जब पूर्व मंत्री ने इस तरह अपने ही नगर अध्यक्ष को दिखाई अंगुली, कह दीं इस तरह की बातें

मप्र के पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने इस तरह बाकलीवाल को डांटा.

मप्र के पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने इस तरह बाकलीवाल को डांटा.

कांग्रेस के पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने नगर अध्यक्ष विनय बाकलीवाल को डांट लगाई. बाकायदा पटवारी ने बाकलीवाल को अंगुली दिखाई और कहा नगर अध्यक्ष आप भी चुप हो जाओ. इस पर बाकलीवार का चेहरा लाल पड़ गया.

  • Last Updated: February 22, 2021, 7:51 AM IST
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इंदौर. कांग्रेस के संभागीय कार्यकर्ता सम्मलेन में मंच पर पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने शहर कांग्रेस अध्यक्ष विनय बाकलीवाल को डांट लगाकर सार्वजनिक रुप से बेइज्जत कर दिया. दरअसल जब कांग्रेस के कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी बोलने के लिए खडे़ हुए तो कार्यकर्ता नारेबाजी करने लगे. इसे देखकर जीतू पटवारी ने कार्यकर्ताओं को शांत रहने के लिए कहा.

इस बीच विनय बाकलीवाल भी कार्यकर्ताओं को शांत कराने लगे, इस पर जीतू पटवारी ने उंगली दिखाते हुए कहा कि अध्यक्ष जी जरा आप भी चुप रहो. इस पर विनय बाकलीवाल ने कहा हम तो चुप हैं. मंच पर अपने आपको बेइज्जत होता देख उनका चेहरा लाल पड़ गया. मामला हाईकमान तक पहुंचा तो सफाई भी सामने आ गई.

पार्टी के वरिष्ठ नेता ने दी ये सफाई

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने सफाई दी कि आजकल नई पीढ़ी में एक चलन हो गया है कि मैं ही सबसे अच्छा भाषण दे सकता हूं. इसलिए वे अपने भाषण के बीच में डिस्टरबेंस पसंद नहीं करते. हालांकि अच्छे-अच्छे भाषण देने वाले हैं जो तथ्यात्मक भाषण देते हैं. जिस अध्यक्ष के बैनर तले ये सम्मेलन था उसकी गरिमा बनाए रखना कमलनाथ जी का भी काम था, सज्जन वर्मा का भी काम था, जीतू पटवारी का भी काम था. वर्मा ने कहा कि अब इस पर मंथन करना चाहिए. मंथन का दौर है. जीतू पटवारी से कहेंगे कि थोड़ा सा नरम हो जाओ, क्योंकि कड़क होने से साख टूट जाती है.
पार्टी के ही नियम को तोड़ते रहे कार्यकर्ता

शहर कांग्रेस ने हाल में झंडे, बैनर, तख्तियां प्रतिबंधित की थी लेकिन पूर्व पार्षद चिंटू चौकसे और दूसरे दावेदारों के समर्थक निर्देशों को धता बता दिया. वे पूरे समय झंडे, तख्तियों के साथ नारेबाजी कर शोर मचाते रहे. जब पूर्व सीएम कमलनाथ मंच पर भाषण देने खडे़ हुए तब भी नारेबाजी चलती रही. वे मंच के आसपास से लग रहे नारों से इतना परेशान हो गए कि वे कार्यकर्ताओं पर ही भड़क गए. कमल नाथ ने मंच से ही नारे लगा रहे कार्यकर्ताओं पर अपना गुस्सा निकालते हुए कहा,आप लोग नारे बंद करते हैं या मैं अपना भाषण बंद करूं. क्या आप लोग यहां मुझे डिस्टर्ब करने आए हैं उसके बाद कार्यकर्ता शांत हुए तब जाकर कमलनाथ ने अपना भाषण पूरा किया.

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