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इंदौर में कोविड पॉजिटिव का आंकड़ा 50 हजार के पार, पिछले 20 दिन में मिले 10 हजार नये मरीज़

इंदौर में कोरोना का पहला मरीज़ 24 मार्च को मिला था.
इंदौर में कोरोना का पहला मरीज़ 24 मार्च को मिला था.

राहत की बात ये है कि कोरोना (Corona) से मरने वालों की संख्या लगातार कम हो रही है. पहले 10 हजार मरीजों (Patients) में से 344 की मौत हुई थी जबकि अंतिम 10 हजार में यह आंकड़ा 80 से भी कम रहा.

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इंदौर.इंदौर (Indore) में कोरोना संक्रमितों (Corona infected) का आंकड़ा 50 हजार के पार कर गया है. इसमें से 10 हजार मरीज़ तो अकेले पिछले 20 दिन में मिले हैं. इससे सबकी चिंता बढ़ गयी है. पिछले 24 घंटे में 5021 संदिग्ध मरीजों की जांच की गई उसमें से 416 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. इन्हें मिलाकर इंदौर में अब तक कुल संक्रमितों का आंकड़ा 50 हजार 332 हो गया है.

अब तक 826 की मौत, 45 हजार स्वस्थ हुए
तजा़ मेडिकल बुलेटिन में 4 और मरीजों की मौत की पुष्टि की गयी है. इन्हें मिलाकर अब इंदौर में कोरोना से मरने वालों की संख्या 826 पर पहुंच गई है. हालांकि इस बीच विभिन्न अस्पतालों से 440 मरीज़ संक्रमण मुक्त होने पर डिस्चार्ज भी किए गए. इन्हें मिलाकर अब तक 45,072 लोग कोरोना से संक्रमण मुक्त होकर अपने घर लौट चुके हैं. वहीं फिलहाल 4434 संक्रमित मरीजों का इलाज चल रहा है.


संक्रमण की दर दोगुनी


अगर इंदौर में क्षेत्रवार संक्रमित मरीज़ मिलने की बात की जाए तो विजय नगर में सबसे ज्यादा 11 पॉजिटिव मरीज मिले हैं. इसी तरह केशव पार्क महू में 7, सुदामा नगर में 6, सुखलिया, पिपलियाहाना, लसूडिय़ा में 5-5 संक्रमित मरीज मिले हैं. इंदौर में 24 मार्च को कोरोना संक्रमितों के मिलने का सिलसिला शुरू हुआ था. जो अब 50 हजार के पार पहुंच गया है. संक्रमितों का आंकड़ा जीरो से 10 हजार तक पहुंचने में करीब पांच महीने का समय लगा था,लेकिन अंतिम 10 हजार मरीज़ केवल 20 दिन में बढ़ गए.पहले पौने दो लाख से ज्यादा सैंपल्स की जांच के बाद 10 हजार मरीज मिले थे. लेकिन अभी 10 हजार मरीज एक लाख से भी कम सैंपल जांच में मिल गए.यानी संक्रमण की दर दोगुनी हो गई है.

मृत्यु दर घटी
हालांकि राहत की बात ये है कि कोरोना से मरने वालों की संख्या लगातार कम हो रही है. पहले 10 हजार मरीजों में से 344 की मौत हुई थी जबकि अंतिम 10 हजार में यह आंकड़ा 80 से भी कम रहा. शहर में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 16 अगस्त को 10 हजार पर पहुंचा था यानि पहला मरीज मिलने के 145 दिन बाद ये आंकड़ा था उसके बाद 21 सितंबर को आंकड़ा 20 हजार, 13 अक्टूबर को 30 हजार, 26 नवंबर को 40 हजार और 16 दिसंबर को 50 हजार पर पहुंच गया.चिंतित होने वाली ये है कि जैसे-जैसे संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है, वैसे-वैसे इसकी संक्रमण दर भी बढ़ रही है.

आंकड़ों में समझें
पहले 10 हजार मरीज 145 दिन में मिले थे जबकि दूसरे 36 दिन में. वहीं आखिरी 10 हजार तो सिर्फ 20 ही दिन में मिल गए.चिंता करने वाली ये बात है कि पहले दस हजार के मुकाबले अंतिम 10 हजार में संक्रमण की दर लगभग दोगुनी हो गई. पहले 10 हजार में संक्रमण की दर 5.61 प्रतिशत थी,लेकिन अंतिम 10 हजार में संक्रमण की दर 9.82 प्रतिशत पर आ गई. लेकिन राहत की बात ये है कि पहले 10 हजार के मुकाबले अंतिम 10 हजार में मृत्यु दर में पांच गुना कमी आई है.
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