेश में कृषि अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए 626 किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) बनाए जाएंगे. (फाइल फोटो)

कमल पटेल (Kamal Patel) ने जोर देकर कहा कि नये कृषि कानूनों से किसानों को बिचौलियों के मकड़जाल से मुक्ति मिलेगी और फसलों के बेहतर मूल्य मिलने से उनकी आय बढ़ेगी.

  • Share this:

इंदौर. कड़ाके की ठंड और बारिश के बावजूद दिल्ली (Delhi) की सरहदों पर हजारों किसानों का आंदोलन (Kisan Andolan) जारी है. हालांकि, किसान नेताओं और केंद्र सरकार के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है. इसके बाद भी अभी तक कोई नतीजा नहीं निकला है. इसी बीच मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल (Agriculture Minister Kamal Patel) ने सोमवार को कहा कि सोने का नाटक कर रहे व्यक्ति को कैसे जगाया जा सकता है. पटेल से पूछा गया था कि आखिर क्या वजह है कि कड़ाके की ठंड और बारिश के बावजूद दिल्ली की सरहदों पर हजारों किसान अपनी मांगों पर अडिग हैं और केंद्र सरकार के साथ उनकी कई दौर की बातचीत के बावजूद नये कृषि कानूनों को लेकर उनका विरोध प्रदर्शन जारी है?

राज्य के कृषि मंत्री ने इस सवाल पर यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘वे (आंदोलनकारी) हमारी बात इसलिए नहीं मान रहे हैं, क्योंकि हम सोए हुए व्यक्ति को तो जगा सकते हैं. लेकिन जो व्यक्ति सोने का नाटक करे, उसे कैसे जगा सकते हैं?’’ वरिष्ठ भाजपा नेता ने दावा किया कि नये कृषि कानूनों पर देश के ज्यादातर किसान नरेंद्र मोदी सरकार का समर्थन कर रहे हैं.

कृषि क्षेत्र को उद्योगपतियों के हवाले कर दिया गया है

पटेल ने जोर देकर कहा कि नये कृषि कानूनों से किसानों को बिचौलियों के मकड़जाल से मुक्ति मिलेगी और फसलों के बेहतर मूल्य मिलने से उनकी आय बढ़ेगी. उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘किसानों को यह झूठ बोलकर गुमराह किया जा रहा है कि नये कृषि कानूनों के जरिये कृषि क्षेत्र को उद्योगपतियों के हवाले कर दिया गया है.’’
कृषि से जुड़ी तमाम व्यावसायिक गतिविधियां चलाता है

पटेल ने बताया कि प्रदेश में कृषि अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए 626 किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) बनाए जाएंगे. एफपीओ किसानों का एक ऐसा समूह होता है जो फसल उत्पादन के साथ-साथ कृषि से जुड़ी तमाम व्यावसायिक गतिविधियां चलाता है.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज