Good News: इंदौर के 20 अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट इंस्टॉल, 62 टन सप्लाई शुरू

मध्य प्रदेश में लाखों लोगों को वैक्सीन लगाई जाएगी. स्वास्थ्य विभाग ने इसकी तैयारियां कर ली हैं. (File)

Third Wave of Corona : मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी INDORE के लिए खुशखबरी है. यहां के 20 अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट (Oxygen Plant) शुरू हो गए हैं. कोरोना की संभावित तीसरी लहर में ऑक्सीजन को लेकर परेशानी न हो इसलिए पहले से ही संकटों से निपटने की तैयारी है.

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    इंदौर. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर शहर में कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने की तैयारियों के बीच खुशखबरी मिली है. यहां के 20 अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट इंस्टॉल हो गए हैं. इनमें से 62 टन ऑक्सीजन की सप्लाई भी शुरू हो गई. इंदौर के चाचा नेहरू अस्पताल में 400 डॉक्टरों व नर्सों को मास्टर ट्रेनर्स के रूप में ट्रेनिंग दी जा चुकी है. ताकि प्लांट्स से संचालन में किसी प्रकार की कोई दिक्कत न आए. बता दें कि इस मुद्दे पर स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने हाल ही में बैठक भी की थी.

    गौरतलब है कि ACS मो. सुलेमान ने अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट को जल्द से जल्द के इंस्टॉल(Install) करने के निर्देश दिए थे. अधिकारी नहीं चाहते कि जो स्थिति कोरोना की सेकंड वेव ( Second Wave of Corona) के वक्त बनी थी, वह संभावित तीसरी लहर के बीच भी बने. इसके लिए कलेक्टर मनीष सिंह ने कमेटी बनाई है. कमेटी में ADM अभय बेड़ेकर, डॉ. निशांत खरे समेत अन्य अधिकारी हैं.

    चाचा नेहरू अस्पताल में 400 डॉ-नर्स बने मास्टर ट्रेनर
    बता दें, इंदौर के चाचा नेहरू अस्पताल में 400 डॉक्टरों व नर्सों को मास्टर ट्रेनर्स (Master Trainer) के रूप में ट्रेनिंग दी जा चुकी है. शहर के सरकारी MTH हॉस्पिटल में प्लांट की क्षमता, ऑक्सीजन सप्लाई दुरुस्त कर दी गई है. यहां एक्सपर्ट की टीम ने प्लांट ऑपरेट करके भी देख लिया है. अभी यहां 300 लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन निर्मित हो रही है. कलेक्टर की कमेटी में शामिल डॉ. निशांत खरे ने बताया कि प्लांट की हालत अच्छी है. फिलहाल यहां कोई तकनीकी परेशानी नहीं आ रही.

    निजी और सरकारी अस्पताल दोनों जगह लगे ऑक्सीजन प्लांट
    डॉ. खरे ने बताया कि फिलहाल 20 अस्पतालों में 60 मीट्रिक टन ऑक्सीजन निर्मित करने की व्यवस्था की जा चुकी है. इसमें एमटीएच, पीसी सेठी हॉस्पिटल, चाचा नेहरू सरकारी अस्पताल हैं, बाकी प्राइवेट अस्पताल हैं. बाकी अस्पतालों को भी ऑक्सीजन प्लांटट इंस्टॉलेशन के लिए कहा गया है.

    देश में हावी है कोरोना वायरस का डेल्‍टा वेरिएंट
    भारत में कोरोना वायरस (Corona virus) का डेल्‍टा वेरिएंट (Delta Variant) खतरनाक बना हुआ है. इंडियन सार्स सीओवी2 जीनोमिक्‍स कंसोर्टियम (INSACOG) के अनुसार हाल में देश के अलग-अलग हिस्‍सों से लिए गए सैंपल की जीनोम सीक्‍वेंसिंग से पता चला है कि डेल्‍टा वेरिएंट संक्रमण के लिए लगातार जिम्‍मेदार बना हुआ है. इससे ही नए कोरोना संक्रमण (Corona Infection) केस बढ़ रहे हैं. हालांकि शोध में यह बात भी सामने आई है कि टीकाकरण कोरोना वायरस के खिलाफ उच्‍च श्रेणी की सुरक्षा प्रदान कर रहा है.
    वैक्सीनेशन के बाद भी संक्रमण की वजह डेल्‍टा वेरिएंट
    वहीं कोविड-19 टीकाकरण करवाने के बावजूद संक्रमण की चपेट में वाले अधिकांश मामलों में संक्रमण की वजह कोरोना वायरस का डेल्टा स्वरूप है. हालांकि ऐसे मामलों में से महज 9.8 फीसदी में ही अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत पड़ी तथा मृत्यु दर भी 0.4 फीसदी रही. भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के एक नए अध्ययन में यह पता चला है. टीकाकरण के बाद संक्रमण होने को ‘ब्रेकथ्रू इन्फेक्शन’ (Breakthrough Infection) कहा जाता है. भारत में ‘ब्रेकथ्रू इन्फेक्शन’ यानी टीकाकरण के बाद हुए संक्रमण के मामलों की पड़ताल का यह सबसे बड़ा और पहला राष्ट्रव्यापी अध्ययन है.

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