MP by Election : सांवेर में कौन जीतेगा तुलसी या गुड्डू, ज़्यादा वोटिंग ने बढ़ायी धड़कनें

तुलसीराम सिलावट पिछली बार कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते थे.
तुलसीराम सिलावट पिछली बार कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते थे.

कोरोना संक्रमण (Corona virus) के इस दौर में पार्टियों का अनुमान था कि अधिक से अधिक 50 से 55 प्रतिशत मतदान हो पाएगा.लेकिन मतदान (Voting) अनुमान से कहीं अधिक हुआ है. इसलिए हार जीत के समीकरण भी बिगड़ गए हैं

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इंदौर.सांवेर विधानसभा उप चुनाव (Assembly by Election) में मतदान संपन्न होने के बाद उम्मीदवार लगातार अपने कार्यकर्ताओं से क्षेत्रवार वोटिंग की जानकारी लेकर जीत का आंकलन कर रहे हैं. उनकी धड़कने बढ़ीं हुई हैं. बीजेपी के तुलसीराम सिलावट और कांग्रेस (Congress) के प्रेमचंद गुड्डू अपने-अपने हिसाब से जीत के दावे कर रहे हैं.कांग्रेस को शहरी क्षेत्र में कम वोटिंग में उम्मीद नजर आ रही है तो भाजपा को पार्टी के परंपरागत वोट बैंक पर भरोसा है.

मध्यप्रदेश की 28 विधानसभा सीटों पर मतदान संपन्न होने के बाद अब सबको 10 नवंबर का इंतजार है. फिलहाल उम्मीदवार अपने कार्यकर्ताओं से क्षेत्रवार वोटिंग की जानकारी लेकर जीत का आंकलन करने में जुटे हुए हैं. कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सदाशिव यादव का कहना है कि ये चुनाव नहीं सत्य और असत्य और जनता का ज्योतिरादित्य सिॆधिया और तुलसी सिलावट खिलाफ युद्ध है. जिस तरह उन्होने पार्टी से गद्दारी की है उससे आम कार्यकर्ता इनसे बदला लेने के लिए लालायित है. इसलिए सांवेर सीट कांग्रेस हजारों मत से जीतेगी.

तगड़ी लीड से जीत का दावा
सांवेर विधानसभा सीट पर पिछली बार तुलसी सिलावट कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में बेहद कम मतों के अंतर से जीत पाए थे. तब भाजपा उम्मीदवार को सीमावर्ती और शहरी क्षेत्र से अच्छी बढ़त मिली थी.कुछ जगह जातिगत समीकरणों के मामले में भाजपा हमेशा मजबूत रहती है. इस बार भी उसे परंपरागत वोट बैंक पर ही भरोसा है. बीजेपी का कहना है इस बार सांवेर विधानसभा क्षेत्र में शिवराज सिंह की लहर रही है. डेढ़ साल में कांग्रेस सरकार ने कोई विकास नहीं किया.हमने छह महीने में कई महत्वपूर्ण काम शुरू किए हैं. जनता भाजपा के साथ है और तगड़ी लीड से जीत होगी.



ज्यादा वोटिंग ने गड़बड़ाए समीकरण
28 सीटों पर हुए उपचुनाव में कई जगह रिकॉर्ड मतदान हुआ है तो कई जगह कम वोटिंग हुई है. इसे लेकर प्रत्याशियों के साथ ही पार्टियां भी आंकलन करने में जुटी हुई हैं. कोरोना संक्रमण के इस दौर में पार्टियों का अनुमान था कि अधिक से अधिक 50 से 55 प्रतिशत मतदान हो पाएगा.लेकिन मतदान अनुमान से कहीं अधिक हुआ है. इसलिए हार जीत के समीकरण भी बिगड़ गए हैं. कांग्रेस को बीजेपी की बराबरी तक आने के लिए 20 सीटों की जरूरत है. वहीं अपनी दम पर सरकार बनाने के लिए बीजेपी को मात्र 8 सीट ही चाहिए. ऐसे में अब ये देखना दिलचस्प होगा कि जनता का फैसला किस ओर रहता है.
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