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INDORE ने फिर बनाया रिकॉर्ड, जिले के सौ फीसदी लोगों को लगी कोरोना वैक्सीन की पहली डोज

Indore. शाम के वक़्त जैसे ही लक्ष्य शत प्रतिशत हुआ कंट्रोल रूम में ख़ुशी का माहौल हो गया. यहां पदस्थ कर्मचारी अधिकारियो ने V अर्थात विजय और वैक्सिनेशन का प्रतीक दिखाकर ख़ुशी जाहिर की. कलेक्टर मनीष सिंह ने इस कंट्रोल रूम में तैनात स्टाफ को मिठाई खिलाकर मुंह मीठा करवाया.

Indore. शाम के वक़्त जैसे ही लक्ष्य शत प्रतिशत हुआ कंट्रोल रूम में ख़ुशी का माहौल हो गया. यहां पदस्थ कर्मचारी अधिकारियो ने V अर्थात विजय और वैक्सिनेशन का प्रतीक दिखाकर ख़ुशी जाहिर की. कलेक्टर मनीष सिंह ने इस कंट्रोल रूम में तैनात स्टाफ को मिठाई खिलाकर मुंह मीठा करवाया.

Indore. शाम के वक़्त जैसे ही लक्ष्य शत प्रतिशत हुआ कंट्रोल रूम में ख़ुशी का माहौल हो गया. यहां पदस्थ कर्मचारी अधिकारियो ने V अर्थात विजय और वैक्सिनेशन का प्रतीक दिखाकर ख़ुशी जाहिर की. कलेक्टर मनीष सिंह ने इस कंट्रोल रूम में तैनात स्टाफ को मिठाई खिलाकर मुंह मीठा करवाया.

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इंदौर. इंदौर ने एक बार फिर नया कीर्तिमान रच कर समूचे भारत में अपना नाम अव्वल कर दिया है. यहां रहने वाले शत प्रतिशत नागरिकों को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लग गयी है. जैसे ही यह आंकड़ा सामने आया प्रशासनिक अमले में खुशी की लहर दौड़ गई. कलेक्टर इंदौर मनीष सिंह ने खुद इस अभियान से जुड़े अधिकारी और कर्मचारियों को मिठाई खिलाकर मुंह मीठा कराया.

मंगलवार 31 अगस्त तक इन्दौर ज़िले का लक्ष्य 28,07,559 लोगों का टीकाकरण करना था. जिले ने शाम 6 बजे ही इस लक्ष्य को पार करते हुए उससे ज़्यादा कुल 28,08,212 लोगों का टीकाकरण कर लिया.

ऐसे रचा इतिहास
टीकाकरण महाअभियान में 28 लाख से अधिक का टारगेट लिया गया था, जिसमें बहुत छोटा सा अंतर अंतिम दिनों में बचा था. ये चिंताए बढ़ा रहा था. मनीष सिंह ने इसके लिए व्यापक तैयारी की. नगर निगम, रेवेन्यू और विभिन्न विभागों से जुड़े कर्मचारियों को युद्ध स्तर पर तैनात किया गया और शत प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने का आदेश दिया. आखिरी के कुछ दिनों में जगह जगह बनाये गए सेंटर्स पर टीका लगवाने पर लकी ड्रा की भी व्यवस्था की गई. कई आकर्षक उपहार देखकर और जागरूकता के कारण बड़ी संख्या में लोग टीकाकरण केंद्र पहुंचे. उसके बाद भी जो बच गए उन्हें चिन्हित कर उनके घर घर जाकर टीका लगाया गया. कुछ ऐसे लोग भी मिले जो घर पर नहीं थे बल्कि दुकान, खेत, कुएं या बाजार गए हुए थे. उनके ठिकाने पर पहुंच कर टीम ने उन्हें टीका लगाया. मंगलवार 31 अगस्त तक इन्दौर ज़िले का लक्ष्य 28,07,559 लोगों का टीकाकरण करना था. जिले ने शाम 6 बजे ही इस लक्ष्य को पार करते हुए उससे ज़्यादा कुल 28,08,212 लोगों का टीकाकरण कर लिया.

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कलेक्टर ने खिलाई मिठाई
टीकाकरण केंद्र की मॉनटरिंग करने के लिए अत्याधुनिक कंट्रोल रूम बनाया गया. यहां सारी जानकारी अपडेट हो रही थी. टीका अलगते ही रिकार्ड अपडेट हो जाता था. शाम के वक़्त जैसे ही लक्ष्य शत प्रतिशत हुआ कंट्रोल रूम में ख़ुशी का माहौल हो गया. यहां पदस्थ कर्मचारी अधिकारियो ने V अर्थात विजय और वैक्सिनेशन का प्रतीक दिखाकर ख़ुशी जाहिर की. कलेक्टर मनीष सिंह ने इस कंट्रोल रूम में तैनात स्टाफ को मिठाई खिलाकर मुंह मीठा करवाया. उसके बाद सोशल मीडिया पर बधाई का दौर शुरू हो गया. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित विभिन्न मंत्रियों ने ट्वीट कर बधाई दी.

इंदौर के नाम कई रिकॉर्ड
इंदौर स्वच्छता, स्मार्ट सिटी, वाटर प्लस, जैसे कई कीर्तिमान पहले ही रच चुका है. ऐसे में वैक्सीनेशन महाभियान पर पिछले कुछ समय से प्रशानिक अमला जान झोंक रहा था. उसी का फल है कि इंदौर ने नया कीर्तिमान रच दिया. मंगलवार शाम तक इंदौर ऐसा जिला घोषित हो गया जहां रहने वाले शत प्रतिशत नागरिकों को टीके का पहला डोज लग चुका है. सम्पूर्ण देश में दस लाख की आबादी वाले जिलों में इंदौर ने अपने नाम यह रिकॉर्ड किया है.

कोरोना ने मचाया था तांडव
इंदौर ही ऐसा शहर है जहा कोरोना संक्रमण की पहली और दूसरी लहर ने तांडव मचा दिया था. यहां प्रतिदिन मिलने वाले संक्रमित मरीजों की संख्या अत्यधिक रही थी. शुरुआत के कुछ दिनों में तो चिकित्सा दलों को जनता का सहयोग भी नहीं मिल रहा था. इंदौर के छत्रीपुरा, टाटपट्टी बाखल इलाके में संक्रमित मरीजों की ट्रेसिंग के लिए गयी मेडिकल टीम के साथ बदसलूकी और यहां तक कि थूका भी गया था. लेकिन प्रशासन ने सख्ती दिखाई और जागरूकता लाने के प्रयास किये. कुछ समय बाद जब टीके की बारी आयी तो यहां भी कई तरह की भ्रान्ति देखने को मिली, लेकिन प्रशासन ने जल्द ही इन सब पर नियंत्रण पा लिया. जागरूकता के साथ साथ व्यापक टीकाकरण पर ध्यान दिया.

शत प्रतिशत वैक्सीनेशन
मध्यप्रदेश में जब जब टीको के आवंटन की बात हुई तो इंदौर में भी पर्याप्त आवंटन हुआ. इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह ने शुरू से इस अभियान पर नजर रखी और समय आने पर बीच बीच में विभाग को आवश्यक निर्देश भी दिए. यही वजह है की यहां शत प्रतिशत लोगों को टीके की पहला डोज लग चुकी है.

सीएम ने मंच से लिया था वचन
बीते दिनों इंदौर प्रवास पर आये मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंच से ही जनप्रतिनिधि और जिम्मेदार अधिकारियों की टीकाकरण के काम की तारीफ करते हुए वचन लिया था कि आखिर कब तक शत प्रतिशत पहला डोज कम्प्लीट हो जाएगा. मंच से ही प्रशानिक अधिकारियों ( कलेक्टर मनीष सिंह) ने दावा किया था कि अगस्त अंत तक यह अभियान पूर्ण हो जाएगा. उसके बाद से ही सिंह ने इसे महाअभियान के तौर पर लिया और शहर के साथ साथ ग्रामीण इलाको में मोबाइल टीम को भेजना शुरू किया. जगह जगह सेंटर शुरू किये गए. कुछ ग्रामीण इलाको में ऐसे लोग थे जो टीकाकरण के लिए सेंटर पर नहीं पहुंच रहे थे. ऐसे लोगों की लिस्ट तैयार कर उनके घर पर ही अमला पहुंचा और टीके की पहला डोज लगा दी.

इंदौर जो ठान लेता है वो करके मानता है
कलेक्टर मनीष सिंह के मुताबिक़ 10 लाख से अधिक आबादी वाले जिलों में इंदौर ऐसा पहला जिला हो गया है जहां सौ फीसदी नागरिकों को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लग चुकी है. इस टारगेट को महाअभियान के तौर पर लिया गया था. इस काम में महती भूमिका नगर निगम ने निभाई है. हालांकि इस काम के लिए सभी कर्मचारी और शहर की जनता बधाई की पात्र है. इंदौर शहर ही है जो ठान लेता है वह शत्प्रतिशत हासिल करता ही है, चाहें वह स्वच्छता हो, स्मार्ट सिटी हो, वाटर प्लस हो या फिर पहले डोज का शत-प्रतिशत हो.

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