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    देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में अब सरकारी दफ्तरों से दलालों की 'सफाई'

    वेबकैम से दलालों पर नज़र रखी जा रही है
    वेबकैम से दलालों पर नज़र रखी जा रही है

    इंदौर (Indore) कलेक्टर को पिछले कुछ समय लगातार शिकायत मिल रही थी कि सरकारी दफ्तरों में दलाल (brokers) हावी हैं. ये दलाल काम करवाने की आड़ में अधिकारियों और जनता से मिलीभगत कर दलाली वसूलते हैं.

    • News18Hindi
    • Last Updated: November 16, 2020, 10:33 AM IST
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    इंदौर. देश का सबसे स्वच्छ शहर (cleanest city) इंदौर (Indore) एक बड़ी समस्या से जूझ रहा है. इससे निपटने के लिए प्रशासन नया सफाई अभियान चला रहा है. ये है दलालों के खिलाफ सफाई अभियान ताकि आम जनता को राहत मिल सके. इंदौर कलेक्ट्रेट से लेकर दूसरे दफ्तरों में दलालों का कब्ज़ा है. लोगों की शिकायतें और परेशानियां बढ़ीं तो अब कलेक्टर के आदेश पर दलालों के खिलाफ अभियान छेड़ा गया है. इसमें छापे से लेकर सीसीटीवी तक की मदद ली जा रही है.

    इंदौर के सरकारी दफ्तरों पर दलालों का बोलबाला हो गया है. कलेक्टर कार्यालय सहित विभिन्न दफ्तरों में जहां देखो वहां दलालों के सक्रिय होने की खबर मिल रही थी. लोग परेशान थे कि उनके आसान से काम भी मुश्किल से हो पा रहे हैं. शिकायतें बढ़ीं तो प्रशासन सतर्क हुआ और उसने दलालों के खिलाफ अभियान छेड़ दिया.

    वैबकैम से नज़र
    दलालों के खिलाफ अभियान में उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है. बीते दिनों कलेक्टर कार्यालय से मिली जानकारी के बाद अलग अलग ठिकानों पर छापे मार कार्रवाई की गयी. वहां से कई सरकारी दस्तावेज जब्त किये गए थे. कलेक्ट्रेट के बाद नया ठिकाना इंदौर विकास प्राधिकरण का दफ्तर बना. यहां भी दलालों के विरुद्ध अभियान छेड़ा गया. इंदौर विकास प्राधिकरण के सीईओ विवेक क्षोत्रिय के निर्देश पर हो रही कार्रवाई में दफ्तर में लगे वेबकैम से दलालों पर नज़र रखी जा रही है. इसी के साथ विभिन्न आवेदनों में दर्ज मोबाइल नंबरों पर भी नज़र रखना शुरू किया. इस पर ध्यान दिया गया कि प्राधिकरण में लगी एकल खिड़की पर वो कौन लोग हैं जो बार-बार आ रहे हैं. बार-बार आने वाले व्यक्तियों की पहचान कर ली गई है. उसके बाद प्राधिकरण ने इनसे संपर्क और सहयोग करने वाले विभागीय कर्मचारियों की भी पहचान भी कर ली है.
    ये हैं दलालों के अड्डे


    दलाल सबसे ज्यादा संपदा शाखा में सक्रिय रहते हैं. दलालों से मिलीभगत के कारण दो कर्मचारी पहले ही निलंबित किये जा चुके हैं और कुछ निशाने पर हैं. कुछ कर्मचारी ऐसे हैं, जिनकी ड्यूटी योजनाओं में है, लेकिन वो परिसर में पाए जाते हैं. ऐसे लोगों की अब सीसीटीवी कैमरे से निगरानी होगी और उन पर दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी.

    कलेक्टर को मिली थी शिकायत
    इंदौर कलेक्टर को पिछले कुछ समय लगातार शिकायत मिल रही थी कि सरकारी दफ्तरों में दलाल सक्रिय हैं. ये दलाल काम करवाने की आड़ में अधिकारियों और जनता से मिलीभगत कर दलाली वसूलते हैं. शिकायत मिलने पर अधिकारी सख्त हो गए और दलालों के खिलाफ मुहिम छेड़ दी.
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