MP: आज जेल में बंद कंप्‍यूटर बाबा से नहीं मिलेंगे दिग्विजय सिंह, इस वजह से टला इंदौर दौरा

दिल्ली में बैठक बुलाए जाने को लेकर वे दिल्ली हुए रवाना हुए हैं. (फाइल फोटो)
दिल्ली में बैठक बुलाए जाने को लेकर वे दिल्ली हुए रवाना हुए हैं. (फाइल फोटो)

दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) आज अचानक दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं. बैठक बुलाए जाने को लेकर वे दिल्ली रवाना हुए हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 9, 2020, 10:32 AM IST
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भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) में एक बड़ी खबर सामने आई है. पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने अपना इंदौरा दौरा टाल दिया है. उनकी सोमवार को इंदौर की जेल में बंद कंप्यूटर बाबा (Computer Baba) से मुलाकात होनी थी. कहा जा रहा है कि दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) आज अचानक दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं. बैठक बुलाए जाने को लेकर वे दिल्ली हुए रवाना हुए हैं.

दरअसल, मध्य प्रदेश में कभी कैबिनेट मंत्री का दर्जा हासिल करने वाले और कांग्रेस पार्टी के करीबी रहे कंप्यूटर बाबा परेशानी में घिर गए हैं. इंदौर में प्रिवेंटिव डिटेंशन के तहत कंप्यूटर बाबा उर्फ नामदेव दास त्यागी को पुलिस ने रविवार को हिरासत में लेकर सेंट्रल जेल भेज दिया था. प्रशासन की इस कार्रवाई के तहत कंप्यूटर बाबा सहित 7 लोगों को जेल भेजा गया है. इसके अलावा इंदौर में स्थित उनके आश्रम को भी तोड़ने की कार्रवाई की गई. कंप्यूटर बाबा के खिलाफ इस कार्रवाई का राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने विरोध किया था. वहीं, कल मामले को लेकर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने ट्वीट करते हुए कहा था कि इंदौर में बदले की भावना से कंप्यूटर बाबा का आश्रम व मंदिर बिना किसी नोटिस दिए तोड़ा जा रहा है. यह राजनैतिक प्रतिशोध की चरम सीमा है. मैं इसकी निंदा करता हूं.

कंप्यूटर बाबा को कांग्रेस पार्टी ने स्टार प्रचारक का दर्जा दिया था
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में विधानसभा की 28 सीटों के लिए हुए उपचुनाव में कंप्यूटर बाबा को कांग्रेस पार्टी ने स्टार प्रचारक का दर्जा दिया था. इसके तहत नामदेव दास त्यागी ने विभिन्न विधानसभा सीटों पर ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ पार्टी के उम्मीदवारों के समर्थन में वोट मांगे थे. कांग्रेस पार्टी के करीबी रहे कंप्यूटर बाबा अपने बयानों की वजह से अक्सर चर्चा में रहते हैं. प्रदेश में 15 साल बाद सत्ता में लौटी कांग्रेस सरकार से सिंधिया समर्थक विधायकों के इस्तीफे के बाद भी कंप्यूटर बाबा के बयान सुर्खियों में आए थे. बहरहाल, अब देखना है कि जब बाबा आश्रम पर सरकार ने हथौड़ा चलाया है, तो इस हालात से वे कैसे निपटते हैं.
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