MP में सूखे के हालात, बारिश के लिए इंद्र देव की शरण में पहुंचीं पूर्व LS स्पीकर सुमित्रा महाजन

पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने अच्छी बारिश के लिए भगवान शिव की पूजा की और इंद्र देव को मनाया.

Drought Conditions In MP: बारिश की कामना के साथ इंदौर में पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने रुद्राभिषेक किया. उनका कहना है कि इससे बारिश अच्छी होगी. प्रदेश में कई जिलों में मानसून (Monsoon) का एक महीना निकलने के बावजूद पानी नहीं गिरा है.

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इंदौर. पूरे मध्यप्रदेश में बारिश न होने से सूखे के हालात बनते दिखाई दे रहे हैं. ऐसे में रूठे इंद्र देवता का मनाने के लिए इंदौर के प्राचीन इंद्रेश्वर महादेव मंदिर में पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने रुद्राभिषेक कर भगवान से अच्छी बारिश की कामना की. इस आयोजन में बीजेपी विधायक आकाश विजयवर्गीय भी शामिल हुए.

रुद्राभिषेक के दौरान 11 पंडितों ने तीन घंटे तक हवन-पूजन किया. इस मौके पर सुमित्रा महाजन ने कहा कि ऐसी मान्यता है कि इस मंदिर में अभिषेक करने से कभी भी सूखे का संकट नहीं पड़ता. इसलिए हम लोगों ने यहां पूजा-अर्चना की और ऊं नम: शिवाय का जाप किया. भगवान से अच्छी बारिश की कामना करते हुए माला भी फेरी.

बारिश न होने से लोग परेशान
बीजेपी विधायक आकाश विजयवर्गीय ने कहा कि इस बार मानसून लेट हो गया. इस वजह से लोग परेशान हैं. पानी न बरसने से किसानों को खासी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है. इसलिए ताई के नेतृत्व में हम लोगों ने यहां इंद्रेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना कर जल्द बारिश होने की कामना की है और इंद्रेश्वर महादेव भगवान हम लोगों की प्रार्थना सुनेंगे और पूरे प्रदेश में अच्छी बारिश होगी.

आसमान पर टकटकी लगाए बैठे हैं किसान
गौरतलब है कि मानसून का एक महीना निकलने के बावजूद एमपी में बारिश न होने से किसानों की फसलें सूखने की कगार पर पहुंच गईं हैं. भीषण गर्मी और उमस ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है. पिछले एक महिने से चिलचिलाती धूप से हर शख्स परेशान दिखाई दे रहा है. किसान टकटकी लगाए आसमान की तरफ निहार रहे हैं कि कहीं से बारिश हो जाए और वे अपनी फसल की बोवनी शुरू कर पाएं. पानी न बरसने से धान की फसल की बोवनी तक नहीं हो पाई है और जिन किसानों ने बोवनी कर दी थी उनकी फसल सूखने की कगार पर पहुंच गई है.

भोपाल में सूखे का 11, ग्वालियर में 19 साल का रिकार्ड टूटा
इस महीने सूखे का सालों पुराना रिकॉर्ड भी टूट गया है. गर्मी और उमस की वजह से जनता परेशान है. लोगों को बारिश का इंतजार है. खासकर इस साल भोपाल (Bhopal) में जुलाई में पिछले 11 साल के मुकाबले सबसे ज़्यादा सूखा रहा. इस महीने सिर्फ दो दिन बारिश हुई. 2015 में जुलाई में 12 दिन सूखे बीते थे. 11 साल में कभी भी जुलाई इतना सूखा नहीं बीता. वहीं, ग्वालियर में जुलाई में सूखे ने 19 साल का रिकॉर्ड टूटा है. जुलाई के 16 दिन में 5 दिन में महज़ 24 मिलीमीटर बारिश (Rain) हुई.

भीषण गर्मी, उमस, लू जैसा मौसम
पूरे प्रदेश में मानसून की बेरुखी की वजह से भीषण गर्मी और लू जैसे हालात हैं. बारिश का ब्रेक अभी दो-तीन दिन और बना रहेगा. फिलहाल प्रदेश में बारिश के आसार नहीं है. जुलाई का पहला पखवाड़ा बीत चुका है, लेकिन झमाझम बारिश के लिए अभी भी लोग तरस रहे हैं. राजधानी भोपाल में भीषण गर्मी और उमस ने बेचैनी बढ़ा दी है. बारिश के सीजन में जुलाई और अगस्त में सर्वाधिक बरसात होती है, लेकिन इस बार जुलाई के पहले 15 दिनों में बरसात नहीं हुई है. मौसम विभाग में बताया कि मानसून के प्रभावी होने के बाद बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में एक भी ऐसा वेदर सिस्टम नहीं बना, जिससे प्रदेश में मानसून को पर्याप्त ऊर्जा मिल सके. इस वजह से बरसात का क्रम लगभग थमा सा रहा.

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