MP By-Election 2020: सांवेर सीट पर कांग्रेस और बीजेपी दोनों प्रत्याशी करोड़पति

सिलावट कांग्रेस छोड़ बीजेपी में गए हैं और गुड्डू वापस कांग्रेस में लौटे हैंं.
सिलावट कांग्रेस छोड़ बीजेपी में गए हैं और गुड्डू वापस कांग्रेस में लौटे हैंं.

MP By-Election 2020: सांवेर में इस बार दो दिग्‍गज नेताओं के बीच टक्कर है. चुनाव आयोग (Election commission) ने इसको देखते हुए सांवेर में अपने 70 टीमें तैनात किए हैं.

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इंदौर. सांवेर विधान सभा सीट के लिए हो रहे उपचुनाव (By-Election) में बीजेपी और कांग्रेस दोनों प्रत्याशी करोड़पति हैं. कांग्रेस प्रत्याशी प्रेमचंद गुड्डू  की संपत्ति बीजेपी प्रत्याशी मंत्री तुलसी सिलावट से 10 गुना ज्यादा है. गुड्डू के पास 87 करोड़ की संपत्ति है तो जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट के पास 9 करोड़ की संपत्ति है. इसीलिए चुनाव आयोग (Election Commission) की नजर भी सांवेर पर है.आशंका है कि चुनाव में धनबल और बाहुबल का उपयोग हो सकता है.

सांवेर विधानसभा उपचुनाव में मुख्य मुकाबला बीजेपी के तुलसीराम सिलावट और कांग्रेस के प्रेमचंद गुड्‌डू के बीच है.बुधवार को जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने नामांकन भरा तो वहीं,अगले दिन गुरुवार को प्रेमचंद गुड्‌डू ने नामांकन दाखिल किया.दोनों ने ही नामांकन के साथ अपनी आय का शपथ पत्र भी दिया है.उसके मुताबिक कांग्रेस प्रत्याशी प्रेमचंद गुड्डू के पास बीजेपी के तुलसीराम सिलावट से 10 गुना ज़्यादा की संपत्ति है. गुड्डू ने नामांकन के साथ दिए गए शपथ पत्र में अपनी चल संपत्ति 24 करोड़ की और अचल संपत्ति 40 करोड़ से ज्यादा की बताई है.इस तरह वे 64 करोड़ की संपत्ति के मालिक हैं जबकि उनकी पत्नी के पास 23 करोड़ संपत्ति है,दोनों की संपत्ति मिलाएं तो वे 87 करोड़ की संपत्ति होती है.गुड्डू की पत्नि के पास ज्वेलरी तो नहीं है लेकिन उनके पास लाइसेंसी बंदूक जरूर है.

प्रेमचंद गुड्डू की संपत्ति
- शेयर बाजार और म्युच्युल फंड में निवेश
- संपत्ति से आ रहे किराए,पेंशन,बैंक ब्याज और खेती से आय


- 2018 में सालाना आय 1.07 करोड़ रुपए तक थी जो 2020 में घटकर 41 लाख रुपए के करीब हुई
- गुड्‌डू के पास 5 लाख 83 हजार का सोना और सवा तीन लाख की चांदी
- गुड्डू की पत्नी के पास कोई ज्वेलरी नहीं,पत्नी के नाम एक बंदूक।
- प्रेमचंद गुड्डू के पास 2011 माडल की एक कार।
- प्रेमचंद गुड्डू पर 65 लाख का लोन।
- गुड्डू पर साल 2004 में महाकाल मंदिर में शासकीय काम में बाधा का प्रकरण
- मामले में छह माह की सजा,बाद में विशेष कोर्ट में न्यायालय उठने तक की सजा दी
- इस मामले में अपील हाईकोर्ट में लंबित है।
- उन पर एक मारपीट का और हाल ही में धारा 188 का भी मामला दर्ज

सिलावट भी हैं करोड़पति
सांवेर से चार बार विधायक रहे मध्यप्रदेश सरकार के जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने अबकी बार भाजपा प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया. नामांकन के साथ उन्होंने जो शपथ पत्र दिया है,उसके मुताबिक उनकी संपत्ति दो साल पहले हुए विधानसभा चुनाव से करीब 6 गुना बढ़ गई है. उनकी पत्नी की संपत्ति में भी इजाफा हुआ है. 2018 में उनके पास 8.36 लाख की चल संपत्ति थी जो अब बढ़कर 50.97 लाख हो गई है. वहीं, उन्होंने पत्नी के पास 40 लाख 89 हजार रुपए की चल और 2 करोड़ 54 लाख रुपए की अचल संपत्ति का जिक्र किया है. शपथ पत्र में भाजपा प्रत्याशी तुलसी सिलावट के पास कुल चल संपत्ति 50 लाख 97 हजार और अचल संपत्ति 6 करोड़ 8 लाख रुपए बताई है.उनकी पत्नी के नाम पर 40 लाख 89 हजार रुपए की चल और 2 करोड़ 54 लाख रुपए की अचल संपत्ति है यानि वे तकरीबन 10 करोड़ की संपत्ति के मालिक हैं. उनकी पत्नि के पास के पास एक पुरानी कार 15.89 लाख का सोना और 2.25 लाख के जेवर हैं.

तुलसी सिलावट की संपत्ति
- अचल संपत्ति 5.68 करोड़ से 6 करोड़ 8 लाख हुई
- पत्नी के पास एक पुरानी कार,15.86 लाख का सोना,2.25 लाख के जेवर
- तुलसी सिलावट के पास कुल चल संपत्ति 50 लाख 97 हजार रुपए और अचल संपत्ति 6 करोड़ 8 लाख रुपए
- पत्नी के नाम पर 40 लाख 89 हजार रुपए की चल और 2 करोड़ 54 लाख रुपए अचल संपत्ति
- एक साल 11 महीने पहले हुए विधानसभा चुनाव की तुलना में उनकी चल संपत्ति में छह गुना की बढ़ोतरी हुई
- बैंक ऑफ बडौदा के बैंक खाते में 39 लाख 88 हजार 113 रुपए
- पत्नी के यूनियन बैंक के खाते में 17 लाख 95 हजार 363 रुपए
- एसबीआई के खाते में 11382 और सेंट्रल बैंक में 1 लाख 58 हजार 692 रुपए जमा
- पत्नी के एसबीआई के खाते में 11 हजार जबकि लक्ष्मी विलास बैक में 2 लाख 83 हजार रुपए जमा
- मंत्री सिलावट के पास 2 लाख 26 हजार का सोना-चांदी जबकि पत्नी के पास 15 लाख 86 हजार की ज्वेलरी.
- सिलावट के नाम पर 16 लाख से ज्यादा का बैंक लोन
- 11 लाख 17 हजार रुपए की सालाना आय
- शपथ पत्र में 7.2 एकड़ खेती की जमीन,दुकान,आवास और अन्य अचल संपत्ति का जिक्र
- 2018 में उन पर प्रतिबंधात्मक धारा के उल्लंघन का केस था. अब उन पर कोई आपराधिक केस नहीं है,

कांटे की है टक्कर
बहरहाल,सांवेर की बात की जाय तो दोनों प्रत्याशी किसी से कम नहीं है. यही कारण है कि दोनों के बीच कांटे का मुकाबला है. लेकिन असल फैसला तो जनता को करना है. वो किसके सिर जीत का सेहरा बांधती है.
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